जर्मनी : पांच वर्षीय यजीदी लड़की की मौत पर आईएस के पूर्व सदस्य को उम्रकैद की सजा, पढ़ें दुनिया की अन्य महत्वपूर्ण खबरें
जर्मनी की एक अदालत ने आईएस के एक पूर्व सदस्य को नरसंहार और 5 वर्षीय बच्ची की मौत के युद्ध अपराध का दोषी पाया है। फ्रैंकफर्ट की क्षेत्रीय अदालत ने इराकी नागरिक ताहा अल-जे को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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जर्मनी के एक अदालत ने आईएस के एक पूर्व सदस्य को नरसंहार और 5 वर्षीय बच्ची की मौत के युद्ध अपराध का दोषी ठहराया है। इस बच्ची कतो उसने गुलाम के रूप में खरीदा था और फिर उसे मरने के लिए तेज धूप में जंजीर से बांध दिया था। फ्रैंकफर्ट की क्षेत्रीय अदालत ने इराकी नागरिक ताहा अल-जे को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
उसका पूरा नाम गोपनीयता नियमों के कारण जारी नहीं किया गया। उसे लड़की की मां को 50,000 यूरो का भुगतान करने का आदेश भी अदालत ने दिया है। यजीदी अल्पसंख्यकों के आईएस द्वारा किए गए उत्पीड़न में किसी शख्स की भूमिका पर दुनिया में यह पहली सजा है। आइए जानते हैं दुनिया की अन्य महत्वपूर्ण खबरों के बारे में...
मालदीव : शीर्ष अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति की जेल की सजा रद्द की
मालदीव की सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम की जेल की सजा को पलटते हुए पांच साल जेल और 50 लाख डॉलर का जुर्माना रद्द कर दिया है। उन्हें यह सजा मनी लॉन्ड्रिंग का दोषी ठहराते हुए दो साल पहले निचली अदालत ने सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि प्रारंभिक परीक्षण में सबूतों में विसंगतियां पाई गईं और यह निर्णायक रूप से साबित नहीं हो पाया कि यामीन ने निजी लाभ के लिए देश के 10 लाख डॉलर का शोधन किया। यामीन पर भ्रष्टाचार और असंतुष्ट मीडिया को दबाने का भी आरोप था।
ग्वादर में सीपीईसी की धीमी गति से पाक सीनेट चिंतित
चीन की पाकिस्तान में अरबों डॉलर की बीआरआई परियोजना के खिलाफ ग्वादर में जारी विरोध के बीच सीनेट की स्थायी समिति में चीन-पाक आर्थिक गलियारे की धीमी प्रगति पर चिंता जताई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अवैध रूप से मछली पकड़ने के कारण आजीविका के खतरे में पड़ने की आशंका से सैकड़ों लोग बंदरगाह शहर ग्वादर में सीपीईसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। डॉन ने बताया कि पीपीपी के सांसद सलीम मांडवीवाला के नेतृत्व में एक समिति ने पाया कि क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं पर प्रगति अब तक उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी है।
म्यांमार में नेता आंग सान सू की के खिलाफ अदालती फैसला टला
म्यांमार की एक अदालत ने प्रतिबंधित नेता आंग सान सू की के खिलाफ कोरोना संबंधी प्रतिबंधों के उल्लंघन के मामले में फैसला टाल दिया। बचाव पक्ष ने पूर्व राष्ट्रपति और उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता झाऊ म्यंट मोंग की गवाही दर्ज करने की अपील की थी। कोर्ट इसके लिए राजी हो गई। इससे पहले मोंग स्वास्थ्य कारणों से अदालत में पेश नहीं हो सके थे।
नोबेल पुरस्कार विजेता 76 वर्षीय नेता की 1 फरवरी को शक्तियां सीज करने, गिरफ्तारी और उनकी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी पार्टी को दूसरी बार सत्ता में आने से रोकने के बाद यह उनके खिलाफ पहला फैसला होता। उन पर भ्रष्टाचार समेत विभिन्न आरोपों में मुकदमे चलाए जा रहे हैं। उन्हें इनमें दोषी पाया गया तो सालों जेल में गुजारने पड़ सकते हैं।