फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Hundreds protest in Tunisia over president escalating crackdown on freedoms

Tunisia Unrest: अब उत्तरी अफ्रीकी देश में विद्रोह की चिंगारी भड़की, सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग

Sun, 23 Nov 2025 07:55 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ट्यूनिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ट्यूनिस Published by: नितिन गौतम Updated Sun, 23 Nov 2025 07:55 AM IST
सार

उत्तरी अफ्रीकी देश ट्यूनिशिया में विरोध हो रहा है। सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राष्ट्रपति सईद न्यायपालिका में दखलअंदाजी कर रहे हैं। साथ ही उन पर अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने आरोप है।

विज्ञापन
Hundreds protest in Tunisia over president escalating crackdown on freedoms
ट्यूनीशिया में विरोध प्रदर्शन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक

विस्तार

उत्तरी अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया में भी सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। शनिवार को हजारों की संख्या में लोग राष्ट्रपति काइस सईद के खिलाफ राजधानी ट्यूनिश की सड़कों पर उतरे। लोग राष्ट्रपति सईद की बढ़ती कथित तानाशाही और जेल में बंद राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने 'अन्याय के खिलाफ' बैनर के तले विरोध प्रदर्शन किया, जिसका नेतृत्व जेल में बंद राजनीतिक कैदियों के परिवारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने किया। 
विज्ञापन


राष्ट्रपति सईद पर न्यायपालिका में दखलअंदाजी का आरोप
प्रदर्शन में हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारी शामिल हुए, जिन्होंने सरकार विरोधी नारे लगाए। ये प्रदर्शन ऐसे समय हो रहे हैं, जब ट्यूनीशिया आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर परेशानियों से घिरा हुआ है। इससे पहले गुरुवार को ट्यूनीशिया के पत्रकारों ने भी सरकार विरोधी प्रदर्शन किए। दरअसल पत्रकारों ने प्रेस की आजादी को दबाने और प्रमुख नागरिक समाज संगठनों के खिलाफ कार्रवाई विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राष्ट्रपति सईद न्यायपालिका में दखलअंदाजी कर रहे हैं। साथ ही उन पर अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने आरोप है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Russia: नाटो पर रूसी दबाव तेज, ब्रिटेन के समुद्री रास्तों तक पहुंची पुतिन की नौसेना, मिसाइलों की जद में यूरोप
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल में बंद विपक्षी नेताओं के परिजन विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए
जेल में बंद विपक्षी नेता अब्देलहामिद जलसी की पत्नी मोनिया ब्राहिम ने कहा कि वह मार्च में इसलिए शामिल हुईं क्योंकि उनका मानना है कि कई ट्यूनीशियाई लोगों के साथ बहुत नाइंसाफी हो रही है। मैं एक नागरिक के तौर पर अपने अधिकारों की रक्षा करने आई हूं।' उन्होंने कहा कि 'राजनीतिक कैदी अच्छी तरह जानते हैं कि वे अपने उसूलों, सिविल और पॉलिटिकल एक्टिविज्म के अपने संवैधानिक हक की कीमत चुकाने के लिए जेल में हैं, और आज ट्यूनीशिया में बनी सरकार उन्हें बंधक बनाए हुए है।' हिरासत में लिए गए लोगों में से कुछ भूख हड़ताल पर हैं, जिसमें संवैधानिक कानून के प्रोफेसर जाहेर बेन म्बारेक भी शामिल हैं, जो 20 दिनों से ज़्यादा समय से हड़ताल पर हैं।

ट्यूनीशिया में बढ़ते दमन पर कई मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि 2022 के आखिर से 50 से ज़्यादा लोगों को, जिनमें राजनेता, वकील, पत्रकार और एक्टिविस्ट शामिल हैं, अपनी बात कहने की आजादी, शांति से इकट्ठा होने या राजनीतिक गतिविधि चलाने के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए गिरफ्तार किया गया। राइट्स ग्रुप ने यह भी चेतावनी दी कि बड़े पैमाने पर एंटी-टेररिज्म और साइबरक्राइम कानूनों का इस्तेमाल असहमति को दबाने के लिए किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed