Pakistan: PTI का आरोप- 'क्रिकेट बैट' चुनाव चिह्न आवंटन में ढिलाई बरत रहा चुनाव आयोग, धांधली का लगाया आरोप
Pakistan:पीटीआई पार्टी ने ईसीपी पर क्रिकेट बैट को चुनाव चिह्न के रूप में आवंटित करने में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। पार्टी ने 2024 के आम चुनाव से पहले इस कदम को धांधली करार दिया है।
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पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने चुनाव आयोग (ईसीपी) पर आरोप लगाया है कि वह क्रिकेट बैट चुनाव चिह्न के रूप में आवंटित करने में ढुलमुल रवैया अपना रहा है। पार्टी ने आयोग के कदम को चुनाव से पहले धांधली करार दिया। पीटीआई जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी है।
पीटीआई ने भी आगे की दिक्कतों से बचने लिए ईसीपी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उसने इस बात पर भी जोर दिया कि उसने पार्टी के आंतरिक चुनाव कराने के बाद ईसीपी को सभी आवश्यक दस्तावेज पहले ही सौंप दिए हैं।
पीटीआई ने दो दिसंबर को ईसीपी के उस आदेश के बाद चुनाव कराया था, जिसमें उसके अध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के चुनाव के लिए पार्टी के भीतर नए सिरे से चुनाव कराने को कहा गया था। ताकि, क्रिकेट बैट को चुनाव चिह्न के तौर पर बरकरार रखा जा सके। उसी दिन पार्टी ने घोषणा की कि उसने इमरान खान के उम्मीदवार बैरिस्टर गौहर खान को पार्टी अध्यक्ष के रूप में चुना है।
ईसीपी ने शुक्रवार को पार्टी को उसके हालिया संगठनात्मक चुनावों को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसे धांधली और धोखाधड़ी करार दिया गया था। 'डॉन' अखबार की खबर के मुताबिक, पीटीआई के एक प्रवक्ता ने शनिवार को एक बयान में आरोप लगाया कि पीटीआई चुनाव से पहले सरकारी दमन और चल रही राजनीतिक इंजीनियरिंग का निशाना है। प्रवक्ता ने कहा कि सभी सबूत और संकेत आगामी आम चुनाव में ऐतिहासिक चुनावी धोखाधड़ी करने की राज्य की महत्वाकांक्षाओं को उजागर करने के लिए काफी हैं।
दो दिसंबर को पार्टी के भीतर चुनाव संपन्न कराने और ईसीपी को सभी जरूरी दस्तावेज सौंपने के बाद पार्टी ने ईसीपी की 'ढुलमुल चाल' पर निराशा जताई। प्रवक्ता ने कहा, 'चूंकि आम चुनाव नजदीक हैं, इसलिए ईसीपी द्वारा की गई यह देरी चुनाव पूर्व धांधली का एक गंभीर रूप है।' उन्होंने तर्क दिया कि क्रिकेट बल्ले के प्रतीक को रोकना देश के संविधान, लोकतंत्र, पारदर्शी चुनाव और लाखों पाकिस्तानियों से राजनीतिक पहचान को कमजोर करने के समान है।
प्रवक्ता ने कहा कि ये कार्रवाई लोकतंत्र विरोधी ताकतों द्वारा पार्टी को राजनीति से बाहर करने के प्रयास को दिखाती है। उन्होंने नवंबर में पीटीआई के अंतर-पार्टी चुनावों को अमान्य करने और 20 दिनों के भीतर फिर से चुनाव कराने की मांग करने के ईसीपी के फैसले की भी निंदा की।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यह देश के इतिहास में अभूतपूर्व है कि पीटीआई के संस्थापक इमरान खान ने लोकतंत्र और कानून के शासन की खातिर स्वेच्छा से पद छोड़ दिया। प्रवक्ता ने कहा कि इमरान खान ने अपने परिवार के किसी सदस्य को पार्टी की अध्यक्षता सौंपने के बजाय पार्टी के भीतर हुए चुनावों में एक सक्षम और निष्ठावान पार्टी कार्यकर्ता को अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया।