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पाकिस्तान: 3000 साल पुराने शिव मंदिर में अवैध निर्माण पर भड़का हिंदू समुदाय
Thu, 10 Jun 2021 03:15 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, पेशावर
एजेंसी, पेशावर
Published by: Kuldeep Singh
Updated Thu, 10 Jun 2021 03:15 AM IST
सार
- पाकिस्तान में शिव मंदिर के निचले पवित्र स्थल के पास कई शौचालय बनाए गए हैं। जिसके खिलाफ हिंदू समुदाय के लोगों ने पेशावर हाईकोर्ट की एबटाबाद पीठ में याचिका दायर की है।
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pakistan hindu temple
- फोटो : Social Media
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विस्तार
पाकिस्तान में 3000 साल पुराने शिव मंदिर में अवैध निर्माण पर हिंदू समुदाय के लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है। यह मंदिर खैबर पख्तूनख्वा मनसेहरा इलाके में है। द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक, इस मंदिर के धार्मिक, ऐतिहासिक और वास्तुकला के महत्व के बावजूद इसके परिसर में अवैध निर्माण के कारण इसकी विश्वसनीयता खतरे में पड़ गई है।
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बताया जाता है कि निचले पवित्र स्थल के पास कई शौचालय बनाए गए हैं। इसके खिलाफ हिंदू समुदाय के लोगों ने पेशावर हाईकोर्ट की एबटाबाद पीठ में याचिका दायर की है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए याचिका स्वीकार कर संबंधित अधिकारियों को नोटिस भेज कर जवाब मांगा है।
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बता दें कि पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की सरकार ने एक हिंदू मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये जारी किए थे। इस मंदिर को पिछले साल दिसंबर में कुछ स्थानीय मौलानाओं और कट्टरपंथियों ने आगजनी कर तोड़ गिराया था।
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बताया जा रहा है कि प्रांतीय सरकार टेरी गांव में श्री परमहंस जी महाराज की समाधि के पुनर्निर्माण के लिए औकाफ विभाग को 3.48 करोड़ रुपये देगी। एक सदी से भी अधिक पुराने इस मंदिर और इसके पास स्थित समाधि पर हमले की मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अल्पसंख्यक नेताओं ने कड़ी आलोचना की थी।
आखिर में यह मामला उच्चतम न्यायालय जा पहुंचा था, जहां जजों ने सरकार को मंदिर का तेजी से पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। इसके चलते प्रांतीय सरकार को योजना और विकास विभाग की स्टंट प्रिवेंशन एंड रिहैबिलिटेशन इंटीग्रेटेड न्यूट्रिशन गेन स्कीम से पैसे का प्रबंध करना पड़ा।
पिछले माह ही स्थानीय मौलानाओं और अल्पसंख्यक नेताओं के बीच सुलह वार्ता के बाद मंदिर में तोड़फोड़ के आरोपियों ने माफी मांग ली थी। इसके बाद खैबर पख्तूनख्वा निवासी हिंदू समुदाय ने उन्हें माफ कर दिया था।