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Hindu Temples: अब ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों को धमकी, धर्मस्थल को क्यों निशाना बना रहे कट्टरपंथी?

Sat, 18 Feb 2023 07:32 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 18 Feb 2023 07:32 PM IST
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सार
ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों को धमकी का पहला मामला ब्रिस्बेन स्थित गायत्री मंदिर का है। फोन करने वाले ने शिवरात्रि पर मंदिर में खालिस्तान समर्थक नारे लगवाने का दबाव डाला। दूसरा मामला ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में काली माता मंदिर का है। 
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Hindu Temples: Now threats to Hindu temples in Australia, reason for extremists targeting religious places
ऑस्ट्रेलिया में दो हिंदू मंदिरों के पुजारियों को धमकी - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

पिछले कुछ समय से दुनियाभर में हिन्दू मंदिर कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। ताजा मामला ऑस्ट्रेलिया में सामने आया है। यहां दो हिंदू मंदिरों को धमकी भरा फोन आया है। धमकी संदेश देने का आरोप एक बार फिर खालिस्तान समर्थकों पर लगा है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के ही विक्टोरिया राज्य में तीन हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की घटना सामने आईं थीं। दूसरी ओर कनाडा, पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी हिंदू धर्म स्थलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हो चुकी हैं। 

ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों को धमकी
ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों को धमकी - फोटो : SOCIAL MEDIA
सबसे पहले जानिए, ताजा मामला क्या है?
पहला मामला ब्रिस्बेन स्थित गायत्री मंदिर का है। रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर के अध्यक्ष जय राम और उपाध्यक्ष धर्मेश प्रसाद को शुक्रवार को अलग-अलग फोन आए, फोन करने वाले ने खुद की पहचान 'गुरुवादेश सिंह' के रूप में बताई। फोन करने वाले ने शिवरात्रि पर मंदिर में खालिस्तान समर्थक नारे लगवाने का दबाव डाला। बाद में मंदिर की जनसंपर्क अधिकारी नीलिमा ने भी कहा कि उन्हें एक अमेरिकी नंबर से कई फोन आए। वहीं इन फोन कॉल के बाद मंदिर प्रबंधन सतर्क हो गया है और वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 

दूसरा मामला ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में काली माता मंदिर का है जिसके पुजारी को फोन पर धमकी दी गई है। पुजारी भावना को फोन कॉल करके धमकी में दी गई कि यदि भजन कार्यक्रम रद्द नहीं हुए तो नतीजे गंभीर होंगे। उस वक्त मंदिर का प्रबंधन आगामी धार्मिक कार्यक्रमों की तैयारी कर रहा था।

ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिर पर हमला।
ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिर पर हमला। - फोटो : सोशल मीडिया
ऑस्ट्रेलिया में क्या पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं?
23 जनवरी को सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य में  इस्कॉन मंदिर में खालिस्तानी समर्थकों ने कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी। इतना ही नहीं, मंदिर में भारत विरोधी नारे भी लिखे गए थे।  

इससे पहले 16 जनवरी को कैरम डाउन्स, विक्टोरिया में ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर में भी इसी तरह से तोड़फोड़ की गई थी। वहीं, 12 जनवरी को, मेलबर्न में स्वामीनारायण मंदिर में 'असामाजिक तत्वों' द्वारा भारत विरोधी चित्र और नारे लिखे गए थे। 

कनाडा का स्वामी नारायण मंदिर
कनाडा का स्वामी नारायण मंदिर - फोटो : Social Media
कनाडा में भी हो रहीं इस तरह की घटनाएं
इसी हफ्ते मंगलवार को कनाडा में मिसिसॉगा के राम मंदिर में तोड़फोड़ करने और उस पर भारत विरोधी नारे लिखने का मामला सामने आया था। इस पर कनाडा के टोरंटो स्थित भारत के महावाणिज्य दूतावास ने इसकी निंदा की थी और कनाडा सरकार से दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की थी। 

कनाडा में हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की यह पहली घटना नहीं थी। इससे पहले जनवरी में कनाडा के ब्राम्पटन स्थित हिंदू मंदिर पर भी भारत विरोधी नारे लिखने की घटना हुई थी। इसे लेकर हिंदू समुदाय ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।  

सितंबर 2022 को कनाडा के स्वामीनारायण मंदिर में भी तोड़फोड़ करने और भारत विरोधी नारे लिखने की घटना हुई थी। इस घटना में खालिस्तान समर्थकों पर आरोप लगे थे। वहीं, जुलाई 2022 में भी ग्रेटर टोरंटो इलाके में रिचमंड हिल नामक जगह पर महात्मा गांधी की प्रतिमा को तोड़ दिया गया था। इस घटना में भी आरोप खालिस्तान समर्थकों पर लगे थे। 

बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमला
बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमला - फोटो : SOCIAL MEDIA
बांग्लादेश में इसी साल दर्जनों मंदिरों में तोड़फोड़ हुई
इसी साल फरवरी के शुरुआत में पड़ोसी बांग्लादेश में एक बार फिर मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं थीं। बांग्लादेश पुलिस ने बताया था कि असामाजिक तत्वों द्वारा कई जगहों पर 14 मंदिरों में तोड़फोड़ की गई और मूर्तियों को क्षति पहुंचाई गई। ये घटनाएं  ठाकुरगांव जिले के बलियाडांगी में हुईं थीं।

पाकिस्तान में हिंदू के मंदिर पर हमला
पाकिस्तान में हिंदू के मंदिर पर हमला - फोटो : Social media
पाकिस्तान में कराची में तोड़ी गई थीं मूर्तियां
जनवरी के शुरुआत में यहां के कराची शहर में एक हिंदू मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों के साथ तोड़फोड़ की गई थी। स्थानीय पुलिस ने बताया था कि कराची कोरंगी इलाके स्थित ‘जे’ क्षेत्र के श्री मारी माता मंदिर में देवी-देवताओं की मूर्तियों को तोड़ा गया। 

पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू आबादी के मंदिरों को अक्सर भीड़ द्वारा निशाना बनाया जाता है। गत वर्ष अक्तूबर में, कोटरी स्थित सिंधु नदी के तट पर एक ऐतिहासिक मंदिर को अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया। इसी तरह, अगस्त 2022 में भी भोंग शहर में कट्टरपंथियों की भीड़ ने श्री गणेश हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ की थी।

मंदिर क्यों बन रहे हैं निशाना?
विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल कहते हैं, 'ऑस्ट्रेलिया-कनाडा में तोड़फोड़ करने वाले खालिस्तान समर्थक हैं। ये स्पष्ट हो चुका है। इस तरह की हरकत करके यह लोग दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहते हैं। वह अपनी नाजायज मांगों के समर्थन में बाकी देशों में भी समर्थन चाहते हैं।'

इसके पीछे पाकिस्तान जैसे देशों की शह भी शामिल है। ये भारत में अस्थिरता लाने के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं। जब कश्मीर में आतंकी घटनाओं पर सरकार ने सख्त कदम उठाना शुरू किया तो इन लोगों ने दूसरे तरह से अपनी मुहिम को तेज करना शुरू कर दिया है। अब ये खालिस्तानी समर्थकों का सहारा ले रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं और उनके धर्मस्थलों पर इस तरह की हरकतें नई नहीं हैं।


 
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