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IMF: अमेरिकी निवेशकों के लिए भारत का विकास एक मौका, सुब्रमण्यन बोले- 2047 तक होगी 55 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था
Sat, 07 Dec 2024 05:20 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 07 Dec 2024 05:20 AM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत के कार्यकारी निदेशक डॉ. सुब्रमण्यम ने वाशिंगटन में ‘अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी मंच’ (यूएसआईएसपीएफ) के एक कार्यक्रम में कहा, अमेरिकी निवेशकों के लिए जो मौके उपलब्ध हैं, वे वास्तव में अभूतपूर्व हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई अन्य अर्थव्यवस्था अगले 20 से 25 साल में इस तरह के लाभ दे पाएगी।
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत के कार्यकारी निदेशक डॉ. केवी सुब्रमण्यन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत के कार्यकारी निदेशक डॉ. केवी सुब्रमण्यन ने कहा कि भारत के 2047 तक 55 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है और उसका विकास अमेरिकी निवेशकों के लिए अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। सुब्रमण्यन ने यह बात अपनी नयी पुस्तक ‘इंडिया एट द रेट 100: एनविजनिंग टुमॉरोज इकोनॉमिक पावरहाउस’ के विमोचन के दौरान कही।
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डॉ. सुब्रमण्यम ने यहां ‘अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी मंच’ (यूएसआईएसपीएफ) के एक कार्यक्रम में कहा, अमेरिकी निवेशकों के लिए जो मौके उपलब्ध हैं, वे वास्तव में अभूतपूर्व हैं। मुझे नहीं लगता कि कोई अन्य अर्थव्यवस्था अगले 20 से 25 साल में इस तरह के लाभ दे पाएगी। शीर्ष अर्थशास्त्री ने कहा कि भारत पर नजर रखने वाले निवेशकों के पास ‘वास्तव में अपने पैसे को दोगुना नहीं बल्कि तिगुना करने का अवसर है’। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार रह चुके सुब्रमण्यन ने कहा, उनके पास अपने पैसे को 15 से 20 गुना बढ़ाने का मौका है। सुब्रमण्यन ने अपनी पुस्तक में बताया है कि किस प्रकार भारत में 25 साल से भी कम समय में 55 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता है तथा इसके लिए उसे अर्थव्यवस्था में पुरजोर सुधार करना होगा। उन्होंने 2014 के बाद क्रियान्वित की गई ठोस नीतियों पर दोगुना जोर देने की बात भी कही।
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भारतीय बैंक खातों में पैसा जमा करें प्रवासी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत के कार्यकारी निदेशक डॉ. केवी सुब्रमण्यन ने प्रवासी भारतीयों से आग्रह किया कि वे भारतीय बैंक खातों में अपना पैसा जमा करें क्योंकि इससे उन्हें अमेरिकी बैंक की तुलना में कहीं अधिक लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा, भारत में वेतन वृद्धि अमेरिका की अपेक्षा कहीं अधिक होने वाली है। सुब्रमण्यन ने सवालों का जवाब देते हुए विश्वास जताया कि 2047 में जब देश अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाएगा, तब भारतीय अर्थव्यवस्था आसानी से 55 लाख करोड़ डॉलर के आंकड़े को छू लेगी। सुब्रमण्यम में वैश्विक आर्थिक संगठनों के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि भारत आगामी समय में सबसे तेजी से बढ़ने वाली वैश्विक अर्थव्यवस्था रहने वाली है, जिसका लाभ उठाना चाहिए।
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रक्षा पर द्विदलीय समर्थन भारत-अमेरिका रिश्तों में बड़ा आयाम
अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण प्रक्रिया के बीच भारतीय-अमेरिकी रक्षा कार्यकारी डॉ. विवेक लाल ने कहा कि सुरक्षा एवं रक्षा मामलों पर द्विदलीय समर्थन और सहयोग भारत-अमेरिका साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण आयाम है। उन्होंने कहा, 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों में से एक भारत और अमेरिका की साझेदारी है। इस गठबंधन का सबसे महत्वपूर्ण आयाम सुरक्षा एवं रक्षा मामलों पर द्विदलीय समर्थन और सहयोग है। ‘जनरल एटॉमिक्स ग्लोबल कॉरपोरेशन’ के मुख्य कार्यकारी डॉ विवेक लाल ने कहा, बड़े, विविधतापूर्ण लोकतांत्रिक देशों के रूप में भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं और दुनिया भर में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए समान व्यापक लक्ष्यों को साझा करते हैं। जून 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच दुनिया के सबसे बड़े मानवरहित ड्रोन की खरीद के समझौते का समर्थन किया था, जिसे इस साल उनके उत्तराधिकारी जो बाइडन ने पूरा किया।
द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बढ़ाने में लाल की भूमिका अहम
अक्तूबर में, डॉ. विवेक लाल को स्टेनफोर्ड विश्वविद्यालय के हूवर इंस्टीट्यूशन में प्रतिष्ठित विजिटिंग फेलो के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसमें भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता दी गई। इसमें तीन अरब डॉलर से अधिक का एक प्रमुख ड्रोन समझौता भी शामिल है। भारत ‘जनरल एटॉमिक्स’ से 31 ‘एमक्यू-9बी प्रीडेटर ड्रोन’ खरीद रहा है।