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ईरान से संबंध पर फिर घिरा हिजबुल्ला: अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध; संगठन ने कहा- दबाव में नहीं झुकेंगे
Fri, 21 Aug 2026 10:50 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, बेरूत।
एएनआई, बेरूत।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 21 Aug 2026 10:50 PM IST
सार
अमेरिका ने हिजबुल्ला से जुड़े कथित नकदी नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को प्रतिबंधित किया है और संगठन को ईरान की कुद्स फोर्स से जोड़ने का दावा किया है। जवाब में हिजबुल्ला ने आरोपों को खारिज कर दिया है। अब सवाल है कि नए प्रतिबंधों और बढ़ते दबाव के बीच क्षेत्रीय तनाव किस दिशा में जाएगा?
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हिजबुल्ला पर अमेरिका ने लगाए नए प्रतिबंध
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
लेबनान के संगठन हिजबुल्ला ने शुक्रवार को अमेरिका के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि वह ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स के नियंत्रण में काम करता है। हिजबुल्ला ने अमेरिका के नए प्रतिबंधों को अपने और समर्थकों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा बताया। संगठन ने कहा कि अमेरिका उस पर राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी दबाव बढ़ाना चाहता है।
अमेरिका ने 10 लोगों पर लगाया प्रतिबंध
यह बयान अमेरिका के वित्त और विदेश विभाग की नई कार्रवाई के बाद आया। अमेरिका ने हिजबुल्ला और उससे जुड़े एक कथित वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंधों का एलान किया। अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय यानी ओएफएसी ने इस नेटवर्क से जुड़े 10 लोगों को प्रतिबंधित किया है। अमेरिका का आरोप है कि यह नेटवर्क हिजबुल्ला तक बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने का काम करता था।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के लोग वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए लेबनान, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच नकदी पहुंचाते थे। अमेरिका ने दावा किया कि इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सैकड़ों करोड़ डॉलर तक की रकम पहुंचाई जाती थी। इससे हिजबुल्ला को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से बाहर विदेशी मुद्रा हासिल करने और प्रतिबंधों से बचने का रास्ता मिलता था।
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कुद्स फोर्स के तहत काम करने का आरोप
अमेरिकी वित्त विभाग ने हिजबुल्ला को फिर से इस आधार पर प्रतिबंध सूची में शामिल करने की बात कही कि वह ईरानी शासन के लिए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स के आदेश में काम करता है। इस पर हिजबुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। संगठन ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने वित्त और विदेश विभाग के जरिए उस पर कुद्स फोर्स के नियंत्रण में होने का आरोप लगाया है, ताकि उसे दोबारा प्रतिबंध सूची में शामिल करने को सही ठहराया जा सके।
यह भी पढ़ें: हाफिज सईद की जान को खतरा?: आईएसआई ने 26/11 के गुनहगार की बढ़ाई सुरक्षा, बैठकों और ट्रेनिंग कैंप से किया दूर
हिजबुल्ला ने इस्राइल को बचाने का आरोप
हिजबुल्ला ने अमेरिका पर इस्राइल को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि अमेरिका दक्षिणी लेबनान पर इस्राइल के कब्जे को मजबूत करना चाहता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिबंधों का मकसद लेबनान के भीतर तनाव पैदा करना और इस्राइल के साथ टकराव से ध्यान हटाना है। हिजबुल्ला ने ईरान के साथ अपने संबंधों का भी बचाव किया। उसने कहा कि उसे अपनी लेबनानी पहचान और देशभक्ति साबित करने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं है। संगठन ने कहा कि ईरान के साथ उसके करीबी और भाईचारे के रिश्ते हैं। हिजबुल्ला के मुताबिक, ईरान ने लेबनान का साथ दिया और उसकी जमीन, संप्रभुता और अधिकारों की बहाली में मदद की।
प्रतिबंधों से रुख नहीं बदलेगा: हिजबुल्ला
हिजबुल्ला ने अपने सदस्यों के बलिदान और कब्जे के खिलाफ संघर्ष का भी जिक्र किया। संगठन ने कहा कि वह लेबनानी क्षेत्र की रक्षा के अपने रुख पर कायम है। संगठन ने अमेरिका पर प्रतिबंधों को अपनी विदेश नीति के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। साथ ही उसने सवाल उठाया कि अमेरिका को किसी संगठन को वर्गीकृत करने या उसकी देशभक्ति का फैसला करने का अधिकार किसने दिया।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हिजबुल्ला, इस्राइल, लेबनान और ईरान को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिका पहले से ही हिजबुल्ला पर प्रतिबंधों और वित्तीय दबाव की नीति अपनाता रहा है। हिजबुल्ला ने यह भी कहा है कि नए प्रतिबंध और नए वर्गीकरण उसके रुख को नहीं बदलेंगे।
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अमेरिका ने 10 लोगों पर लगाया प्रतिबंध
यह बयान अमेरिका के वित्त और विदेश विभाग की नई कार्रवाई के बाद आया। अमेरिका ने हिजबुल्ला और उससे जुड़े एक कथित वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंधों का एलान किया। अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय यानी ओएफएसी ने इस नेटवर्क से जुड़े 10 लोगों को प्रतिबंधित किया है। अमेरिका का आरोप है कि यह नेटवर्क हिजबुल्ला तक बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने का काम करता था।
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अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के लोग वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए लेबनान, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच नकदी पहुंचाते थे। अमेरिका ने दावा किया कि इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों के बीच सैकड़ों करोड़ डॉलर तक की रकम पहुंचाई जाती थी। इससे हिजबुल्ला को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से बाहर विदेशी मुद्रा हासिल करने और प्रतिबंधों से बचने का रास्ता मिलता था।
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कुद्स फोर्स के तहत काम करने का आरोप
अमेरिकी वित्त विभाग ने हिजबुल्ला को फिर से इस आधार पर प्रतिबंध सूची में शामिल करने की बात कही कि वह ईरानी शासन के लिए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स के आदेश में काम करता है। इस पर हिजबुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। संगठन ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने वित्त और विदेश विभाग के जरिए उस पर कुद्स फोर्स के नियंत्रण में होने का आरोप लगाया है, ताकि उसे दोबारा प्रतिबंध सूची में शामिल करने को सही ठहराया जा सके।
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हिजबुल्ला ने इस्राइल को बचाने का आरोप
हिजबुल्ला ने अमेरिका पर इस्राइल को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया। संगठन ने कहा कि अमेरिका दक्षिणी लेबनान पर इस्राइल के कब्जे को मजबूत करना चाहता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिबंधों का मकसद लेबनान के भीतर तनाव पैदा करना और इस्राइल के साथ टकराव से ध्यान हटाना है। हिजबुल्ला ने ईरान के साथ अपने संबंधों का भी बचाव किया। उसने कहा कि उसे अपनी लेबनानी पहचान और देशभक्ति साबित करने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं है। संगठन ने कहा कि ईरान के साथ उसके करीबी और भाईचारे के रिश्ते हैं। हिजबुल्ला के मुताबिक, ईरान ने लेबनान का साथ दिया और उसकी जमीन, संप्रभुता और अधिकारों की बहाली में मदद की।
प्रतिबंधों से रुख नहीं बदलेगा: हिजबुल्ला
हिजबुल्ला ने अपने सदस्यों के बलिदान और कब्जे के खिलाफ संघर्ष का भी जिक्र किया। संगठन ने कहा कि वह लेबनानी क्षेत्र की रक्षा के अपने रुख पर कायम है। संगठन ने अमेरिका पर प्रतिबंधों को अपनी विदेश नीति के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। साथ ही उसने सवाल उठाया कि अमेरिका को किसी संगठन को वर्गीकृत करने या उसकी देशभक्ति का फैसला करने का अधिकार किसने दिया।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब हिजबुल्ला, इस्राइल, लेबनान और ईरान को लेकर तनाव लगातार बना हुआ है। अमेरिका पहले से ही हिजबुल्ला पर प्रतिबंधों और वित्तीय दबाव की नीति अपनाता रहा है। हिजबुल्ला ने यह भी कहा है कि नए प्रतिबंध और नए वर्गीकरण उसके रुख को नहीं बदलेंगे।