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भारत और नेपाल के बीच 9 महीने के बाद होगी वार्ता, 17 अगस्त को काठमांडू में समीक्षा बैठक
Tue, 11 Aug 2020 11:22 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 11 Aug 2020 11:22 PM IST
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नेपाल के पीएम केपी ओली और पीएम मोदी
- फोटो : ani
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भारत और नेपाल के बीच हाल के दिनों में नक्शा विवाद को लेकर दूरियां बढ़ गईं, लेकिन 9 महीनों के बाद नेपाल एक बार फिर भारत के आगे झुकने पर मजबूर हुआ है। दरअसल, भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए दोनों देशों के अधिकारी नेपाल में भारत द्वारा चलाई जा रही परियोजनों को लेकर 17 अगस्त को समीक्षा बैठक करेंगे।
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नेपाल-भारत निरीक्षण तंत्र की 8वीं बैठक का आयोजन हो रहा है, जिसमें दोनों देशों के बीच रिश्तों में आई दरार को पाटने पर जोर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच यह बैठक 9 महीने बाद हो रही है और इसका आयोजन 17 अगस्त को नेपाल की राजधानी काठमांडू में किया जाएगा। नेपाली मीडिया के मुताबिक, नेपाल के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
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विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली ने कहा कि हमारे पास भारत से बातचीत के अलावा कोई और विकल्प नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सीमा विवाद को लेकर हम अपने सभी संबंधों को बंधक बनाकर नहीं रख सकते हैं।
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ग्यावली ने कहा कि कुछ समय के लिए सीमा विवाद को एक तरफ किया जा सकता है, लेकिन हमें जल्द ही इसका हल निकालना होगा। एक मुद्दे पर चल रहा मतभेद हमारे रिश्तों को प्रभावित नहीं कर सकता है, इसलिए हमें आगे बढ़ना चाहिए।
निरीक्षण तंत्र की यह बैठक नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की 2016 में भारत यात्रा के बाद स्थापित हुआ। इसका मकसद दोनों देशों के बीच तय की गई परियोजनाओं का क्रियान्वयन और समयसीमा के भीतर इन्हें पूरा करने के लिए कदम उठाना था।
मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल की तरफ से इस बैठक का नेतृत्व विदेश सचिव शंकर दास बैरागी करेंगे। वहीं, भारतीय दल की अगुवाई का जिम्मा नेपाल में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को सौंपा गया है। हालांकि, इस बैठक का मकसद परियोजनाओं का क्रियान्वयन है, लेकिन इसे दोनों देशों के बीच रिश्तों में सुधार लाने के तौर पर देखा जा रहा है।