Ukraine War: 'यूक्रेनी सैनिकों को छोड़े रूस तब हम आपके जवान लौटाएंगे', जेलेंस्की का उत्तर कोरिया को प्रस्ताव
यूक्रेन की सेना ने रूस के कुर्स्क सीमा क्षेत्र में रूसी सैनिकों के साथ लड़ रहे दो उत्तर कोरियाई सैनिकों को पकड़ लिया था। अब जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन को उनके सैनिकों को सौंपने के लिए तैयार है, अगर वह रूस में बंदी बनाए हमारे सैनिकों की रिहाई कराता है। सैनिकों की अदला-बदली के जरिये यह संभव है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस की मदद कर रहे उत्तर कोरिया के सामने एक प्रस्ताव रखा है। जेलेंस्की ने कहा कि अगर उत्तर कोरिया रूस में बंद यूक्रेन के सैनिकों की रिहाई कराता है तो वह कुर्स्क क्षेत्र में पकड़े गए उत्तर कोरियाई सैनिकों को छोड़ने के लिए तैयार है। शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन की सेना ने रूस के कुर्स्क सीमा क्षेत्र में रूसी सैनिकों के साथ लड़ रहे दो उत्तर कोरियाई सैनिकों को पकड़ लिया है। दोनों सैनिकों ने अपनी राष्ट्रीयता का कोई प्रमाण नहीं दिया था।
एक्स पर जेलेंस्की ने लिखा कि यूक्रेन उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन को उनके सैनिकों को सौंपने के लिए तैयार है, अगर वह रूस में बंदी बनाए हमारे सैनिकों की रिहाई कराता है। सैनिकों की अदला-बदली के जरिये यह संभव है। साथ ही यह भी संभावना है कि यूक्रेन की सेना ने अन्य उत्तर कोरियाई सैनिकों को भी पकड़ा होगा। यह केवल समय की बात है कि हमारे सैनिक दूसरों को पकड़ने में कामयाब होंगे।
In addition to the first captured soldiers from North Korea, there will undoubtedly be more. It’s only a matter of time before our troops manage to capture others. There should be no doubt left in the world that the Russian army is dependent on military assistance from North… pic.twitter.com/4RyCfUoHoC
विज्ञापन विज्ञापन— Volodymyr Zelenskyy / Володимир Зеленський (@ZelenskyyUa) January 12, 2025
जेलेस्की ने लिखा कि दुनिया में इस बात पर कोई संदेह नहीं रहना चाहिए कि रूसी सेना उत्तर कोरिया से सैन्य सहायता पर निर्भर है। पुतिन ने तीन साल पहले नाटो को अल्टीमेटम देने और इतिहास को फिर से लिखने के प्रयासों के साथ शुरुआत की थी, लेकिन अब वह उत्तर कोरिया की सैन्य सहायता के बिना काम नहीं चला सकते।
उन्होंने लिखा कि जो उत्तर कोरियाई सैनिक वापस नहीं लौटना चाहते हैं, उनके लिए अन्य विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। विशेष रूप से जो लोग कोरिया में इस युद्ध के बारे में सच्चाई फैलाकर शांति को और करीब लाने की इच्छा व्यक्त करते हैं, उन्हें वह अवसर दिया जाएगा।
साझा किया वीडियो
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक वीडियो भी साझा किया। इसमें दो पुरुष बिस्तरों पर आराम कर रहे थे और कमरे में खिड़कियों पर जंगले लगे थे। दोनों के शरीर पर पट्टियां बंधी थीं। इनसे एक अनुवादक बात कर रहा है। एक उत्तर कोरियाई सैनिक कह रहा है कि उसे पता ही नहीं था कि वह यूक्रेन से युद्ध लड़ने जा रहा है। उसे कमांडरों ने बताया था कि यह केवल एक प्रशिक्षण है। वह उत्तर कोरिया वापस लौटना चाहता है। जबकि दूसरा युवक बोल रहा है कि वह वही करेगा जो उसे कहा जाएगा, लेकिन अगर उसे मौका मिला तो वह यूक्रेन में रहना चाहता है।
दक्षिण कोरिया एजेंसी ने भी किया था दावा
पिछले दिनों राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि लगभग 3,000 उत्तर कोरियाई सैनिक युद्ध में मारे या घायल हो गए हैं जब वे रूसी सेना के साथ लड़ाई में शामिल हुए थे। इस पर दक्षिण कोरियाई खुफिया एजेंसी ने बताया कि 26 दिसंबर को पकड़े गए उत्तर कोरियाई सैनिक की गंभीर चोटों के कारण मौत हो गई। एजेंसी ने अनुमान जताया था कि 1,000 उत्तर कोरियाई सैनिक मारे गए या घायल हुए हैं और इसका कारण युद्ध भूमि के माहौल और ड्रोन हमलों का सामना करने में उनकी कमी बताई गई है।
रूस ने किया यूक्रेन के दो गांवों पर कब्जा
वहीं रूस ने पूर्वी यूक्रेन के दो गांवों पर कब्ज़ा करने का दावा किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस के सैनिकों ने पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में यंतर्ने गांव पर कब्ज़ा कर लिया। यह कुराखोव से लगभग 10 किलोमीटर (छह मील) दक्षिण-पश्चिम में है। कुराखोव एक महत्वपूर्ण रसद केंद्र है। मंत्रालय ने कहा कि रूसी सैनिकों ने उत्तरपूर्वी खार्किव क्षेत्र के कलिनोवे गांव पर भी कब्जा कर लिया है।