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COP15: जैविक विविधता सम्मेलन में बोले भूपेंद्र यादव, कीटनाशकों में कमी के लिए वैश्विक लक्ष्य तय करना गैर-जरूरी
Sat, 17 Dec 2022 04:49 PM IST
गुलाम अहमद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉन्ट्रियल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉन्ट्रियल
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 17 Dec 2022 04:49 PM IST
सार
COP15 के तहत जैविक विविधता पर कन्वेंशन को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों की कमी के लिए वैश्विक लक्ष्य गैर-जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसे देशों को तय करने के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए।
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Bhupendra Yadav
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में आयोजित संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन में भारत ने कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों की कमी के लिए वैश्विक लक्ष्य तय करने के खिलाफ आवाज उठाई और इसे गैर-जरूरी बताया। COP15 के तहत जैविक विविधता पर कन्वेंशन को संबोधित करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में कीटनाशकों की कमी के लिए वैश्विक लक्ष्य गैर-जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसे देशों को तय करने के लिए छोड़ दिया जाना चाहिए।
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यादव ने कहा कि विकासशील देशों की तरह भारत में भी कृषि क्षेत्र करोड़ों लोगों की आजीविका का प्रमुख स्रोत है। इसलिए कीटनाशकों की कमी को लक्षित नहीं किया जा सकता है। यादव ने कहा, कमजोर वर्गों को ध्यान में रखते हुए इसे खत्म नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निवेश के जरिए जैव विविधता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
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कीटनाशकों का इस्तेमाल दो-तिहाई तक कम करने का लक्ष्य
बता दें, ग्लोबल बायोडायवर्सिटी फ्रेमवर्क (जीबीएफ) के लक्ष्य-7 में वर्ष 2030 तक कीटनाशकों का इस्तेमाल कम से कम दो-तिहाई तक कम करना शामिल है। पेस्टीसाइड एक्शन नेटवर्क (पैन) इंडिया की फरवरी में जारी रिपोर्ट में भारत में कीटनाशकों के इस्तेमाल की गंभीर समस्याओं का खुलासा किया हुआ है।
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साथ ही यह रिपोर्ट खतरनाक कृषि रसायनों के इस्तेमाल पर सवाल उठाती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में भारत में कीटनाशकों का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है, जिससे खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण प्रदूषण को खतरा है।