India-Germany Relations: जर्मनी ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की, कहा- आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ एकजुट हैं
जर्मनी ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की है, इसके साथ उसने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई मे भारत के साथ एकजुट और पूरे समर्थन की बात भी दोहराई है। बता दें कि, भारत सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने जर्मनी में कई नेताओं से मुलाकात की है।
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विस्तार
जर्मनी ने भारत में हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को मजबूत समर्थन और एकजुटता का आश्वासन दिया है। यह बात जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान कही। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद कर रहे हैं। उन्होंने जर्मनी के राजनीतिक और कूटनीतिक नेतृत्व को भारत का स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की है।
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बैठक में क्या कहा गया?
भारतीय दूतावास ने एक्स पर बताया कि 'वेडफुल ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ हालिया मुलाकात को आगे बढ़ाते हुए, पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ जर्मनी की मजबूत एकजुटता दोहराई।' दोनों पक्षों ने भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर भी चर्चा की और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित एक नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए प्रतिबद्धता जताई।
रविशंकर प्रसाद का बयान
वहीं भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने एक्स पर लिखा, 'हमने यह स्पष्ट किया कि आतंकवाद लोकतंत्र, मानवता और मानव अधिकारों के लिए एक गंभीर खतरा है। पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद पर गहरी चिंता व्यक्त की और सभी लोकतांत्रिक देशों से एकजुट होकर इसका मुकाबला करने की अपील की।'
अन्य नेताओं से भी हुई मुलाकात
प्रतिनिधिमंडल ने जर्मन संसद (बुंडेस्टाग) के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, जिनमें जुर्गन हार्ड्ट, सीडीयू के विदेश नीति प्रवक्ता, टिलमैन कुबान, अरमिन लाशेट बुंडेस्टाग की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष, राल्फ ब्रिंकहॉस और हुबर्टस हाइल जैसे अन्य सांसद शामिल हैं।
अरमिन लाशेट ने क्या कहा?
अरमिन लाशेट ने मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा, 'भारत से आए सांसदों के साथ बातचीत के लिए आभारी हूं। भारत और जर्मनी एक भरोसेमंद साझेदारी साझा करते हैं, खासकर वैश्विक सुरक्षा पर। 22 अप्रैल का पहलगाम हमला बेहद निंदनीय है। जर्मनी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा है।' उन्होंने यह भी कहा कि अब सीजफायर को बनाए रखना और संवाद को जारी रखना जरूरी है, क्योंकि शांति हम सभी के हित में है।
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भारत-जर्मनी सहयोग पर हुई चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि भारत और जर्मनी के बीच व्यापार, रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कौशल और गतिशीलता, जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है और इसे और मजबूत करने की जरूरत है।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन है शामिल?
प्रतिनिधिमंडल में सभी दलों के नेता शामिल हैं, जिनमें दग्गुबाती पुरंदेश्वरी, प्रियंका चतुर्वेदी, गुलाम अली खटाना, अमर सिंह, समिक भट्टाचार्य, एम थंबीदुरई, पूर्व मंत्री एम जे अकबर, पूर्व राजनयिक पंकज सरन शामिल हैं।
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