फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Google and big tech companies are afraid of the laws being made against themselves

गूगल समेत बड़ी तकनीकी कंपनियां अपने खिलाफ बन रहे कानूनों को लेकर हैं भयभीत

Sat, 19 Dec 2020 07:18 AM IST
Kuldeep Singh न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Published by: Kuldeep Singh Updated Sat, 19 Dec 2020 07:18 AM IST
विज्ञापन
Google and big tech companies are afraid of the laws being made against themselves
गूगल - फोटो : google

यूरोपीय यूनियन द्वारा डिजिटल कंपनियों पर लगाम लगाने के कानून को बनने से रोकने के लिए अब कंपनियां हर तरह का षड्यंत्र रच रही हैं। गूगल समेत दूसरी बड़ी तकनीकी कंपनियां अपने खिलाफ बन रहे कानूनों को लेकर भयभीत हैं।

विज्ञापन


इससे जुड़े दस्तावेजों के लीक होने की घटना ने यूरोपीय संघ की राजधानी ब्रुसेल्स को हिलाकर रख दिया है। दरअसल, इन दस्तावेजों से पता चला है कि कंपनियां कानून की अनदेखी करती हैं तो विज्ञापन का बाजार तहस-नहस हो जाएगा।
विज्ञापन


अधिकारियों और कानूनविदों के जरिए लॉबिंग पर जोर
अधिकारियों का कहना है कि जो अभी कागजात सामने आए हैं उससे स्पष्ट है कि गूगल और दूसरी अमेरिकी तकनीकी कंपनियां बड़े स्तर पर लॉबिंग करेंगे ताकि उनके खिलाफ सख्त कानून न बन सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूरोपीय संघ तकनीकी कंपनियों पर लगाम कसने के मामले में सबसे आगे हैं। इसी को ध्यान में रखकर इन कंपनियों का पूरा ध्यान ब्रुसेल्स पर टिका है ताकि वह अपने खिलाफ बनने वाले कानून को बनने से ही पहले खत्म कर सकें।

कानून प्रभावित करने का पूरा मौका
लॉबी कंट्रोल के मैक्स बैंक का कहना है कि नए कानून से तकनीकी कंपनियों को बहुत नुकसान होगा। हालांकि इस कानून को 2022 से पहले अनुमति नहीं मिलेगी और कंपनियों के पास इस कानून को प्रभावित करने के लिए पूरा मौका है।

माइक्रोसॉफ्ट को छोड़ सब चुप

  • नए कानून पर माइक्रोसॉफ्ट के कैस्पर क्लिंग कहते हैं कि यूरोपीय संघ हमारा प्रमुख स्टेक होल्डर है, हम यूरोपीय कानून विद्रोह के साथ पारदर्शी सहभागिता रखना चाहेंगे।
  • गूगल, अमेजन, एपल और फेसबुक ने अपने खिलाफ बनने वाले कानून में अड़ंगा फंसाने की कोशिशों के मसले पर चुप्पी साध रखी है।


अपनी मजबूती के लिए बना रहे हैं नेटवर्क
कंपनियां यूरोप में अपने खर्च पहले की तुलना में बहुत अधिक बढ़ा रही है। बेहतरीन कानूनी और सलाहकार कंपनियों से संपर्क साध रही है इसके अलावा दर्जनों विचार को और व्यापार संगठनों को राशि भी दे रही है। विश्वविद्यालय और पूरे महाद्वीप में अपना नेटवर्क फैलाकर अपने पक्ष में लोगों और संस्थाओं को एकत्र कर रही है। 

19 मिलियन यूरो की राशि की खर्च 
ईयू लॉबिंग की निगरानी करने वाले ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के आंकड़ों के अनुसार, जून 2020 तक गूगल, फेसबुक, अमेजन एपल और माइक्रोसॉफ्ट ने करीब 19 मिलियन यूरो की राशि खर्च की है जो 2019 में खर्च के लिए घोषित राशि जितनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed