{"_id":"617db43a30464b45b73570bd","slug":"geomagnetic-storm-reached-close-to-the-earth-know-how-you-can-be-affected","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरती के करीब पहुंचा सौर तूफान: आसमान में दिख सकता है दिवाली जैसा नजारा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
धरती के करीब पहुंचा सौर तूफान: आसमान में दिख सकता है दिवाली जैसा नजारा
Sun, 31 Oct 2021 02:51 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, वॉशिंगटन
एजेंसी, वॉशिंगटन
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 31 Oct 2021 02:51 AM IST
सार
सौर तूफान के कारण धरती पर दिवाली से पहले ही रंगीन रोशनी का नजारा देखने को मिल सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि पूरे उत्तरी अमेरिका में पेंसिल्वेनिया से आयोवा और ओरेगन तक आसमान में हरे रंग की रोशनी देखने को मिल सकती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में औरोरा या ध्रुवीय ज्योति के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
Solar flare flashes in center of the Sun
- फोटो : NASA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (एनओएए) के तहत अंतरिक्ष मौसम सूचना केंद्र ने बताया है कि सूर्य पर बृहस्पतिवार की देर रात बड़ा सौर तूफान उठा। कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) नामक यह तूफान तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ रहा है और 30 अक्तूबर को देर रात या 31 अक्तूबर को सुबह तक धरती के बेहद नजदीक पहुंच सकता है। नासा ने इसे काफी ताकतवर बताया है।
विज्ञापन
सौर तूफान के कारण धरती पर दिवाली से पहले ही रंगीन रोशनी का नजारा देखने को मिल सकता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि पूरे उत्तरी अमेरिका में पेंसिल्वेनिया से आयोवा और ओरेगन तक आसमान में हरे रंग की रोशनी देखने को मिल सकती है। इसे वैज्ञानिक भाषा में औरोरा या ध्रुवीय ज्योति के नाम से जाना जाता है। इस सौर तूफान को अंतरिक्ष एजेंसी के सोलर डायनेमिक्स ऑब्जर्वेटरी के रियल टाइम वीडियो में कैप्चर भी किया गया है।
विज्ञापन
एनओएए ने 30 और 31 अक्तूबर के लिए जियोमैग्नेटिक तूफान घड़ी जारी की है। एजेंसी ने बताया कि एक्स-1 फ्लेयर क्षेत्र से सीएमई तक यह घड़ी 31 अक्तूबर तक प्रभावी है। नासा ने कहा है कि एक्स-1 की तुलना में यह सौर तूफान असामान्य रूप से तीव्र है जो धरती के वायुमंडल को नुकसान पहुंचा सकता है।
विज्ञापन
सैटेलाइटों पर पड़ सकता है असर
सौर तूफान के कारण धरती का बाहरी वायुमंडल गरमा सकता है जिसका सीधा असर सैटेलाइटों पर पड़ सकता है। इससे जीपीएस नैविगेशन, मोबाइल फोन सिग्नल और सैटलाइट टीवी में रुकावट पैदा हो सकती है। पावर लाइंस में करंट तेज हो सकता है जिससे ट्रांसफॉर्मर भी उड़ सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसा कम ही होता है क्योंकि धरती का चुंबकीय क्षेत्र इसके खिलाफ सुरक्षा कवच का काम करता है।
हरे रंग के रिबन जैसा दिखेगा प्रकाश
औरोरा अथवा ध्रुवीय प्रकाश तब प्रकट होता है जब पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र चैनल के विद्युतीय चार्ज सोलर पॉर्टिकल्स ध्रुवों की ओर जाते हैं। यहां ये कण पृथ्वी के वायुमंडल के साथ परस्पर क्रिया करते हैं। इससे चमकीले हरे रंग की रिबन जैसी रोशनी पैदा होती है। जब सोलर फ्लेयर ऐसे कणों को बड़ी संख्या में पृथ्वी के वायुमंडल की ओर भेजते हैं तो यह रोशनी आसमान में दिखाई देती है।