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US-Italy Relations: ट्रंप से रिश्ते सुधारने की कोशिशों पर इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी बोलीं- कोई पछतावा नहीं

Thu, 09 Jul 2026 02:56 AM IST
अमन तिवारी एएनआई, अंकारा
एएनआई, अंकारा Published by: अमन तिवारी Updated Thu, 09 Jul 2026 02:56 AM IST
सार

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी संबंध की कोशिशों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पर कोई पछतावा नहीं है, भले ही हाल के दिनों में दोनों के बीच सार्वजनिक विवाद हुआ हो।

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ट्रंप और मेलोनी - फोटो : ANI

विस्तार

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीबी संबंध बनाने की कोशिशों पर उन्हें कोई पछतावा नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों से दोनों नेताओं के बीच ईरान मुद्दे पर सार्वजनिक बहस, निजी टिप्पणियां और सोशल मीडिया पर नोकझोंक चल रही है। इसके बावजूद मेलोनी अपने फैसले पर पूरी तरह कायम हैं।
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बुधवार को अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद मेलोनी ने ट्रंप के साथ संबंध बनाने के अपने प्रयासों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनका यह दृष्टिकोण हमेशा इटली के राष्ट्रीय हितों और पश्चिमी देशों की एकता पर आधारित रहा है, न कि व्यक्तिगत राजनीति पर। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ट्रंप के साथ करीबी संबंध बनाने की कोशिश पर पछतावा है, तो उन्होंने थोड़ा रुककर पानी पिया और दृढ़ता से कहा, नहीं, मुझे अपने किए पर बिल्कुल भी पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की एकता में विश्वास के कारण उन्होंने यह राजनीतिक निवेश किया था। यह कोई ऐसी रणनीति नहीं है जो उन्होंने केवल ट्रंप के आने पर अपनाई हो, बल्कि वह सभी नेताओं के साथ ऐसा ही करती हैं।
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कभी मेलोनी को यूरोप में ट्रंप का सबसे करीबी राजनीतिक सहयोगी माना जाता था। वह ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वाली एकमात्र यूरोपीय शासनाध्यक्ष थीं। उन्हें वाशिंगटन और यूरोपीय राजधानियों के बीच एक पुल के रूप में देखा जाता था। लेकिन पिछले कुछ महीनों में दोनों के रिश्ते खराब हो गए हैं।
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दरार तब शुरू हुई जब मेलोनी ने पोप लियो पर ट्रंप के हमलों की आलोचना की। पोप ने ईरान युद्ध की निंदा की थी। इसके बाद इटली ने पश्चिम एशिया जा रहे अमेरिकी सैन्य विमानों को सिसिली के सिगोनेला हवाई अड्डे का उपयोग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इससे रिश्ते और बिगड़ गए। ट्रंप ने ईरान पर इटली के रुख की आलोचना की और अमेरिका का समर्थन न करने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने मेलोनी को एक अच्छी इंसान भी बताया।

ये भी पढ़ें: West Asia Crisis: अमेरिका ने ईरान पर फिर किया हमला, ट्रंप ने किया था युद्धविराम समझौता खत्म होने का एलान


विवाद तब और बढ़ गया जब ट्रंप ने दावा किया कि फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनसे तस्वीर खिंचवाने की भीख मांगी थी। मेलोनी ने इसे पूरी तरह से मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि न तो वह और न ही इटली कभी भीख मांगते हैं। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मेलोनी की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि इनके खिलाफ अदालती आदेश (रिस्ट्रेनिंग ऑर्डर) की जरूरत है।

मेलोनी ने इस पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने कहा कि ट्रंप के साथ प्रवासन और वोक संस्कृति जैसे मुद्दों पर उनकी समानताएं हैं। अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों के बीच दूरी साफ दिखी। दोनों नेताओं ने समूह फोटो और रात्रिभोज के दौरान एक-दूसरे से दूरी बनाए रखी। यह ठंडा व्यवहार एक साल पहले के उनके गर्मजोशी भरे संबंधों के बिल्कुल विपरीत था।
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