फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Hunger-like situation due to inflation in Britain, people dependent on food banks is increasing

Britain: महंगाई से भुखमरी जैसे हालात, फूड बैंकों पर बढ़ती जा रही है लोगों की निर्भरता

Mon, 20 Feb 2023 06:22 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 20 Feb 2023 06:22 PM IST
सार

Britain: ब्रिटेन में इस समय 154 संस्थाएं फूड बैंक चला रही हैं। उनमें से 85 संस्थाओं ने इस संस्था को बताया कि जब उनसे भोजन की मांग करने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई, तो कई बार उन्होंने दिए जाने वाले भोजन में कटौती की...

विज्ञापन
Hunger-like situation due to inflation in Britain, people dependent on food banks is increasing
Britain Food Bank - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

ब्रिटेन में फूड बैंकों पर आम लोगों की निर्भता बढ़ती जा रही है। फूड बैंक लोगों को मुफ्त भोजन बांटते हैं। एक ताजा रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि गुजरे महीनों में फूड बैंक की सेवा लेने वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। कमरतोड़ महंगाई के कारण जो लोग इन बैंकों पर निर्भर हो गए हैं, उनमें पेंशनधारी, स्वास्थ्य कर्मी, शिक्षक आदि शामिल हैं।

विज्ञापन

ताजा शोध रिपोर्ट इंडिपेंडेंट फूड एड नेटवर्क (आईफैन) नाम की संस्था जारी किया है। उसने अपनी रिपोर्ट अखबार ऑब्जर्वर के साथ साझा की। अखबार में रविवार को प्रकाशित इस रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दिसंबर और जनवरी में फूड बैंकों पर निर्भर लोगों की संख्या में भारी इजाफा देखने को मिला। आईफैन ने ब्रिटेन में चल रहे 90 फीसदी फूड बैंकों से मिले आंकड़ों के आधार पर ये रिपोर्ट तैयार की है।

विज्ञापन

इस रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में इस समय 154 संस्थाएं फूड बैंक चला रही हैं। उनमें से 85 संस्थाओं ने इस संस्था को बताया कि जब उनसे भोजन की मांग करने वाले लोगों की संख्या बढ़ गई, तो कई बार उन्होंने दिए जाने वाले भोजन में कटौती की और कई बार उन्होंने भोजन मांगने आए बहुत से लोगों को वापस लौटा दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

ब्रिटेन में सबसे ज्यादा फूड बैंक द ट्रसेल ट्रस्ट नाम की संस्था चला रही है। उसके 1300 से अधिक फूड बैंक हैं। ट्रस्ट के मुताबिक उसने पिछले साल अप्रैल से सितंबर के बीच 13 लाख आपातकालीन फूड पॉकेट बांटे। 2021 की इसी अवधि की तुलना में यह संख्या एक तिहाई ज्यादा है, जबकि कोरोना महामारी के पहले से तुलना करें, तो यह 50 फीसदी ज्यादा है।

पिछले हफ्ते ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अपने आंकड़े जारी किए थे। उसके मुताबिक हालांकि अब मुद्रास्फीति दर कुछ घटी है, लेकिन महंगाई के कारण पैदा हुए संकट (कॉस्ट ऑफ लिविंग क्राइसिस) से लोगों को कोई राहत नहीं मिली है। खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर 16.7 फीसदी बनी हुई है। यह साल भर की तुलना में 130 फीसदी ज्यादा है। पिछले अक्तूबर में ब्रिटेन के बजट उत्तरदायित्व कार्यालय ने अनुमान लगाया था कि 2022-23 में आम लोगों की आय में 4.3 फीसदी की गिरावट आएगी। 1956 के बाद ब्रिटेन में आम लोगों की वास्तविक आमदनी में पहली बार ऐसी गिरावट देखने को मिली है।

महंगाई के कारण घटी क्रय शक्ति की वजह से ब्रिटेन में हाल के महीनों हड़तालों का सिलसिला चल रहा है। इस हफ्ते जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की संभावना है। इस बीच आम लोग भोजन खरीदने में अपने को अक्षम पा रहे हैं। ऐसे लोगों की ही निर्भरता फूड बैंकों पर बढ़ी है। आईफैन के अध्ययन से सामने आया है कि ऐसे बहुत से लोग भोजन के लिए फूड बैंकों के पास गए हैं, जो अभी नौकरी में हैं। इस अध्ययन से यह भी सामने आया कि जो लोग फूड बैंकों के पास जा रहे हैं, उनमें से 80 फीसदी से ज्यादा ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पहले कभी इस तरह की मदद नहीं ली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed