{"_id":"5d71c94f8ebc3e93d62af307","slug":"hindu-girl-who-was-allegedly-abducted-and-converted-to-islam-has-been-reunited-with-her-family","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान: कॉलेज जाते समय अगवा की गई हिंदू लड़की परिवार के पास सकुशल लौटी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
पाकिस्तान: कॉलेज जाते समय अगवा की गई हिंदू लड़की परिवार के पास सकुशल लौटी
Fri, 06 Sep 2019 08:19 AM IST
Sneha Baluni
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 06 Sep 2019 08:19 AM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान में अगवा हिंदू लड़की घर लौटी
- फोटो : Social Media
पाकिस्तान में हिंदू लड़की जिसे अगवा करके जबरन धर्मांतरण करवाया गया था वह अपने परिवार के पास लौट आई है। सिंध प्रांत में धर्मांतरण के बाद लड़की की एक मुस्लिम शख्स से शादी करवा दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लड़की का 29 अगस्त को कॉलेज जाते समय अपहरण किया गया था। उसके माता-पिता ने दावा किया था कि उसका मुस्लिम शख्स ने अपहरण किया और उससे निकाह किया है।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस ने घोटकी से 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। सत्तासीन तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के विधायक ने दावा किया है कि यह पहली बार है जब किसी अगवा हिंदू लड़की को उसके परिवार से सुरक्षित मिलवा दिया गया है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक महिलाओं को अगवा करके जबरन धर्मांतरण करने का मामला तब सामने आया था जब एक 19 साल की सिख लड़की को अगवा करके इस्लाम कबूल करवाकर उसकी पंजाब प्रांत के एक मुस्लिम शख्स से शादी करवाई गईथी।
विज्ञापन
लड़की के परिवार की पंजाब के राज्यपाल और 30 सदस्यीय सिख समुदाय के साथ बातचीत के बाद हिंदू लड़की को उसके परिवार को सौंप दिया गया। भारत ने पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों का जबरन धर्मांतरण करने पर चिंता जताई थी और पाकिस्तान से इसपर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा ताकि इस तरह के मामले रुक सकें। पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है।
विज्ञापन
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं। हालांकि समुदाय के अनुसार 90 लाख से ज्यादा हिंदू पड़ोसी देश में रहते हैं। पाकिस्तान में रहने वाली ज्यादातर हिंदू आबादी सिंध प्रांत में बसी हुई है जहां वे अपने मुस्लिम निवासियों के साथ संस्कृति, परंपरा और भाषा साझा करते हैं।