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World News: हैदराबाद में जन्मीं अरुणा ने गीता पर हाथ रख कर ली अमेरिका में लेफ्टिनेंट गवर्नर की शपथ
Fri, 20 Jan 2023 06:10 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 20 Jan 2023 06:10 AM IST
सार
58 साल की अरुणा का 1972 में अपने परिवार के साथ अमेरिका गईं थीं। उन्हें साल 2000 में अमेरिका की नागरिकता मिली थी। अरुणा मैरीलैंड राज्य की 10वीं लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं।
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अरुणा मिलर
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत के हैदराबाद में जन्मीं अरुणा मिलर ने अमेरिका में इतिहास रचा है। वह अमेरिका के मैरीलैंड राज्य की पहली भारतीय अमेरिकी लेफ्टिनेंट गवर्नर बनीं हैं। उन्होंने भगवत गीता पर हाथ रखकर शपथ ली और पद संभाला।
58 साल की अरुणा का 1972 में अपने परिवार के साथ अमेरिका गईं थीं। उन्हें साल 2000 में अमेरिका की नागरिकता मिली थी। अरुणा मैरीलैंड राज्य की 10वीं लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं। 2010 से 2018 तक वह मैरीलैंड के हाउस ऑफ डेलीगेट में भी रही थीं। उन्होंने वहां अपने दो कार्यकाल पूरे किए थे। अरुणा भारतीय-अमेरिकी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेफ्टिनेंट गवर्नर के चुनाव में कई ट्रंप समर्थकों ने उनका समर्थन किया था।
मैरीलैंड की 10वीं लेफ्टिनेंट गवर्नर, पर पहली भारतीय अमेरिकी महिला परिवार को दिया श्रेय
अरुणा ने शपथ के बाद भाषण में श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने अमेरिका में स्कूल के पहले दिन की घटना का जिक्र करते हुए कहा, पहले दिन मुझे अमेरिकी खाना खाने पर उल्टी हो गई। बाद में अहसास हुआ कि मैं जैसी हूं, वैसी ही रहना है।
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1972 में अमेरिका गईं थीं अरुणा
पेशे से कैरियर ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियर अरुणा ने 25 साल तक मैरीलैंड के ट्रांसपोर्टेशन विभाग में काम किया। उनके मैकेनिकल इंजीनियर पिता1960 के दशक में अमेरिका गए थे। 1972 में वे परिवार को भी ले गए थे।
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58 साल की अरुणा का 1972 में अपने परिवार के साथ अमेरिका गईं थीं। उन्हें साल 2000 में अमेरिका की नागरिकता मिली थी। अरुणा मैरीलैंड राज्य की 10वीं लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं। 2010 से 2018 तक वह मैरीलैंड के हाउस ऑफ डेलीगेट में भी रही थीं। उन्होंने वहां अपने दो कार्यकाल पूरे किए थे। अरुणा भारतीय-अमेरिकी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लेफ्टिनेंट गवर्नर के चुनाव में कई ट्रंप समर्थकों ने उनका समर्थन किया था।
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मैरीलैंड की 10वीं लेफ्टिनेंट गवर्नर, पर पहली भारतीय अमेरिकी महिला परिवार को दिया श्रेय
अरुणा ने शपथ के बाद भाषण में श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने अमेरिका में स्कूल के पहले दिन की घटना का जिक्र करते हुए कहा, पहले दिन मुझे अमेरिकी खाना खाने पर उल्टी हो गई। बाद में अहसास हुआ कि मैं जैसी हूं, वैसी ही रहना है।
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1972 में अमेरिका गईं थीं अरुणा
पेशे से कैरियर ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियर अरुणा ने 25 साल तक मैरीलैंड के ट्रांसपोर्टेशन विभाग में काम किया। उनके मैकेनिकल इंजीनियर पिता1960 के दशक में अमेरिका गए थे। 1972 में वे परिवार को भी ले गए थे।