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कोरोना के खिलाफ लड़ने वाली प्रतिरोगी कोशिकाएं भी फेफड़ों को कर सकती हैं कमजोर: शोध
Fri, 01 Jan 2021 03:59 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, स्टॉकहोम
एजेंसी, स्टॉकहोम
Published by: Kuldeep Singh
Updated Fri, 01 Jan 2021 03:59 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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स्वीडन में हुए एक शोध में दावा किया गया है कि कोरोना के खिलाफ लड़ने वाली कुछ प्रतिरोगी कोशिकाएं फेफड़ों पर गंभीर असर डालती हैं। कालोलिंस्का इंस्टीट्यूट के शोधार्थियों के मुताबिक माक्रोफेजस नामक ये कोशिकाएं फेफड़ों की गंभीर बीमारियों का कारण हो सकती हैं।
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इम्युनिटी जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक ये प्रतिरोगी कोशिकाएं खुद फेफड़ों की परत पर पैदा होती हैं। वायरस के हमले पर ये कोशिकाएं उसका खत्मा करती हैं और इस दौरान वे बाहर की हवा, बैक्टीरिया के संपर्क में भी आती हैं। इसके चलते कोशिकाओं में कुछ परिवर्तन होता है और ये सीओपीडी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती हैं।
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शोधार्थियों के मुताबिक अब तक इन मैक्रोफेजस कोशिकाओं पर बहुत अधिक अध्ययन नहीं हुआ है। ऐसे में इनको लेकर समझ बहुत अधिक नहीं है। इन कोशिकाओं का मूल और विकास की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। मानवों में ये आमतौर पर दो तरह की हाती हैं। पहली ‘क्लासिकल’ सीडी14प्लस मोनोसाइट्स और दूसरी ‘नॉन क्लासिकल’ सीडी16प्लस मोनोसाइट्स।
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