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ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट: भारत-चीन की करीबी से दुनिया को नई दिशा मिलेगी, मुक्त व्यापार की रक्षा पर कही यह बात
Sat, 09 Aug 2025 06:15 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 09 Aug 2025 06:15 AM IST
सार
चीन की सरकारी मीडियो ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट में भारत और चीन की करीबी को लेकर अहम खबर प्रकाशित हुई है। इसके मुताबिक दोनों देशों के करीब आने से दुनिया को नई दिशा मिलेगी। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मुक्त व्यापार की रक्षा करना सभी देशों का अधिकार है। जानिए इस रिपोर्ट की खास बातें
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
चीनी मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एससीओ सम्मेलन के लिए प्रस्तावित यात्रा का स्वागत किया है और कहा कि वह अपनी धरती पर भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए बेताब है। वहीं, कुछ पश्चिमी मीडिया संस्थानों ने मोदी की इस यात्रा को अमेरिका के खिलाफ बचाव करने के प्रयास के रूप में पेश किया है।
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चीन की सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने पश्चिमी मीडिया के इस नजरिये को एकतरफा करार दिया है। उसका कहना है कि मुक्त व्यापार की रक्षा करना और एकतरफा टैरिफ का विरोध करना आज दुनिया के ज्यादातर देशों की साझा इच्छा है। पीएम मोदी अगर चीन की यात्रा करते हैं तो इससे न सिर्फ दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक गति को बल मिलेगा, बल्कि पूरी दुनिया को एक नई दिशा मिलेगी। पीएम मोदी की संभावित चीन यात्रा ऐसे समय में होने जा रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ जंग छेड़ रखी है। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के आखिर में चीन जाएंगे। इस खबर ने भी दुनिया का ध्यान खींचा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है।
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भारत-चीन के द्विपक्षीय रिश्तों में हो रहा सुधार
2020 में गलवां संघर्ष के बाद भारत और चीन के रिश्ते पटरी से उतर गए थे। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास की कमी आ गई थी। लेकिन चार साल बाद 2024 में कजान में पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों के संबंधों पर जमी बर्फ पिघल रही है। पिछले दिनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकर अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक के बाद एक चीन की यात्रा की है। अब सात साल बाद पीएम मोदी चीन जाने वाले हैं। चीन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
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ट्रंप की टैरिफ नीति, चीन के लिए बेहतर अवसर
ऐसे अनुकूल माहौल में ट्रंप की एकतरफा टैरिफ नीति ने चीन को भारत के साथ संबंधों को और तेजी से सुधारने का बेहतर अवसर दे दिया है। वह भारत के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश भी कर रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने पीएम मोदी की संभावित चीन यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि भारत-चीन के बीच बेहतर संबंध न केवल दोनों देशों को फायदा देंगे, बल्कि पूरी दुनिया के लिए यह एक अच्छा परिणाम साबित होगा। दोनों देशों के एक साथ आने से दुनिया को नई दिशा मिलेगी।
कहा-एससीओ में मोदी का आना मित्रता का समागम
बीजिंग। चीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महीने के अंत में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तियानजिन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए नियोजित यात्रा का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, हमारा मानना है कि सभी पक्षों के सम्मिलित प्रयास से, तियानजिन शिखर सम्मेलन एकजुटता, मित्रता और सार्थक परिणामों का एक समागम होगा, और एससीओ अधिक समन्वय के साथ विकास के एक नए चरण में प्रवेश करेगा।