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Syria: बंदूकधारियों ने सीरियाई सैनिकों को ले जा रही एक बस पर घात लगाकर किया हमला, 20 की मौत, कई अन्य घायल

Fri, 11 Aug 2023 01:09 PM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बेरूत। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 11 Aug 2023 01:09 PM IST
सार

आईएस ने पहले सीरिया और इराक के बड़े हिस्से को नियंत्रित किया था, जहां उन्होंने जून 2014 में खिलाफत की घोषणा की थी। इसके बाद सालों से वे अपनी जमीन खोते गए और 2017 में इराक में और दो साल बाद सीरिया में हार गए।

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Gunmen ambushed a bus carrying Syrian soldiers in the country east, killing at least 20 and wounding others
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विपक्षी कार्यकर्ताओं ने कहा कि शुक्रवार तड़के बंदूकधारियों ने देश के पूर्वी हिस्से में सीरियाई सैनिकों को ले जा रही एक बस पर घात लगाकर हमला किया। इस हमले में कम से कम 20 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। ऐसा माना जाता है कि यह हमला इस्लामिक स्टेट (IS) समूह के सदस्यों द्वारा किया गया है। सीरिया के कुछ हिस्सों में आईएस स्लीपर सेल 2019 में अपनी हार के बावजूद अभी भी घातक हमले कर रहे हैं।

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ब्रिटेन स्थित सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि इराक की सीमा से लगे डेर अल-जौर प्रांत के पूर्वी शहर मयादीन के पास एक रेगिस्तानी सड़क पर हुए हमले में 23 सीरियाई सैनिक मारे गए और 10 घायल हो गए। वहीं, पूर्वी सीरिया में समाचार कवर करने वाले एक अन्य कार्यकर्ता समूह ने कहा कि 20 सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए। हमले पर सीरियाई सेना या सरकार की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
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आईएस ने पहले सीरिया और इराक के बड़े हिस्से को नियंत्रित किया था, जहां उन्होंने जून 2014 में खिलाफत की घोषणा की थी। इसके बाद सालों से वे अपनी जमीन खोते गए और 2017 में इराक में और दो साल बाद सीरिया में हार गए। एक साल में अपने सबसे घातक हमलों में से एक में, आईएस के स्लीपर सेल ने फरवरी में केंद्रीय शहर सुखना के पास ट्रफल इकट्ठा करने वाले श्रमिकों पर हमला किया था। इस हमले में कम से कम 53 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर श्रमिक लेकिन कुछ सीरियाई सरकारी सुरक्षा बल के लोग भी शामिल थे।
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जिहादी समूहों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि क्या हमलों का नया दौर सीरिया और इराक में लाखों लोगों पर आतंक के साथ शासन करने वाले चरमपंथियों के एक नए पुनरुत्थान का प्रतीक है।


पिछले हफ्ते आईएस ने सीरिया में अपने अल्पज्ञात नेता अबू अल-हुसैन अल-हुसैनी अल-कुरैशी की मौत की घोषणा की थी, जो नवंबर से चरमपंथी संगठन का नेतृत्व कर रहा था। आईएस ने उसके उत्तराधिकारी का नाम भी बताया था। उत्तर पश्चिमी सीरिया में अमेरिकी सैनिकों द्वारा 2019 में इसके संस्थापक अबू बक्र अल-बगदादी की हत्या के बाद से वह मारा जाने वाला चौथा व्यक्ति था।

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