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अमेरिका में संघ की पहुंच बढ़ाएगा आरएसएस फ्रेंड्स: विदेशी एजेंट के रूप में कराया पंजीकरण, जानें क्या है लक्ष्य
Thu, 29 Oct 2026 07:26 AM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Thu, 29 Oct 2026 07:26 AM IST
सार
अमेरिका में आरएसएस के समर्थकों के समूह 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने 27 अगस्त को अमेरिकी न्याय विभाग में विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकरण कराया। समूह ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपना विदेशी प्रमुख बताया है।
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विदेशी एजेंट पंजीकरण के बाद जनसंपर्क पर जोर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्थकों के एक समूह 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने अमेरिकी न्याय विभाग में विदेशी एजेंट के रूप में पंजीकरण कराया है। समूह का उद्देश्य अमेरिका में संघ के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उसके संबंध में गलत, अधूरी या संदर्भ से हटकर दी गई जानकारी का जवाब देना है।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आरएसएस फ्रेंड्स ने 27 अगस्त को विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (एफएआरए) के तहत पंजीकरण कराया। पंजीकरण दस्तावेज में समूह ने जॉर्जिया का एक पता दिया है। उसने नई दिल्ली के केशव कुंज स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपना विदेशी प्रमुख बताया है।
गलत और अधूरी जानकारी का जवाब देना भी उद्देश्य
आरएसएस फ्रेंड्स ने अपनी प्रस्तावित गतिविधियों में ऐसी जानकारी को ठीक करना या उसका जवाब देना भी शामिल किया है, जिसे समूह संघ के बारे में गलत, अधूरा या जरूरी संदर्भ से रहित मानता है। समूह ने कहा कि आरएसएस के साथ उसका कोई लिखित रोजगार, परामर्श, लॉबिंग, जनसंपर्क या एजेंसी समझौता नहीं है, जिसमें काम का स्पष्ट विवरण, भुगतान या संचालन संबंधी विस्तृत निर्देश तय किए गए हों।
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हालांकि, समूह ने यह भी स्पष्ट किया कि लिखित समझौते का नहीं होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि दोनों के बीच कोई संबंध, अनुरोध, समझ, समन्वय, अनुमति या निर्देश नहीं हैं। उसने कहा कि वह अपनी गतिविधियों से जुड़े वास्तविक तथ्यों का खुलासा करेगा।
शैक्षणिक और जनसंपर्क गतिविधियों पर जोर
समूह के मुताबिक, उसकी प्रस्तावित गतिविधियां मुख्य रूप से सूचना देने, शिक्षा, जनसंपर्क और समुदाय से जुड़ाव पर केंद्रित होंगी। इसके तहत वह आम लोगों, पत्रकारों, मीडिया संस्थानों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक और नीति संस्थानों, सामुदायिक नेताओं तथा नागरिक समाज संगठनों से संवाद कर सकता है। लागू कानून के अनुरूप जरूरत पड़ने पर सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है।
आरएसएस फ्रेंड्स ने संघ को भारत में स्थित स्वयंसेवी और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन बताया है। पंजीकरण दस्तावेज में राजेंद्र सोनारिकर, जयंत पंत और देवानंद गड्डम को समूह के निदेशक मंडल का सदस्य बताया गया है।
कार्यक्रमों में भागीदारी भी प्रस्तावित गतिविधियों में शामिल
समूह ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामुदायिक और सूचना संबंधी कार्यक्रम आयोजित करने या उनमें हिस्सा लेने को भी अपनी प्रस्तावित गतिविधियों में शामिल किया है। इसके अलावा, संघ या उसके घोषित उद्देश्यों से जुड़े मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी और विचार साझा करने के लिए प्रशासनिक संस्थाओं, सार्वजनिक एजेंसियों तथा नीति-निर्माताओं से संपर्क करने की योजना भी बताई गई है।
मोहन भागवत के कार्यक्रम से दो दिन पहले पंजीकरण
आरएसएस फ्रेंड्स का पंजीकरण 27 अगस्त को कराया गया था। यह पंजीकरण आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क स्थित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को आयोजित ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम से दो दिन पहले हुआ था।
इस कार्यक्रम का आयोजन ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ (एएचईएडी) फोरम ने किया था।
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पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आरएसएस फ्रेंड्स ने 27 अगस्त को विदेशी एजेंट पंजीकरण अधिनियम (एफएआरए) के तहत पंजीकरण कराया। पंजीकरण दस्तावेज में समूह ने जॉर्जिया का एक पता दिया है। उसने नई दिल्ली के केशव कुंज स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को अपना विदेशी प्रमुख बताया है।
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गलत और अधूरी जानकारी का जवाब देना भी उद्देश्य
आरएसएस फ्रेंड्स ने अपनी प्रस्तावित गतिविधियों में ऐसी जानकारी को ठीक करना या उसका जवाब देना भी शामिल किया है, जिसे समूह संघ के बारे में गलत, अधूरा या जरूरी संदर्भ से रहित मानता है। समूह ने कहा कि आरएसएस के साथ उसका कोई लिखित रोजगार, परामर्श, लॉबिंग, जनसंपर्क या एजेंसी समझौता नहीं है, जिसमें काम का स्पष्ट विवरण, भुगतान या संचालन संबंधी विस्तृत निर्देश तय किए गए हों।
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हालांकि, समूह ने यह भी स्पष्ट किया कि लिखित समझौते का नहीं होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि दोनों के बीच कोई संबंध, अनुरोध, समझ, समन्वय, अनुमति या निर्देश नहीं हैं। उसने कहा कि वह अपनी गतिविधियों से जुड़े वास्तविक तथ्यों का खुलासा करेगा।
शैक्षणिक और जनसंपर्क गतिविधियों पर जोर
समूह के मुताबिक, उसकी प्रस्तावित गतिविधियां मुख्य रूप से सूचना देने, शिक्षा, जनसंपर्क और समुदाय से जुड़ाव पर केंद्रित होंगी। इसके तहत वह आम लोगों, पत्रकारों, मीडिया संस्थानों, शोधकर्ताओं, शैक्षणिक और नीति संस्थानों, सामुदायिक नेताओं तथा नागरिक समाज संगठनों से संवाद कर सकता है। लागू कानून के अनुरूप जरूरत पड़ने पर सरकारी एजेंसियों और अधिकारियों से भी संपर्क किया जा सकता है।
आरएसएस फ्रेंड्स ने संघ को भारत में स्थित स्वयंसेवी और सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन बताया है। पंजीकरण दस्तावेज में राजेंद्र सोनारिकर, जयंत पंत और देवानंद गड्डम को समूह के निदेशक मंडल का सदस्य बताया गया है।
कार्यक्रमों में भागीदारी भी प्रस्तावित गतिविधियों में शामिल
समूह ने शैक्षणिक, सांस्कृतिक, सामुदायिक और सूचना संबंधी कार्यक्रम आयोजित करने या उनमें हिस्सा लेने को भी अपनी प्रस्तावित गतिविधियों में शामिल किया है। इसके अलावा, संघ या उसके घोषित उद्देश्यों से जुड़े मुद्दों पर तथ्यात्मक जानकारी और विचार साझा करने के लिए प्रशासनिक संस्थाओं, सार्वजनिक एजेंसियों तथा नीति-निर्माताओं से संपर्क करने की योजना भी बताई गई है।
मोहन भागवत के कार्यक्रम से दो दिन पहले पंजीकरण
आरएसएस फ्रेंड्स का पंजीकरण 27 अगस्त को कराया गया था। यह पंजीकरण आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के न्यूयॉर्क स्थित मैडिसन स्क्वायर गार्डन में 29 अगस्त को आयोजित ‘यूनिवर्सल ऑननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम से दो दिन पहले हुआ था।
इस कार्यक्रम का आयोजन ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ (एएचईएडी) फोरम ने किया था।