फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Human immunity becomes weak in space

अध्ययन: अंतरिक्ष में कमजोर हो जाती है मनुष्यों की प्रतिरोधक क्षमता, धरती से साथ जाती हैं कई बीमारियां

Mon, 28 Aug 2023 04:13 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टॉकहोम। Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 28 Aug 2023 04:13 AM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। हालांकि, धरती पर लौटने के बाद उनकी सेहत फिर से सामान्य हो जाती है।

विज्ञापन
Human immunity becomes weak in space
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर अंतरिक्ष यात्रियों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। हालांकि, धरती पर लौटने के बाद उनकी सेहत फिर से सामान्य हो जाती है। स्वीडन के शोधकर्ताओं की एक टीम की ओर से हाल में किए गए अध्ययन में इसका खुलासा किया गया है।

विज्ञापन


शोधकर्ताओं के मुताबिक, अंतरिक्ष में कदम रखते ही सबसे पहले अंतरिक्ष यात्रियों के शरीर को कॉस्मिक विकिरण का सामना करना पड़ता है। इसके बाद माइक्रोग्रैविटी यानी शून्य गुरुत्व शरीर के द्रवों (तरल पदार्थों) और रक्तचाप पर प्रभाव डालता। प्रतिरक्षा तंत्र के साथ हृदय, रक्त संचार, पाचन, मांसपेशियों, हड्डियों से जुड़े तंत्रों से लेकर प्रतिरोध प्रणालियों तक पर असर पड़ता है। शून्य गुरुत्व बल के कारण अंतरिक्ष में स्वास्थ्य देखभाल बहुत ही मुश्किल हो जाती है। 
विज्ञापन


कोलोन मेडिकल कॉलेज के स्पेस हेल्थ के शोधकर्ता योखन हिन्केलबाइन डीडब्लू ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री, वायरस संक्रमणों की चपेट में भी आ सकते हैं और आमतौर पर पुराने वायरस ही हैं जो किसी अंतरिक्ष यात्री के शरीर में धरती से ही घर किए   होते हैं। कनाडा की ओटावा यूनिवर्सिटी   से ओडेटे लानेइयुविले के मुताबिक, अंतरिक्ष यात्रियों में सुप्त पड़े वायरस दोबारा सक्रिय हो जाते हैं। इससे त्वचा के संक्रमण भी उभर आते हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


पांच हफ्तों में सामान्य हो जाता है प्रतिरोधक तंत्र
लानेइयुविले के मुताबिक अंतरिक्ष यात्रियों में ऐसे संक्रमणों की मियाद बहुत कम समय की होती है। यात्री के धरती पर लौटने के कुछ समय बाद ही ये खुदबखुद ठीक हो जाते हैं, 4-5 हफ्तों में प्रतिरोधक तंत्र भी सामान्य काम करने लगता है।

 तनाव भी एक कारण
अंतरिक्ष में तनाव के दौरान कई संक्रमण फिर सक्रिय हो सकते हैं। वजह ये है कि प्रतिरोधक प्रणाली तनाव से कमजोर पड़ जाती है और अगर वारिसेला जोस्टर वायरस रिएक्टिवेट हो जाता है तो वो एक किस्म का त्वचा-रोग पैदा कर देता है, जो एक गंभीर बीमारी है।


कई अंतरिक्ष यात्रियों पर अध्ययन
जून 2023 में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कई अंतरिक्ष यात्रियों पर अध्ययन किया। इसमें उनकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 6 महीने की अवधि के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की प्रतिरोधक प्रणालियों में बदलावों की जांच की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed