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पहल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रास्ते उज्बेकिस्तान पहुंच रहा भारतीय सामान, पहली बार हुआ ऐसा  

Thu, 17 Mar 2022 06:54 PM IST
Amit Mandal वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: Amit Mandal Updated Thu, 17 Mar 2022 06:54 PM IST
सार

बुधवार को 140 टन कार्गो काबुल से उज्बेक राजधानी ताशकंद के लिए रवाना हुआ। इस सामान में ज्यादातर चीनी है। यह पहली बार है जब भारत से बड़ी मात्रा में सामान पाकिस्तान-अफगानिस्तान के जरिए किसी अन्य देश मेंं पहुंच रहा है।

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In a 1st, Indian trader exports goods to Uzbek via Pak and Afghanistan
भारत-पाकिस्तान - फोटो : PTI

विस्तार

भारत के एक निजी व्यापारी ने पहली बार चार देशों को जोड़ने वाली ऐतिहासिक व्यापार गतिविधि में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रास्ते उज्बेकिस्तान को वाणिज्यिक सामान निर्यात किया है। वॉयस ऑफ अमेरिका ने बुधवार को बताया कि 140 टन कार्गो बुधवार को ट्रक के जरिए काबुल से उज्बेक राजधानी ताशकंद के लिए रवाना हुआ। इस सामान में ज्यादातर चीनी है। तालिबान के उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता मौलाना जहीर के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि शिपमेंट एक दिन पहले पाकिस्तान से होता हुआ तोरखम सीमा पार से अफगानिस्तान की राजधानी पहुंचा।

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प्रमुख व्यापार लिंक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम
मंत्रालय ने भारतीय माल के सप्लाई की सुविधा के लिए एक विशेष समारोह का आयोजन किया। इसे अफगानिस्तान को मध्य और दक्षिण एशिया के बीच एक प्रमुख व्यापार लिंक में बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। एक पाकिस्तानी अधिकारी ने राज्य के स्वामित्व वाले अमेरिकी रेडियो ब्रॉडकास्टर को बताया कि वाणिज्यिक कार्गो मुंबई से चलना शुरू हुआ और इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तान में कराची बंदरगाह के माध्यम से अपने उज्बेक आयातक तक एक समझौते के तहत ले जाया गया। उज्बेक राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने मार्च की शुरुआत में इस्लामाबाद की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान कई अन्य दस्तावेजों के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
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किसी सरकार की नहीं रही भागीदारी
पाकिस्तानी अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि उज्बेकिस्तान जाने वाली भारतीय वाणिज्यिक खेप समझौते के तहत एक निजी तौर पर व्यवस्थित गतिविधि थी और इसमें चार देशों में से किसी की भी सरकार की भागीदारी नहीं थी। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह अब एक नियमित गतिविधि बन जाएगी और उज्बेकिस्तान पाकिस्तानी बंदरगाहों के माध्यम से कहीं से भी सामान आयात कर सकेगा। अधिकारी ने कहा कि तालिबान अधिकारी व्यापार गतिविधि को सुविधाजनक बनाने के लिए बाध्य हैं क्योंकि अफगानिस्तान जैसे जमीन से घिरे देश उज्बेकिस्तान को भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार करने के लिए पाकिस्तानी बंदरगाहों तक पहुंचने का अधिकार है।
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इस्लामाबाद अफगानिस्तान-पाकिस्तान ट्रांजिट ट्रेड एग्रीमेंट (APTTA) के रूप में पहचाने जाने वाले एक लंबे समय से चल रही द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत अन्य देशों के साथ व्यापार करने के लिए काबुल को अपने बंदरगाहों और भूमि और हवाई मार्गों का उपयोग करने की अनुमति देता है। एपीटीटीए के तहत अफगान व्यापारियों को पाकिस्तानी भूमि, हवाई और समुद्री मार्गों के माध्यम से भारत में अपना माल निर्यात करने की अनुमति है, लेकिन वे इस्लामाबाद और नई दिल्ली के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण केवल बंदरगाहों के माध्यम से भारतीय सामान आयात कर सकते हैं।

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