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GFP: सैन्य ताकत में रूस के बराबर पहुंचा चीन, टॉप-10 से पाकिस्तान बाहर; भारत की कैसी स्थिति? जानें सबकुछ

Thu, 16 Jan 2025 07:35 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Thu, 16 Jan 2025 07:35 PM IST
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सार
ताजा स्कोर को देखा जाए तो टॉप-6 देशों की रैंकिंग 2024 की तरह ही रही है। हालांकि, सभी देशों की सैन्य ताकत के स्कोर में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका टॉप पर होने के बावजूद अपने पिछले स्कोर से पीछे है।
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Global Firepower GFP Index China vs India vs Pakistan power comparison World and Asia US Russia Israel explain
ग्लोबल फायरपावर रिपोर्ट 2025। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनियाभर में देशों की सैन्य ताकत परखने वाली संस्था ग्लोबल फायरपावर ने 2025 में एक बार फिर अलग-अलग देशों की ताकत से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। 60 अलग-अलग मानकों पर देशों की ताकत को परखने वाली इस संस्था ने जो रैंकिंग जारी की है, अमेरिका को मौजूदा समय में भी सबसे ताकतवर सैन्य ताकत करार दिया है। वहीं, इस रैंकिंग में रूस दूसरे नंबर पर और चीन को तीसरे नंबर पर रखा गया है। इन तीनों महाशक्तियों के बाद भारत का नंबर आता है, जिसे सैन्य मामलों में चौथा सबसे शक्तिशाली देश करार दिया गया है। 

क्या है किसी देश की ताकत मापने का तरीका?
  • ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स (जीएफपी) में किसी देश की ताकत उसके स्कोर पर निर्भर होती है। जिस देश का स्कोर जितना ज्यादा होता है, उसकी ताकत उतनी ही कम आंकी जाती है। यानी 0.0000 का स्कोर सबसे शानदार माना जाता है। इसके बाद जैसे-जैसे यह स्कोर बढ़ता रहता है, वैसे ही देशों की ताकत कम मानी जाने लगती है। 
  • इन देशों को यह स्कोर उनकी सेनाओं के संख्याबल, हथियारों की ताकत, लॉजिस्टिक्स लाने-ले जाने की क्षमताएं, भौगोलिक स्थिति और आर्थिक शक्ति के आधार पर दिया जाता है।

टॉप-6 देशों की रैंकिंग में बदलाव नहीं
ताजा स्कोर को देखा जाए तो टॉप-6 देशों की रैंकिंग 2024 की तरह ही रही है। हालांकि, सभी देशों की सैन्य ताकत के स्कोर में कुछ गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका टॉप पर होने के बावजूद अपने पिछले स्कोर से पीछे है। वहीं, रूस की ताकत में भी गिरावट देखी गई है। इस बीच रूस और चीन की ताकत को इस रैंकिंग में बराबर दिखाया गया है। यानी चीन की सेना की ताकत कम जरूर हुई है, लेकिन रूस की ताकत में आई कमी इतनी ज्यादा है कि दोनों के अंक अब समान हैं। इसी तरह भारत भी पहले की तरह ही लगातार चीन के बाद चौथे स्थान पर बना हुआ है। कई मानकों में दोनों देश रैकिंग में भी एक-दूसरे से आगे-पीछे ही हैं।

लिस्ट में फ्रांस की एंट्री, पाकिस्तान टॉप-10 से बाहर
दूसरी तरफ लिस्ट में फ्रांस ने फिर जगह बनाई है। 2024 में यह देश सैन्य ताकत के मामले में 11वें नंबर पर था। पिछले एक साल में फ्रांस की सैन्य ताकत में बिल्कुल बदलाव नहीं हुआ, यानी उसका 2024 और 2025 का आंकड़ा बराबर है। इसके चलते जहां बाकी देशों की सैन्य ताकत का स्कोर कम हुआ है, वहीं फ्रांस ने एक बार फिर टॉप-10 में जगह बना ली है। यह देश सैन्य शक्ति में दुनिया का 7वां सबसे ताकतवर देश है। 

इसके अलावा फ्रांस की एंट्री के बाद पाकिस्तान इस लिस्ट से बाहर हो गया है। पिछले साल वैश्विक ताकत के मामले में 0.1711 के स्कोर के साथ पाकिस्तान 9वें नंबर पर था। हालांकि, इस बार उसका स्कोर 0.2513 रहा, जिसके चलते वह इस लिस्ट में 12वें स्थान पर खिसक गया। दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील की ताकत में भी 2024 (स्कोर- 0.1944) के मुकाबले गिरावट आई है। लेकिन 0.2415 के स्कोर के साथ वह लिस्ट में पाकिस्तान से आगे 11वें स्थान पर है।

इस्राइल से पाकिस्तान का क्या मुकाबला?
देशों की सैन्य ताकत को अगर एशिया तक ही सीमित कर दिया जाए तो सामने आता है कि वैश्विक लिस्ट में टॉप-10 देशों में से छह देश एशिया के ही हैं। इनमें रूस सबसे ज्यादा ताकतवर है, वहीं चीन उसके बराबर के स्कोर के साथ दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर भारत है। इसके बाद दक्षिण कोरिया, जापान और तुर्किये का स्थान आता है। वहीं, दुनिया के शक्तिशाली देशों में टॉप-10 से बाहर हो चुके पाकिस्तान की एशिया में रैंक 7वीं हैं। उसके बाद इंडोनेशिया (स्कोर: 0.2557), इस्राइल (0.2661) और ईरान (0.3048) क्रमशः 8वें, 9वें और 10वें स्थान पर हैं। एशिया में 11वें नंबर पर सबसे ताकतवर ताइवान है, जो कि चीन के खतरे को भांपते हुए लगातार अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश में है। लिस्ट में उसे 0.3988 का स्कोर दिया गया है। 

1. चीन से क्या तुलना
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में भारत और चीन के बीच सिर्फ एक स्थान का अंतर है। जहां चीन तीसरे नंबर पर है, वहीं भारत को चौथा स्थान मिला है। हालांकि, इन दोनों देशों की सैन्य ताकत में फर्क काफी ज्यादा है। 
  • आबादी, सेना में लड़ने के लिए उपलब्ध मैनपावर, सेनाओं में सेवा देने के लिए उपयुक्त लोगों की संख्या और सक्रिय सैन्यकर्मियों में दुनिया में चीन पहले स्थान पर है। इन तीनों ही मानकों में भारत दूसरे नंबर पर है। 
  • हालांकि, रिजर्व सैन्यबलों और अर्धसैनिक बलों की संख्या के मामले में भारत की स्थिति चीन से बेहतर है। दूसरी तरफ चीन का रक्षा बजट भारत के मुकाबले करीब 3.5 गुना है।
  • थल, वायु और नौसेना के मामले में भी चीन अधिकतर मानकों में भारत से आगे है, फिर चाहे वह एयरक्राफ्ट की बात हो या टैंकों की। नौसैन्य क्षेत्र में चीन ने भारत को काफी पीछे छोड़ दिया है। उसके पास युद्धपोतों से लेकर सबमरीन तक, सबकी संख्या ज्यादा है।

2. पाकिस्तान के मुकाबले कहां खड़ा है भारत?
- दूसरी तरफ अपने एक और पड़ोसी पाकिस्तान के मुकाबले भारत की स्थिति काफी बेहतर है। सैन्यबलों से लेकर रक्षा बजट तक भारत ने पाकिस्तान पर बड़ी बढ़त बना रखी है। 
- थलसेना के मामले में चीन के पास भारत से ज्यादा हल्की तोपें हैं। लेकिन टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के मामले में भारत ने अपनी ताकत को काफी बढ़ा लिया है। 
- इसके अलावा वायुसेना की ताकत में भी पाकिस्तान भारत के आगे कहीं नहीं ठहरता। नौसेना में शामिल हथियारों और ताकत की जिक्र की जाए तो अभी तक पाकिस्तान के पास डेस्ट्रॉयर और एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं हैं। 



 
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