{"_id":"63e36b50f796ff4666006020","slug":"haj-yatra-indian-citizen-set-out-on-foot-from-kerala-for-haj-pilgrimage-pakistani-court-got-visa-2023-02-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haj Yatra: हज यात्रा के लिए केरल से पैदल निकला भारतीय नागरिक, पाकिस्तानी कोर्ट ने दिलवाया वीजा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Haj Yatra: हज यात्रा के लिए केरल से पैदल निकला भारतीय नागरिक, पाकिस्तानी कोर्ट ने दिलवाया वीजा
Wed, 08 Feb 2023 02:59 PM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 08 Feb 2023 02:59 PM IST
सार
वाघा बॉर्डर पर पहुंचने के बाद पाकिस्तान ने शिहाब को वीजा देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कुछ पाकिस्तानी समाजसेवियों ने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से शिहाब को वीजा जारी करने का आदेश दे दिया गया।
विज्ञापन
हज के लिए निकला शिहाब
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हज यात्रा के लिए केरल से पैदल निकले एक भारतीय युवक की पाकिस्तान में खूब चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी अदालत ने ही भारतीय युवक को वीजा भी दिलवाया। युवक का नाम शिहाब है और उम्र 29 साल। केरल के रहने वाले शिहाब अक्तूबर से पैदल हज यात्रा के लिए निकले थे। हालांकि, वाघा बॉर्डर पर पहुंचने के बाद पाकिस्तान ने शिहाब को वीजा देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद कुछ पाकिस्तानी समाजसेवियों ने इस मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से शिहाब को वीजा जारी करने का आदेश दे दिया गया।
लाहौर में हुआ भव्य स्वागत
भारतीय नागरिक शिहाब का स्वागत वाघा बॉर्डर पर सरवर ताज और भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी ने किया। शिहाब की ओर से सरवर ताज ने ही पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कुरैशी ने बताया कि मक्का की अपनी यात्रा जारी रखने के लिए वीजा मिलने से शिहाब बहुत खुश हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि शिहाब प्यार, दोस्ती और भाईचारे का संदेश लेकर पाकिस्तान आए हैं।
अक्तूबर में शुरू की थी यात्रा, बॉर्डर पर रोक लिए गए थे
केरल के रहने वाले शिहाब ने पिछले साल अक्टूबर में अपने घर से वाघा सीमा तक करीब तीन हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की थी। हालांकि वाघा बॉर्डर पर पहुंचने के बाद उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों ने रोक लिया था। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि शिहाब ने पाकिस्तान में आव्रजन के लिए अधिकारियों के सामने अनुरोध किया था कि वह पैदल हज करने जा रहा है और पहले ही तीन हजार किमी की यात्रा कर चुका है और उसे मानवीय आधार पर देश में प्रवेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह ईरान के रास्ते सऊदी अरब पहुंचने के लिए ट्रांजिट वीजा चाहता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
लाहौर में हुआ भव्य स्वागत
भारतीय नागरिक शिहाब का स्वागत वाघा बॉर्डर पर सरवर ताज और भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन पाकिस्तान के अध्यक्ष इम्तियाज राशिद कुरैशी ने किया। शिहाब की ओर से सरवर ताज ने ही पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। कुरैशी ने बताया कि मक्का की अपनी यात्रा जारी रखने के लिए वीजा मिलने से शिहाब बहुत खुश हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि शिहाब प्यार, दोस्ती और भाईचारे का संदेश लेकर पाकिस्तान आए हैं।
विज्ञापन
अक्तूबर में शुरू की थी यात्रा, बॉर्डर पर रोक लिए गए थे
केरल के रहने वाले शिहाब ने पिछले साल अक्टूबर में अपने घर से वाघा सीमा तक करीब तीन हजार किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की थी। हालांकि वाघा बॉर्डर पर पहुंचने के बाद उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों ने रोक लिया था। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के अधिकारी ने कहा कि शिहाब ने पाकिस्तान में आव्रजन के लिए अधिकारियों के सामने अनुरोध किया था कि वह पैदल हज करने जा रहा है और पहले ही तीन हजार किमी की यात्रा कर चुका है और उसे मानवीय आधार पर देश में प्रवेश करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह ईरान के रास्ते सऊदी अरब पहुंचने के लिए ट्रांजिट वीजा चाहता था।
विज्ञापन