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चोरों को चेहरा देखते ही पहचानेगा यह कैमरा, जानें कैसे करता है काम?

Tue, 12 Jan 2021 08:24 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: प्रियंका तिवारी Updated Tue, 12 Jan 2021 08:24 PM IST
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Improve the habit of stealing, Britain's AI facial recognition technology will catch you
फेस रिकॉग्निशन तकनीक से होगी चोरों की पहचान - फोटो : सोशल मीडिया

ब्रिटेन ने चोर-चक्कों को पकड़ने का एक नया तरीका इजात किया है। यहां के शॉपिंग मॉल या सुपर मार्केट से अगर अब कोई भी सामान गायब करेगा तो वह पकड़ा जाएगा। दरअसल, ब्रिटेन के शॉपिंग मॉल व सुपर मार्केट जैसी जगहों पर अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से लैस फेशियल रिकग्निशन तकनीक वाले कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे ऐसे लोगों की पहचान कर लेते हैं जो इन जगहों पर रखे सामान चुरा लेते हैं। इतना ही नहीं, यह तकनीक मास्क पहने लोगों की पहचान भी लेती है।

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चोरो की लिस्ट तैयार कर दुकानदारों को थमाई
ब्रिटेन में स्टार्टअप फेसवॉच कंपनी ने ऐसे लोगों पर लगातार नजर रखी जो रेजर, परफ्यूम, नैपीज या अन्य छोटी-मोटी चीजें अपने जेब या पर्स में रखकर चुपचाप निकल जाते हैं। इसके बाद कंपनी ने ऐसे लोगों की एक लिस्ट बनाई और उसे ब्रिटेन के सभी छोटे-बड़े दुकानों व शॉपिंग मॉल को दे दिया है।
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फेशियल रिकग्निशन तकनीक से मिलेगा अलर्ट संदेश
ऐसे लोगों के शॉपिंग मॉल या सुपर मार्केट में प्रवेश करते ही आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लैस फेशियल रिकग्निशन तकनीक दुकान के कर्मचारियों को मोबाइल एप पर एक अलर्ट का संदेश भेज देगी और यह बताएगी कि इसी दुकान से पिछली बार सामान चोरी करने वाला शख्स फिर से आ गया है।
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दुकानदारों को काफी हद तक मिली मदद
इस तकनीक के जरिये ब्रिटेन के दुकानदारों को काफी हद तक मदद मिली है। उन्हें दुकान में आने वाले चोर-चक्कों की पहचान करने में आसानी हो रही है। साथ ही इससे दुकानदारों को  यह तय करने का समय भी मिल जाता है कि ऐसे लोगों से कैसे निपटा जाए। पकड़े जाने पर चोरी करने वालों को पहली दफा शांति से दुकान या मॉल से बाहर जाने के लिए कहा जाता है। हालांकि, कई मामलों में ऐसे लोग दुकानदारों या मॉल संचालकों पर  हमला भी कर देते हैं। ऐसे में पुलिस को बुलाने की नौबत भी आ जाती है।


इस तकनीक से चोरी के 3000 से अधिक मामले रुके 
एक को-ऑपरेटिव स्टोर के प्रवक्ता ने बताया कि दुकानों से सामान चोरी से जुड़े मामलों में हिंसा पिछले सालों में 80% तक बढ़ गई है। ब्रिटेन में हर साल दुकानों से सामान चोरी के 3.40 लाख से अधिक मामले सामने आते हैं, लेकिन अब इस तकनीक की मदद से 18 महीनों में दुकानों से सामान चोरी के 3000 से अधिक मामले रोके जा चुके हैं।

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