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Pakistan: ईशनिंदा कानून पर पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने जताई चिंता, धार्मिक अल्पसंख्यकों पर कही बड़ी बात
Sun, 22 Jan 2023 06:01 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, इस्लामाबाद।
एजेंसी, इस्लामाबाद।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 22 Jan 2023 06:01 AM IST
सार
एचआरसीपी के मुताबिक प्रस्तावित कानून में धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का करने के मामलों में सजा को तीन साल से बढ़ाकर आजीवन कारावास तक बढ़ा दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
विस्तार
पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपी) ने आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2023 के तहत ईशनिंदा संबंधी प्रावधानों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पाकिस्तानी संसद ने इस कानून को 17 जनवरी को सर्वसम्मति से पारित किया है।
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एचआरसीपी के मुताबिक प्रस्तावित कानून में धार्मिक व्यक्तियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का करने के मामलों में सजा को तीन साल से बढ़ाकर आजीवन कारावास तक बढ़ा दिया है। इसके अलावा इस कानून के तहत अब न्यूनतम सजा 10 साल कैद से शुरू होगी। नए कानून में बेअदबी को गैर-जमानती अपराधों की श्रेणी में रखा गया है।
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एचआरसीपी ने इन संशोधनों को धार्मिक अल्पसंख्यकों और संप्रदायों के खिलाफ असंगत रूप से हथियार बनाए जाने की आशंका जाहिर की है। एचआरसीपी का कहना है कि इसकी वजह झूठे मुकदमे बढ़ेंगे और व्यक्तिगत प्रतिशोध के लिए कानून का दुरुपयोग बढ़ेगा
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