फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Israel Hezbollah War Streets Filled With Celebrations and Kids Playing Football in War Torn Israel

Ground Report: सड़कों पर जश्न, चौराहों पर मस्ती और बच्चे खेल रहे फुटबॉल; यह है युद्ध में पड़ा हुआ देश इस्राइल

Mon, 14 Oct 2024 08:20 AM IST
अभिषेक दीक्षित तेल अवीव से आशीष तिवारी की रिपोर्ट
तेल अवीव से आशीष तिवारी की रिपोर्ट Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 14 Oct 2024 08:20 AM IST
विज्ञापन
सार
उत्तर का युद्ध प्रभावित क्षेत्र खाइफा हो या दक्षिण का गाजा पट्टी से लगता हुआ इलाका सेडरत या या हो सेंटर का तेल अवीव या यरुशलम। बीते 36 घंटे से इस्राइल में सबसे बड़ा त्योहार योम किप्पुर मनाया जा रहा था।
loader
Israel Hezbollah War Streets Filled With Celebrations and Kids Playing Football in War Torn Israel
इस्राइल - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

सड़कों पर जश्न मनाया जा रहा है। युवाओं की टोलियां नाच रहीं हैं। गा रहीं हैं। कोई सड़कों पर साइकिलिंग कर रहा है। तो कोई अपने दोस्तों के साथ खाली सड़कों पर बैठकर गप्पे मार रहा है। बच्चे सड़कों पर फुटबॉल खेल रहे हैं। हर ओर मस्ती हर ओर खुशियां हैं। यह युद्ध में पड़े हुए इस्राइल की वह तस्वीर है जो  पूरी दुनिया में उनको शायद सबसे अलग बनाती है। बीते दो दिनों से इजराइल में एक तरह से कर्फ्यू जैसा माहौल था। क्योंकि पूरा देश योम किप्पुर मना रहा था। और इसी दौरान इस्राइल की सड़कों पर पूरा देश उमड़ कर जश्न मना रहा था। इस चिंता से दूर कि पिछले साल इसी त्योहार पर हमास के आतंकियों ने जो युद्ध शुरू किया था उसने समूचे इजराइल को दुनिया के सबसे बड़े युद्ध क्षेत्र में तब्दील कर दिया है। अमर उजाला ने युद्ध में पड़े हुए इस्राइल की यह तस्वीर देखी।



उत्तर का युद्ध प्रभावित क्षेत्र खाइफा हो या दक्षिण का गाजा पट्टी से लगता हुआ इलाका सेडरत या या हो सेंटर का तेल अवीव या यरुशलम। बीते 36 घंटे से इस्राइल में सबसे बड़ा त्योहार योम किप्पुर मनाया जा रहा था। तेल अवीव के रहने वाले एमोख ओल कहते हैं कि 1973 के बाद यह पहला त्यौहार पड़ा है जब उनका पूरा देश युद्ध में होने के बाद इसको मना रहा है। वह कहते हैं कि उनको इस बात की चिंता है कि उनके देश में इस वक्त क्या हालात हैं। लेकिन उनको भरोसा है कि उनकी सेना इतनी सक्षम है कि वह युद्ध में होने के बाद भी खुली सड़कों पर नाच सकते हैं, गा सकते हैं।


तेल अवीव की सड़कों पर अमर उजाला ने युद्ध में पड़े हुए इस देश के लोगों की हिम्मत और अपने देश की सेना के लिए जमकर प्यार देखा। यहां के सबसे बड़े कमर्शियल सेंटर आरजेली के सामने की सड़कों पर करीब चालीस युवाओं का ग्रुप बीच सड़क पर अपने देश के पारंपरिक गीत गा रजा था। इसमें छोटे बच्चे भी थे और उम्र दराज लोग भी। इसमें शामिल ओलुख सेम कहते हैं कि वह बचपन से ही युद्ध देखते आए हैं। इसलिए हमास, हिजबुल्लाह और ईरान की मिसाइलें और युद्ध उनकी हिम्मत को नहीं तोड़ सकते। वह कहते हैं कि आप सड़कों पर मनाए जा रहे जश्न को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि क्या हमारे ऊपर युद्ध का कोई असर दिख रहा है।

कुछ दिन पहले तेल अवीव इलाके में लगातार सायरन बजते रहे थे। इसका मतलब यह था कि दुश्मनों ने इस इलाके के आसपास मिसाइले दागनी शुरू की हैं। लेकिन उन मिसाइलो की चिंता से दूर और बजने वाले सायरनों से निश्चिंत एलिन छोटे बच्चे के साथ सड़कों पर फुटबॉल खेलने निकली थी। इस्राइल डिफेंस फोर्स की सैनिक एलेन बताती हैं कि वह अपने दुश्मनों को किसी भी हद में जाकर मुंह तोड़ जवाब दे सकती हैं। इसलिए उनको ऐसी मिसाइल और लगातार बजने वाले सायरनों की बिल्कुल चिंता नहीं है। उनका कहना है कि वह बचपन से ऐसे माहौल में पली बढ़ी हैं कि युद्ध नाम का डर उनको विचलित नहीं करता है। वह यही अपने छोटे बच्चे के अंदर डेवलप करना चाहती हैं। इसीलिए वह अपने बच्चों को ऐसे माहौल में भी सड़क पर फुटबॉल खिकाने लाई हैं।

युद्ध में पड़े हुए इस्राइल के बड़े शहर तेल अवीब में साइकिल चला रहे बच्चों की टोली भी बड़ी मस्त थी। छोटे-छोटे बच्चों ने जब अपना वीडियो बनाते हुए देखा तो सब एक साथ इकट्ठे होकर डांस करने लगे। यह सभी खुली हुई सड़कों पर साइकिलिंग करने के लिए निकले थे। यह पूछने पर की इस वक्त तो यहां युद्ध चल रहा है, सुरक्षा का भी अलर्ट जारी हुआ है, फिर भी सभी लोग साइकिल चला रहे हो, डर  नहीं लगता। इसका जवाब देते हुए बच्चों ने हमास और हिजबुल्लाह को ललकारना शुरू किया। इन बच्चों का कहना था कि हमास और हिजबुल्लाह के आतंकियों की वजह से वह डर जाएं ऐसा नहीं हो सकता। 

यहां की एक रिहायशी सोसाइटी के करीब दर्जन भर से ज्यादा छोटे-छोटे बच्चे भी सड़कों पर साइकिल चलाने उतरे थे। इन बच्चों के परिजनों का कहना था कि आप विदेश से युद्ध कवर करने आए हो इसलिए आपको यह बैटलफील्ड नजर आता है। लेकिन हमारे लिए यह युद्ध क्षेत्र नहीं है। यहां की सगोना मार्केट के रिहायशी इलाके में रहने वाले ओलिव डेल कहते हैं कि अगर हम लोग छोटे छोटे बच्चों के साथ सड़कों पर जश्न मनाने के लिए नहीं उतरेंगे तो हमारी सेना पर इसका कुछ और ही प्रभाव पड़ेगा। हम अपनी सेना को बच्चों के साथ सड़कों पर उतरकर जश्न मनाते हुए खेलते और गाते हुए यह जताना चाहते हैं कि उनकी वजह से हम सुरक्षित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed