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Israel-Hamas War: 'अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करना इस्राइल का दायित्व', गाजा के हालात पर बोले जयशंकर

Sat, 17 Feb 2024 10:01 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, म्यूनिख (जर्मनी)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, म्यूनिख (जर्मनी) Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 17 Feb 2024 10:01 PM IST
सार

Israel-Hamas War: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर फलस्तीन मुद्दे के लिए दो राष्ट्र समाधान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश अब न सिर्फ दो राष्ट्र समाधान का समर्थन कर रहे हैं। बल्कि, इसे पहले कहीं ज्यादा जरूरी मान रहे हैं।

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Increasing number of countries viewing two-state solution as 'urgent': Jaishankar on situation in Gaza
एस जयशंकर - फोटो : एक्स/डॉ. एस. जयशंकर

विस्तार

इस्राइल की सेना हमास के खिलाफ दक्षिण गाजा के रफाह में अपने जमीनी अभियान की तैयारी कर रही है। इससे पहले दुनियाभर के कई राजनेता इसकी आलोचना कर रहे हैं। वहीं, इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर फलस्तीन मुद्दे के दो राष्ट्र समाधान का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश अब न सिर्फ इसका समर्थन कर रहे हैं। बल्कि, इसे पहले कहीं ज्यादा जरूरी मान रहे हैं।

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जयशंकर ने म्यूनिख में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और जर्मनी की विदेश मंत्री अन्नालेना बेयरबॉक की मौजूदगी में एक सुरक्षा सम्मेलन में चर्चा के दौरान यह टिप्पणी की। विदेश मंत्री ने पिछले साल सात अक्तूबर को इस्राइली शहरों पर किए गए हमलों को 'आतंकवाद' करार दिया। लेकिन, इस्राइल की कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मानवीय कानून का पालन करना तेल अवीव की अंतरराष्ट्रीय दायित्व है। 

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जयशंकर ने कहा कि यह जरूरी है कि इस्राइल को (गाजा में) नागरिकों के हताहत होने को लेकर बहुत सावधान रहना चाहिए। इस्राइल-हमास संघर्ष पर भारत के स्टैंड को विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि इसके कई पहलू हैं और मोटे तौर उन्हें चार बिंदुओं में बांटा जा सकता है। उन्होंने कहा, पहला- हमें इसको लेकर स्पष्ट होना चाहिए कि सात अक्तूबर को जो हुआ वह आतंकवाद था। इसको लेकर किसी सफाई की जरूरत नहीं है। यह आतंकवाद था। दूसरा, इस्राइल जिस तरह से जवाबी कार्रवाई कर रहा है, उसे नागरिकों के हताहत होने के बारे मे बहुत सावधान रहना चाहिए। मानवीय कानून का पालन करना उसका अंतरराष्ट्रीय दायित्व है। तीसरा, बंधकों की वापसी जरूरी है। चौथा, राहत प्रदान करने के लिए एक मानवीय गलियारे और एक स्थायी मानवीय गलियारे की जरूरत है। 

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फलस्तीन मुद्दे पर भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए जयशंकर ने कहा, भारत लंबे समय से दो राष्ट्र समाधान में भरोसा रखता आया है। हमने कई दशकों से उस रुख को बनाए रखा है और मुझे लगता है कि आज दुनिया के कई और देश महसूस कर रहे हैं कि दो राष्ट्र समाधान न केवल जरूरी है, बल्कि यह पहले की तुलना में और अधिक जरूरी है। 

सात अक्तूबर के हमास के हमलों के बाद से इस्राइल ने अपना सैन्य अभियान जारी रखा है। हमास ने इस्राइल के करीब 1200 लोगों की हत्या कर दी थी। इसके अलावा, 220 से ज्यादा लोगों का अपहरण कर लिया था। जिनमें कुछ को युद्ध विराम के दौरान रिहा किया गया और कुछ अभी भी हमास के कब्जे में हैं। वहीं, हमास संचालित गाजा के अधिकारियों के मुताबिक, इस्राइल के हमले में गाजा पट्टी पच्चीस हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। 

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