बांग्लादेश: 'हिंसा करने वालों को सजा मिले', मुल्क छोड़ने के बाद हसीना का पहला बयान; खालिदा ने फिर खोला मोर्चा
शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने देशवासियों से 15 अगस्त को शोक दिवस मनाने की अपील की। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने बुधवार और गुरुवार को अपनी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के दफ्तर के बाहर धरना देने का एलान किया है।
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बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण को लेकर फैली हिंसा को लेकर इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहला बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने देशवासियों से 15 अगस्त को शोक दिवस मनाने की अपील की।
वहीं हाल ही में जेल से रिहा हुईं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने बुधवार और गुरुवार को अपनी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के दफ्तर के बाहर धरना देने का एलान किया है। इस धरने के दौरान खालिदा जिया पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ नरसंहार का मुकदमा चलाने की मांग करेंगीं।
पहले जानिए शेख हसीना ने क्या कहा
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने अपने एक्स अकाउंट पर अपनी मां का पहला बयान पोस्ट किया। उन्होंने कहा प्रिय देशवासियों, 15 अगस्त 1975 को बांग्लादेश के राष्ट्रपति, राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की निर्मम हत्या कर दी गई थी। उनके प्रति गहरा सम्मान रखें। उसी समय मेरी मां बेगम फजीलतुन्नैसा, मेरे तीन भाई स्वतंत्रता सेनानी कैप्टन शेख कमाल, स्वतंत्रता सेनानी लेफ्टिनेंट शेख जमाल, कमाल और जमाल की नवविवाहित दुल्हन सुल्ताना कमाल और रोजी जमाल और मेरे 10 वर्ष के छोटे भाई शेख रसेल की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
मेरे इकलौते चाचा लकवाग्रस्त स्वतंत्रता सेनानी शेख नासिर, राष्ट्रपति के सैन्य सचिव ब्रिगेडियर जमील उद्दीन, पुलिस अधिकारी सिद्दीकुर रहमान, स्वतंत्रता सेनानी शेख फजलुल हक मोनी और उनकी गर्भवती पत्नी आरजू मोनी, कृषि मंत्री स्वतंत्रता सेनानी अब्दुर रब सरनियाबाद, उनके 10 वर्षीय बेटे आरिफ और 13 साल की बेटी बेबी, 4 साल का पोता सुकांत, स्वतंत्रता सेनानी, शहीद पत्रकार भतीजे रेंटू समेत कई अन्य की बेरहमी से हत्या कर दी गयी। मैं 15 अगस्त को शहीद हुए सभी लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं।
उन्होंने कहा कि पिछली जुलाई से देश में आंदोलन के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा में कई जानें जा रही हैं। आतंकवादी हमलों के परिणामस्वरूप मारे गए छात्रों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों, महिला पुलिस अधिकारियों, पत्रकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, कामकाजी लोगों, अवामी लीग और सहयोगी संगठनों के नेताओं और कार्यकर्ताओं, पैदल यात्रियों और विभिन्न संस्थानों के श्रमिकों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करती हूं और आत्मा की शांति की प्रार्थना करती हूं। उन लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं जो मेरी तरह अपने रिश्तेदारों को खोने के दर्द के साथ जी रहे हैं। मैं मांग करती हूं कि इस हत्या और बर्बरता की उचित जांच की जाए और दोषियों की पहचान कर उन्हें उचित सजा दी जाए।
शेख हसीना ने कहा कि प्रिय देशवासियों हम दोनों बहनों ने 15 अगस्त 1975 को धनमंडी बंगबंधु भवन में हुई नारकीय हत्या की स्मृति वाले घर को बंगाल की जनता को समर्पित किया। इसमें एक स्मारक संग्रहालय बनाया गया था। देश के आम लोगों से लेकर देश-विदेश के गणमान्य लोग इस सदन में आ चुके हैं। यह संग्रहालय आज़ादी का स्मारक है। यह आज धूल भरी है। यह स्मृति हमारे जीवित रहने का आधार थी, वह जलकर राख हो गयी है। यह बहुत दुखद है।
हम आपकी सेवा कर रहे हैं। जिसका उद्देश्य बांग्लादेश के पीड़ित लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाना है, अपने प्रियजनों के नुकसान की याद को अपने दिलों में बनाए रखना है। इसका शुभ फल भी आपको मिलना शुरू हो गया है। बांग्लादेश विश्व में विकासशील देश का दर्जा प्राप्त कर चुका है। राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान, जिनके नेतृत्व में हमने एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आत्म-सम्मान प्राप्त किया, अपनी पहचान पाई और एक स्वतंत्र देश प्राप्त किया, उनका घोर अपमान किया गया है। उन्होंने लाखों शहीदों के खून का अपमान किया। मैं देशवासियों से न्याय चाहती हूं।
मैं आपसे 15 अगस्त को राष्ट्रीय शोक दिवस को उचित गरिमा और गंभीरता के साथ मनाने की अपील करती हूं। बंगबंधु भवन में पुष्प माला चढ़ाकर और प्रार्थना कर सभी आत्माओं की मुक्ति के लिए प्रार्थना करें। अल्लाह बांग्लादेश के लोगों को आशीर्वाद दे। खुदा हाफ़िज़। जय बांग्ला जय बंगबंधु।
अब जानिए पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने क्या एलान किया
खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की ओर से एलान किया गया कि वह बुधवार और गुरुवार को देश भर में अपने पार्टी कार्यालयों के सामने धरना कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसमें पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ नरसंहार का मुकदमा चलाने की मांग की जाएगी। पार्टी के संयुक्त महासचिव रूहुल कबीर रिजवी ने मंगलवार को कार्यक्रम की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को खालिदा जिया के 79वें जन्मदिन पर विरोध प्रदर्शन में मारे गए लोगों के लिए प्रार्थना करने के लिए प्रार्थना सत्र आयोजित किया जाएगा। हिंदू मंदिरों और अन्य पूजा स्थलों में विशेष प्रार्थना की व्यवस्था की गई है। रिजवी ने बीएनपी और उसके सहयोगी संगठनों के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया। हसीना के सत्ता से हटने के बाद 78 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री जिया को जेल से रिहा कर दिया गया था। उन्हें 2018 में भ्रष्टाचार के आरोप में 17 साल की सजा सुनाई गई थी।
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