{"_id":"616be04b187b0e626961b5e8","slug":"in-afghanistan-isis-k-warns-to-shia-muslims-wherever-you-live-you-will-find-and-kill","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईएसआईएस की चेतावनी: जहां भी रहोगे...ढूंढकर मार देंगे, दो हमलों में 160 शियाओं को उतार चुका है मौत के घाट ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
आईएसआईएस की चेतावनी: जहां भी रहोगे...ढूंढकर मार देंगे, दो हमलों में 160 शियाओं को उतार चुका है मौत के घाट
Sun, 17 Oct 2021 02:05 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 17 Oct 2021 02:05 PM IST
सार
आईएसआईएस अफगानिस्तान की शांति के लिए खतरा बन गया है। आए दिन बम धमाकों ने तालिबान सरकार की भी नींद उड़ाकर रख दी है। वैश्विक समुदाय पहले से अफगानिस्तान को आतंक का गढ़ बनने की आशंका जता रहा था।
विज्ञापन
अफगानिस्तान के कुंदुज शहर में स्थित शिया मस्जिद में हुआ धमाका।
- फोटो : Social Media
विस्तार
अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद से शिया मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है। उन पर आए दिन हमले हो रहे हैं। कंधार और कुंदुज प्रांत की दो शिया मस्जिदों में पिछले दो हमलों में 160 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं तो सैंकड़ों लोग घायल हैं। इस बीच आतंकी संगठन आईएसआईएस-के की धमकी सामने आई है। उसने शिया मुसलमानों से कहा है कि वे जहां भी होंगे, उन्हें ढूंढकर मार दिया जाएगा।
विज्ञापन
घरों और केंद्रों को बनाया जाएगा निशाना
आतंकी संगठन के साप्ताहिक अल-नबा की ओर से यह चेतावनी जारी की गई है। इसमें लिखा गया है कि शिया मुसलमान खतरनाक हैं, उन्हें हर जगह निशाना बनाया जाएगा। उनके घरों और केंद्रों को निशाना बनाया जाएगा और ढूंढकर मार दिया जाएगा।
विज्ञापन
अफगानिस्तान की शांति के लिए बन रहा खतरा
तालिबान के शासन के बाद से अफगानिस्तान में अशांति फैली हुई है। एक के बाद एक आतंकी हमलों ने तालिबान सरकार की नींद उड़ा रखी है। अब तालिबान राज के बाद अफगानिस्तान में शिया मुसलमानों के लिए खतरा और बढ़ गया है। आठ अक्तूबर को कुंदुज प्रांत की एक शिया मस्जिद में नमाज के दौरान बम से धमाका किया गया था, इसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद शुक्रवार को कंधार की एक शिया मस्जिद में बम से हमला हुआ, जिसमें 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे।
विज्ञापन
आतंक का गढ़ बन रहा अफगानिस्तान
अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने विश्व समुदाय को भरोसा दिलाया था कि इस देश को आतंक का गढ़ नहीं बनने दिया जाएगा। तालिबानी नेताओं का कहना था कि हम अफगानिस्तान के अंदर शांति बहाली के लिए काम करेंगे, लेकिन पिछले दो हमले यह बताते हैं कि तालिबान अपने दावे में पूरी तरह विफल हो चुका है और आतंकी अफगानिस्तान में पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं।