{"_id":"62f8b93fa9142402f5596860","slug":"imran-khan-who-opposed-america-now-will-improve-relations-by-paying-25-thousand-dollars-every-month","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Imran Khan: अमेरिका का विरोध करने वाले इमरान खान ने मानी हार, अब हर महीने 25 हजार डॉलर देकर सुधारेंगे रिश्ते","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Imran Khan: अमेरिका का विरोध करने वाले इमरान खान ने मानी हार, अब हर महीने 25 हजार डॉलर देकर सुधारेंगे रिश्ते
Sun, 14 Aug 2022 02:28 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 14 Aug 2022 02:28 PM IST
सार
पाकिस्तान के अखबार द न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पीटीआई-यूएसए अमेरिका में रजिस्टर्ड संगठन है। उसने अपनी नियमावली में कहा है कि कोई विदेशी राजनीतिक दल उसका मालिक नहीं है, ना ही किसी ऐसी पार्टी से नियंत्रित होती है।
विज्ञापन
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान
- फोटो : Social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महीनों तक देश में अमेरिका विरोधी अभियान चलाने के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने भी अमेरिका की पनाह में जाने का फैसला किया है। पार्टी ने वॉशिंगटन स्थित एक लॉबिस्ट फर्म की सेवाएं ली हैं। इसका मकसद अमेरिका सरकार के साथ पीटीआई के संबंध बेहतर करना है। साथ ही ये एजेंसी अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के लोगों से पीटीआई के संबंध प्रगाढ़ करने में भी मददगार बनेगी।
विश्लेषकों के मुताबिक पीटीआई का ये कदम उसका इस बात की स्वीकार करना है कि पाकिस्तान के सत्ता तंत्र में अमेरिका की गहरी पैठ है। सेना और खुफिया तंत्र पर अमेरिका की ऐसी पकड़ है कि अमेरिका को नाराज रखते हुए वहां सत्ता में आना बेहद मुश्किल बना रहता है। बीते अप्रैल में जब पीटीआई सरकार गिरी थी, तब इमरान खान ने आरोप लगाया था कि इसकी साजिश अमेरिका में रची गई। तब से इमरान खान और पीटीआई के दूसरे नेता सत्ताधारी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) को अमेरिका की कठपुतली बताते रहे हैं।
लेकिन अब पीटीआई की न्यूयॉर्क स्थित अमेरिका शाखा ने जो बाइडेन प्रशासन से पीटीआई के रिश्ते सुधारने के लिए फेंटॉन/अर्लूक नाम की लॉबिंग एजेंसी से करार किया है। फिलहाल ये करार छह महीनों के लिए हुआ है। उसकी सेवा के बदले लॉबिंग कंपनी को पीटीआई-यूएसए हर महीने 25 हजार डॉलर का भुगतान करेगी। लॉबिंग कंपनी से करार पर दस्तखत बीते एक अगस्त को हुआ।
विज्ञापन
पाकिस्तान के अखबार द न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पीटीआई-यूएसए अमेरिका में रजिस्टर्ड संगठन है। उसने अपनी नियमावली में कहा है कि कोई विदेशी राजनीतिक दल उसका मालिक नहीं है, ना ही किसी ऐसी पार्टी से नियंत्रित होती है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टी उसे निर्देश दे सकती है। व्यावहारिक रूप से यह आम जानकारी है कि वह इमरान खान की पार्टी से निर्देशित होती है।
करार में कहा गया है ‘फेंटॉन/अर्लूक जन संपर्क संबंधी सेवाएं देगी, जिसमें पत्रकारों को सूचनाएं देना, लेख छपवाना एवं प्रसारण करना, पीटीआई प्रतिनिधियों एवं समर्थकों के इंटरव्यू की व्यवस्था करना और सोशल मीडिया संबंधी सेवाएं शामिल हैं। लेकिन फेंटॉन/अर्लूक के साथ करार सिर्फ इन्हीं कार्यों तक सीमित नहीं होगा।’
द न्यूज के मुताबिक हाल में इमरान खान की पाकिस्तान स्थित अमेरिकी राजदूत डॉनल्ड बूम के साथ गोपनीय वीडियो वार्ता हुई। इसे भी अमेरिका के साथ संबंध बेहतर करने की पूर्व प्रधानमंत्री की कोशिशों का हिस्सा माना गया है। इन खबरों से पाकिस्तान में इमरान खान की छवि प्रभावित होने का अंदेशा है। खान ने अपने समर्थकों में इस हद तक अमेरिका विरोधी भावनाएं भड़का रखी हैं कि अब इस खबर से उन लोगों को गहरी मायूसी हो सकती है।
विज्ञापन
विश्लेषकों के मुताबिक पीटीआई का ये कदम उसका इस बात की स्वीकार करना है कि पाकिस्तान के सत्ता तंत्र में अमेरिका की गहरी पैठ है। सेना और खुफिया तंत्र पर अमेरिका की ऐसी पकड़ है कि अमेरिका को नाराज रखते हुए वहां सत्ता में आना बेहद मुश्किल बना रहता है। बीते अप्रैल में जब पीटीआई सरकार गिरी थी, तब इमरान खान ने आरोप लगाया था कि इसकी साजिश अमेरिका में रची गई। तब से इमरान खान और पीटीआई के दूसरे नेता सत्ताधारी पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) को अमेरिका की कठपुतली बताते रहे हैं।
विज्ञापन
लेकिन अब पीटीआई की न्यूयॉर्क स्थित अमेरिका शाखा ने जो बाइडेन प्रशासन से पीटीआई के रिश्ते सुधारने के लिए फेंटॉन/अर्लूक नाम की लॉबिंग एजेंसी से करार किया है। फिलहाल ये करार छह महीनों के लिए हुआ है। उसकी सेवा के बदले लॉबिंग कंपनी को पीटीआई-यूएसए हर महीने 25 हजार डॉलर का भुगतान करेगी। लॉबिंग कंपनी से करार पर दस्तखत बीते एक अगस्त को हुआ।
विज्ञापन
पाकिस्तान के अखबार द न्यूज ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि पीटीआई-यूएसए अमेरिका में रजिस्टर्ड संगठन है। उसने अपनी नियमावली में कहा है कि कोई विदेशी राजनीतिक दल उसका मालिक नहीं है, ना ही किसी ऐसी पार्टी से नियंत्रित होती है। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टी उसे निर्देश दे सकती है। व्यावहारिक रूप से यह आम जानकारी है कि वह इमरान खान की पार्टी से निर्देशित होती है।
करार में कहा गया है ‘फेंटॉन/अर्लूक जन संपर्क संबंधी सेवाएं देगी, जिसमें पत्रकारों को सूचनाएं देना, लेख छपवाना एवं प्रसारण करना, पीटीआई प्रतिनिधियों एवं समर्थकों के इंटरव्यू की व्यवस्था करना और सोशल मीडिया संबंधी सेवाएं शामिल हैं। लेकिन फेंटॉन/अर्लूक के साथ करार सिर्फ इन्हीं कार्यों तक सीमित नहीं होगा।’
द न्यूज के मुताबिक हाल में इमरान खान की पाकिस्तान स्थित अमेरिकी राजदूत डॉनल्ड बूम के साथ गोपनीय वीडियो वार्ता हुई। इसे भी अमेरिका के साथ संबंध बेहतर करने की पूर्व प्रधानमंत्री की कोशिशों का हिस्सा माना गया है। इन खबरों से पाकिस्तान में इमरान खान की छवि प्रभावित होने का अंदेशा है। खान ने अपने समर्थकों में इस हद तक अमेरिका विरोधी भावनाएं भड़का रखी हैं कि अब इस खबर से उन लोगों को गहरी मायूसी हो सकती है।