दुबई में बोले राहुल, भारत में पिछले साढ़े चार साल से असहिष्णुता का दौर
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूएई दौरे के दूसरे दिन एक बार फिर केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत में सभी विचारधाराओं को जगह मिलनी चाहिए। राहुल ने कहा, भारत और यूएई को मानवता और सहनशीलता एक साथ लाते हैं। भिन्न विचारों, धर्म और समुदायों की सहनशीलता। मुझे कहते हुए दुख होता है कि भारत में पिछले साढ़े चार साल से असहिष्णुता का दौर चल रहा है।
Congress President Rahul Gandhi in Dubai: The values that bring together the people of UAE and India are humility and tolerance; tolerance for different ideas, religions and communities. I'm sad to say that back home it is four and a half years of intolerance. pic.twitter.com/T4bDaxAJ8X
— ANI (@ANI) January 11, 2019विज्ञापन
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, भारत में सबसे बड़ी समस्या है बेरोजगारी। हमें इससे निपटना होगा। हमें दुनिया को दिखाना होगा कि हम न सिर्फ बेरोजगारी को हरा सकते हैं बल्कि चीन को भी चुनौती दे सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा, हम इस विचार के साथ भारत जैसे देश को नहीं चला सकते कि एक विचार सही है और दूसरा गलत। आज, मेरा प्यारा भारत राजनीतिक कारणों से बांटा जा रहा है।Congress President Rahul Gandhi in Dubai: Single biggest problem that we face in India today is unemployment. We need to take this head-on. We need to show the rest of the world that not only we can beat unemployment but we can also challenge China. pic.twitter.com/aK18QnHl8f
— ANI (@ANI) January 11, 2019
राहुल गांधी ने कहा, मैंने आज दुबई के शासक शेख मोहम्मद से मुलाकात की। मुझे उनके भीतर विन्रमता का आभास हुआ। उनके अंदर एक फीसदी भी अहंकार नहीं था। एक ऐसे नेता जो लोगों की सुनता है और कदम उठाता है। यह देश कई आवाजों से मिलकर बना है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, आप भारत के भविष्य हैं और हम आपके बिना भारत का निर्माण नहीं कर सकते। आपने जो यूएई, अमेरिका और यूरोप में किया है, वो भारत में करिए। मैं आपसे यह वादा चाहता हूं कि आप साथ खड़े होइए और भारत में जो दो तीन बड़ी समस्याएं हैं उनके दूर करने में मदद करिए। एक सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक अरब से अधिक आबादी वाले देश में लोग भयावह बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। लोग नोटबंदी और जीएसटी से परेशान हो चुके हैं। हमें रोजगार के मोर्चे पर फ्रंटफुट पर खेलना है। भारत सिर्फ बेरोजगारी पर जीत हासिल कर सकता है और चीन पर भारी पड़ सकता है। आपको इसमें भूमिका निभानी होगी।’
राहुल ने कहा, दूसरी बड़ी समस्या है कि भारत की रीढ़ की हड्डी किसान रहे हैं, लेकिन आज वे गहरी परेशानी से घिरे हुए है। उनको भविष्य नहीं दिखाई दे रहा है। हमें दूसरी हरित क्रांति शुरू करनी है ताकि कृषि क्षेत्र में परिवर्तन लाया जा सके। आपको इसमें मदद करनी है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार का जिक्र किए बिना कहा, एक भारतीय के तौर पर मेरे लिए पिछले कुछ साल दुखदायी रहे हैं। क्या विनम्रता के बिना सहिष्णुता संभव है? क्या यह सोचकर भारत को चला सकते हैं कि एक विचार सही है और बाकी सब बेकार हैं। आज मेरा देश बंटा हुआ है। यह राजनीतिक कारणों से और राजनीतिक लाभ के चलते बंटा हुआ है। विभिन्न धर्मों के स्तर पर बंटा हुआ है, समुदायों के स्तर पर बंटा हुआ है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, क्या बंटी हुई क्रिकेट टीम मैच जीत सकती है? कभी नहीं। फिर भला एक देश कैसे आगे बढ़ सकता है? हमें फिर से भारत को फिर से एकजुट करना है। सभी लोगों, धर्मों, राज्य और समुदायों को साथ लाना है। बंटा हुआ भारत सफल और मजबूत नहीं हो सकता। अगर हमारा महान देश बंटा रहेगा तो कभी मजबूत नहीं हो सकता।