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Hindi News ›   World ›   Golan, focused on defeating Netanyahu, reaches out to Arab party; urges leaders to rise above fear and racism.

नेतन्याहू को हराने में जुटे गोलान: अरब दल को साथ आने के लिए बढ़ाया हाथ, कहा- डर और नस्लवाद से ऊपर उठें नेता

Wed, 28 Oct 2026 03:09 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, यरूशलेम
एएनआई, यरूशलेम Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 28 Oct 2026 03:09 PM IST
सार

इस्राइल के लोकतांत्रिक नेता यायर गोलान ने अरब पार्टियों के साथ मिलकर नेतन्याहू सरकार को चुनौती देने और बदलाव की सरकार बनाने की अपील की है। उन्होंने डर और नस्लवाद छोड़ने तथा अरब-यहूदी नागरिकों को समान प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया। 

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Golan, focused on defeating Netanyahu, reaches out to Arab party; urges leaders to rise above fear and racism.
यायर गोलान, इस्राइल के लोकतांत्रिक नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

इस्राइल के लोकतांत्रिक नेता यायर गोलान ने देश की अरब पार्टियों के साथ मिलकर 'बदलाव की सरकार' बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गुट के पास सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल है और राजनीतिक नेताओं से डर तथा नस्लवाद से ऊपर उठने की अपील की है।
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गोलान ने क्या अपील की? 
एक्स पर एक पोस्ट में गोलान ने कहा, 'नेतन्याहू हार गए हैं। मुझे 120 तक गिनती आती है। 65, 55 से ज्यादा होता है। इस्राइली लोकतंत्र इसी तरह काम करता है। बात खत्म।' गोलान ने 'यशार' नेता गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गुट में शामिल दलों से अपील की कि वे अरब दलों के साथ मिलकर सरकार बनाएं। उन्होंने तर्क दिया कि इस संयुक्त गुट के पास नेसेट (इस्राइली संसद) में बहुमत होगा।
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गोलान ने क्या कहा? 
उन्होंने कहा, 'हकीकत हमें एक बहुत बड़ा सबक सिखाती है। अगर हम डरना बंद नहीं करते, तो यहां हमारा कोई भविष्य नहीं है। और अगर हम नस्लवाद को खत्म नहीं करते, तब भी हमारा कोई भविष्य नहीं है। हमें यहूदी वोटों और अरब वोटों के बीच नेतन्याहू द्वारा किए गए नस्लवादी बंटवारे को अब और स्वीकार नहीं करना चाहिए।'
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अरब नागरिकों के लिए समान प्रतिनिधित्व पर जोर देते हुए, गोलन ने कहा, 'तैबे में वोट देने वाले एक इस्राइली नागरिक की आवाज की अहमियत उतनी ही है, जितनी गिवत शमुएल में वोट देने वाले एक इस्राइली नागरिक की आवाज की। न कम, न लगभग, बल्कि बिल्कुल बराबर।' उन्होंने आगे कहा, 'जो कोई भी अरब नागरिकों की आवाज को मिटाने की कोशिश करता है। वह नेतन्याहू के सामने घुटने टेक रहा है और इस्राइली से हार मान रहा है।'

गोलन ने क्या चुनौती दी?
गोलन ने नेतन्याहू के गुट के 'जियोनिज्म' (यहूदी राष्ट्रवाद) से जुड़े दावों को भी चुनौती दी और उनके गठबंधन में शामिल अति-रूढ़िवादी 'हारेदी' पार्टियों की मौजूदगी की ओर इशारा किया।
उन्होंने कहा, 'नेतन्याहू के गुट में गैर-जियोनिस्ट 'हारेदी' पार्टियों के 16 नेसेट (इस्राइली संसद) सदस्य शामिल हैं। ये लोग लोगों को सेना में भर्ती होने से बचने के लिए उकसाते हैं, जबकि हमारे बच्चे (सेना में) लड़ रहे हैं और अपनी जान दे रहे हैं।' गोलन ने आगे कहा, 'अगर नेतन्याहू सिर्फ 'जियोनिस्ट' बहुमत की बात करते हैं, तो उन्हें सबसे पहले अपने ही गुट से उन 16 गैर-जियोनिस्ट 'हारेदी' सदस्यों को बाहर करना चाहिए। वे हमें जियोनिज्म के बारे में उपदेश न दें।'


'टाइम्स ऑफ इस्राइली' के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 72.4 प्रतिशत मतपेटियों की गिनती हो चुकी है। केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी आंशिक नतीजों में नेतन्याहू समर्थक गुट को 54 सीटें और आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गुट को 48 सीटें मिली हैं।
 
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