WEF: 'समावेशिता भारतीय आर्थिक वृद्धि का आधार, दुनिया का भरोसा बढ़ा',दावोस में आयोजित बैठक में बोले भारतीय नेता
रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का मुख्य कारण समावेशी वृद्धि रही है, क्योंकि उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि आर्थिक वृद्धि का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावोस में समावेशिता की नीति पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत आने वाले वर्षों में मुद्रास्फीति नियंत्रित रखकर आराम से छह-आठ फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर बनाए रखेगा। वैष्णव ने बृहस्पतिवार को विश्व आर्थिक मंच के एक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समावेशी वृद्धि देश के आर्थिक खाके में एक प्रमुख स्तंभ बनी हुई है। यही वजह है कि पूरी दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ रहा है।
रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का मुख्य कारण समावेशी वृद्धि रही है, क्योंकि उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि आर्थिक वृद्धि का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि इसके साथ विनिर्माण, सेवाओं और कानूनों के सरलीकरण पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत में उपलब्ध प्रतिभा सभी क्षेत्रों में बेजोड़ है और आज दुनिया भारत की नीतियों के कारण उस पर भरोसा करती है। दुनिया की तमाम कंपनियां अपने कारखाने और मूल्य श्रृंखलाएं भारत स्थानांतरित कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भूमि खरीद जैसे कुछ क्षेत्र और विभाग हैं जहां और अधिक काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने तेज वृद्धि और निजी पूंजी आना सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।
डॉलर मजबूत होने से रुपये में गिरावट : राजन
वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भारतीय रुपये में गिरावट के लिए पूरी तरह अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इसमें आरबीआई का कोई भी हस्तक्षेप भारतीय निर्यात को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने नीति निर्माताओं से अधिक नौकरियों के सृजन और घरेलू उपभोग को बढ़ावा देने पर ध्यान देने का आग्रह भी किया। यह पूछे जाने पर कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से कैसा होगा, राजन ने कहा, मुझे लगता है कि इसका मतलब अनिश्चितता है।
चंद्रबाबू नायडू ने गेट्स के साथ की स्वास्थ्य, शिक्षा में साझेदारी पर चर्चा
वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने दावोस में माइक्रोसॉफ्ट संस्थापक बिल गेट्स के साथ मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य को वैश्विक स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा एवं नवाचार केंद्र में बदलने के लिए साझेदारी पर चर्चा की।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ईंधन की कीमतें स्थिर बनाए रखने की कंपनी की प्रतिबद्धता फिर दोहराई। साथ ही कहा कि रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों और नए ट्रंप प्रशासन की ओर से दंडात्मक कार्रवाई की धमकियों का भारत पर सीमित प्रभाव ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत के अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कई स्रोत हैं।
दावोस सम्मेलन के दौरान महाराष्ट्र 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के रिकॉर्ड निवेश और करीब 15 लाख नौकरियों की प्रतिबद्धता हासिल करने में सफल रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति बढ़ते वैश्विक समुदाय के भरोसे को दिया। उन्होंने बताया कि राज्य पहले दो दिनों में 15,70,000 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर कर चुका है जो विनिर्माण से लेकर शिक्षा, प्रौद्योगिकी और नए जमाने के व्यवसायों तक पर केंद्रित हैं।
प्रमुख अमेरिकी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी जेएसडब्ल्यू डिफेंस ने तेलंगाना सरकार के साथ 800 करोड़ रुपया के एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत कंपनी राज्य में मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएवी) विनिर्माण संयंत्र लगाएगी। वहीं, अमेजन वेब सर्विसेज ने भी एक करार किया है, जिसके तहत तेलंगाना में अपने डाटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए कंपनी 60,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।