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हार्वर्ड वापसी: आईएमएफ ने कहा- अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ जनवरी में छोड़ देंगी अपना पद
Wed, 20 Oct 2021 04:12 AM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 20 Oct 2021 04:12 AM IST
सार
गीता ने कोरोना काल में काफी सराहनीय काम किया था। उनके काम के लिए आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने प्रशंसा की थी।
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गीता गोपीनाथ
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ जनवरी में अपना पद छोड़ देंगी। वे हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में लौट आएंगी। इसकी घोषणा मंगलवार को आईएमएफ ने की। बयान में कहा गया है कि हार्वर्ड ने गोपीनाथ की अनुपस्थिति की छुट्टी को एक साल के लिए बढ़ा दिया था, जिससे उन्हें तीन साल के लिए आईएमएफ में सेवा करने की अनुमति मिली।
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गोपीनाथ अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसंधान विभाग की प्रमुख हैं, जो अपने सकल घरेलू उत्पाद के विकास के पूर्वानुमानों के साथ त्रैमासिक विश्व आर्थिक आउटलुक रिपोर्ट तैयार करता है। गीता ने कोरोना काल में काफी सराहनीय काम किया था। उनके काम के लिए आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने प्रशंसा की थी।
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जॉर्जीवा ने एक बयान में कहा कि हमारी सदस्यता में गीता का योगदान वास्तव में उल्लेखनीय है, उनका स्वभाव काफी सरल रहा और आईएमएफ के काम पर उनका प्रभाव जबरदस्त रहा है। हमें उनकी तेज बुद्धि और अंतरराष्ट्रीय वित्त और मैक्रोइकॉनॉमिक्स के गहन ज्ञान से बहुत लाभ हुआ क्योंकि हम महामंदी के बाद से सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजरे हैं।
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जॉर्जीवा ने कहा कि कोविड-19 महामारी को समाप्त करने के लिए वैश्विक टीकाकरण लक्ष्य निर्धारित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी, साथ ही जलवायु परिवर्तन से जुड़ी नीतियों का विश्लेषण करने लिए आईएमएफ के अंदर एक जलवायु परिवर्तन टीम स्थापित करने में भी मदद की।
इस पद तक पहुंचने वाली वह दूसरी भारतीय
गीता गोपीनाथ को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के इस पद तक पहुंचने वाली वह दूसरी भारतीय हैं। इससे पहले आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन इस पद पर अपनी सेवा दे चुके हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अर्थशास्त्र में बीए और दिल्ली स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स में पीजी डॉ. गोपीनाथ मौरी ऑब्स्टफेल्ड का स्थान प्राप्त किया।
गीता शिकागो और हावर्ड यूनिवर्सिटी में अध्यापन कर चुकी हैं। वर्ष 1971 में मलियाली परिवार में पैदा हुईं गोपीनाथ की नियुक्ति पर आईएमएफ ने काफी खुशी जाहिर की थी।