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जीएसटी धोखाधड़ी: सुप्रीम कोर्ट ने फरार आरोपियों को गिरफ्तारी से संरक्षण देने से किया इन्कार, जानिए पूरा मामला

Fri, 14 Feb 2025 11:34 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 14 Feb 2025 11:34 PM IST
सार

जीएसटी धोखाधड़ी के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फरार आरोपियों को गिरफ्तारी से संरक्षण देने से इन्कार कर दिया।
सीजेआई ने कहा, आपके मुवक्किल दुबई, मलयेशिया और इंडोनेशिया की यात्रा की। लेकिन आप जांच में शामिल होने के लिए भारत नहीं आए। उन्हें यहां आने से किसने रोका था? उन्हें यहां आने से किसने रोका था?

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GST fraud Supreme Court refuses to give protection from arrest to absconding accused news in hindi
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने जीएसटी धोखाधड़ी के एक मामले में भारतीय पासपोर्ट रद्द होने के बाद मलयेशिया के कुआलालंपुर में फंसे एक ‘फरार’ आरोपी को गिरफ्तारी से सुरक्षा देने से इन्कार कर दिया। सीजेआई जस्टिस संजीव खन्ना व जस्टिस संजय कुमार की पीठ से आरुषि अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने आग्रह किया कि उनके पति निशांत जांच में शामिल होने के लिए भारत आने के लिए पूरी तरह इच्छुक हैं।
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अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए फर्जी कंपनियां बनाने का आरोप
निशांत और कुछ अन्य पर सरकार को धोखा देने और जीएसटी कानून के तहत अवैध रूप से कर लाभ प्राप्त करने के लिए आधार और पैन कार्ड का उपयोग करके फर्जी कंपनियां बनाने का आरोप है। निशांत, जिनका भारतीय पासपोर्ट ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद रद्द कर दिया गया था, वर्तमान में कुआलालंपुर में हैं और अपनी पत्नी आरुषि के माध्यम से शीर्ष अदालत पहुंचे हैं। रामचंद्रन ने कहा कि उनके भारत आने की सुविधा दी जानी चाहिए, क्योंकि उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया गया है। उन्हें मामले में अग्रिम जमानत लेने के लिए कुछ दिनों के लिए गिरफ्तारी से सुरक्षा दी गई है।
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अन्य आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं
उन्होंने यह भी कहा कि कई अन्य आरोपी पहले से ही जमानत पर हैं। सीजेआई ने कहा, आपके मुवक्किल दुबई, मलयेशिया और इंडोनेशिया की यात्रा की। लेकिन आप जांच में शामिल होने के लिए भारत नहीं आए। उन्हें यहां आने से किसने रोका था? उन्हें यहां आने से किसने रोका था?
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अपराध को अंजाम देने के लिए 6 लाख पैन कार्ड का इस्तेमाल
यूपी सरकार के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि निशांत करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी है। उसने अपराध को अंजाम देने के लिए 6 लाख पैन कार्ड का इस्तेमाल किया। पीठ ने स्पष्ट किया कि आरोपी को आत्मसमर्पण करना होगा और भारत आना होगा, जबकि आरुषि और विदेश मंत्रालय को यह सुनिश्चित करने के लिए समन्वय करने का निर्देश दिया कि उसे वापस लाया जाए।
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