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दुबई में बोले राहुल, भारत में पिछले साढ़े चार साल से असहिष्णुता का दौर 

Fri, 11 Jan 2019 10:04 PM IST
अमित मंडल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Fri, 11 Jan 2019 10:04 PM IST
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I'm sad to say that back home it is four and a half years of intolerance: Rahul gandhi
यूएई में राहुल गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूएई दौरे के दूसरे दिन एक बार फिर केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारत में सभी विचारधाराओं को जगह मिलनी चाहिए। राहुल ने कहा, भारत और यूएई को मानवता और सहनशीलता एक साथ लाते हैं। भिन्न विचारों, धर्म और समुदायों की सहनशीलता। मुझे कहते हुए दुख होता है कि भारत में पिछले साढ़े चार साल से असहिष्णुता का दौर चल रहा है।

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, भारत में सबसे बड़ी समस्या है बेरोजगारी। हमें इससे निपटना होगा। हमें दुनिया को दिखाना होगा कि हम न सिर्फ बेरोजगारी को हरा सकते हैं बल्कि चीन को भी चुनौती दे सकते हैं। 
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राहुल गांधी ने कहा, हम इस विचार के साथ भारत जैसे देश को नहीं चला सकते कि एक विचार सही है और दूसरा गलत। आज, मेरा प्यारा भारत राजनीतिक कारणों से बांटा जा रहा है। 

राहुल गांधी ने कहा, मैंने आज दुबई के शासक शेख मोहम्मद से मुलाकात की। मुझे उनके भीतर विन्रमता का आभास हुआ। उनके अंदर एक फीसदी भी अहंकार नहीं था। एक ऐसे नेता जो लोगों की सुनता है और कदम उठाता है। यह देश कई आवाजों से मिलकर बना है। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, आप भारत के भविष्य हैं और हम आपके बिना भारत का निर्माण नहीं कर सकते। आपने जो यूएई, अमेरिका और यूरोप में किया है, वो भारत में करिए। मैं आपसे यह वादा चाहता हूं कि आप साथ खड़े होइए और भारत में जो दो तीन बड़ी समस्याएं हैं उनके दूर करने में मदद करिए। एक सबसे बड़ी समस्या यह है कि एक अरब से अधिक आबादी वाले देश में लोग भयावह बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। लोग नोटबंदी और जीएसटी से परेशान हो चुके हैं। हमें रोजगार के मोर्चे पर फ्रंटफुट पर खेलना है। भारत सिर्फ बेरोजगारी पर जीत हासिल कर सकता है और चीन पर भारी पड़ सकता है। आपको इसमें भूमिका निभानी होगी।’ 

राहुल ने कहा, दूसरी बड़ी समस्या है कि भारत की रीढ़ की हड्डी किसान रहे हैं, लेकिन आज वे गहरी परेशानी से घिरे हुए है। उनको भविष्य नहीं दिखाई दे रहा है। हमें दूसरी हरित क्रांति शुरू करनी है ताकि कृषि क्षेत्र में परिवर्तन लाया जा सके। आपको इसमें मदद करनी है। 

उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार का जिक्र किए बिना कहा, एक भारतीय के तौर पर मेरे लिए पिछले कुछ साल दुखदायी रहे हैं। क्या विनम्रता के बिना सहिष्णुता संभव है? क्या यह सोचकर भारत को चला सकते हैं कि एक विचार सही है और बाकी सब बेकार हैं। आज मेरा देश बंटा हुआ है। यह राजनीतिक कारणों से और राजनीतिक लाभ के चलते बंटा हुआ है। विभिन्न धर्मों के स्तर पर बंटा हुआ है, समुदायों के स्तर पर बंटा हुआ है। 


कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, क्या बंटी हुई क्रिकेट टीम मैच जीत सकती है? कभी नहीं। फिर भला एक देश कैसे आगे बढ़ सकता है? हमें फिर से भारत को फिर से एकजुट करना है। सभी लोगों, धर्मों, राज्य और समुदायों को साथ लाना है। बंटा हुआ भारत सफल और मजबूत नहीं हो सकता। अगर हमारा महान देश बंटा रहेगा तो कभी मजबूत नहीं हो सकता। 

 

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