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Gaza: जोखिम में पत्रकार, संघर्ष की सच्चाई दुनिया तक पहुंचाते; इस्राइली सेना की निगरानी में जाते हैं गाजा सिटी
Sun, 05 Oct 2025 04:19 AM IST
शिवम गर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 05 Oct 2025 04:19 AM IST
सार
Gaza Journalists: गाजा में पत्रकार बेहद जोखिम में रहते हुए वहां की सच्चाई दुनिया तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। इस संघर्षग्रस्त क्षेत्र में काम करना खतरनाक है। कई बार पत्रकारों के घर नष्ट हो चुके हैं और उन्हें बार-बार सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना पड़ता है।
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हवाई हमलों के बाद का मंजर
- फोटो : PTI
विस्तार
गाजा के एक अस्पताल के बाहर क्षति का सर्वे करने के लिए पत्रकारों के इकट्ठा होने के कुछ ही मिनट बाद अल-घद टीवी के संवाददाता ने अपने कैमरे से टूट-फूट वाले भवन की तस्वीरें लेने लगे, जबकि बाकी पत्रकार इसकी बाहरी सीढ़ियों से ऊपर चढ़ रहे थे। फिर कन्नान ने भयावह दृश्य देखा लाइव प्रसारण के दौरान एक दूसरा स्ट्राइक हुआ, जिसमें उनके जान-पहचान वाले दोस्त और सहयोगी मारे गए।
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कैइरो स्थित अल-घद टीवी के संवाददाता इब्राहिम कन्नान ने कहा हम मौत के साथ-साथ जीते हैं। मैं अभी भी विश्वास नहीं कर पा रहा कि मेरे सामने कैमरे पर हमारे पांच सहयोगियों पर हमला हुआ। मैं मजबूत दिखने की कोशिश करता हूं ताकि यह संदेश पहुंच सके। कोई भी इस तरह की भावनाओं का अनुभव न करे, यह बहुत दर्दनाक हैं।
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लगभग 200 समाचारकर्मियों की मौत
25 अगस्त को नासेर अस्पताल पर हुए हमले में मारे गए पांच पत्रकारों की मौत से गाजा में लगभग 200 समाचारकर्मियों की मौत का आंकड़ा बढ़ गया है। इस हमले में कुल 22 लोग मारे गए थे, जिनमें 33 वर्षीय दृश्य पत्रकार मरीम डागा भी शामिल थीं, जो कई मीडिया आउटलेट्स के लिए फ्रीलांस करती थीं।
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पत्रकार और उनके समर्थनकर्ता कहते हैं कि इन परीक्षाओं का दायरा इससे भी बड़ा है। हर कार्यदिवस में उन्हें यह एहसास रहता है कि गाजा की खबरें कवर करना उन्हें संघर्ष में विशेष रूप से दिखाई देने योग्य बनाता है और उन्हें असाधारण जोखिम में डालता है।
मिस्र के पूर्व रिपोर्टर और अब शोधकर्ता मोहम्मद सालामा ने कहा गाजा के पत्रकारों के लिए यह मरने या जीवित रहने, हिंसा से बचने या न बचने का मामला है। इसे किसी अन्य युद्धकालीन पत्रकारिता से तुलना नहीं की जा सकती।
अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों का गाजा सिटी का दौरा
इस्राइली सेना की निगरानी में अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को गाजा सिटी का दौरा कराया गया, जो हमास के खिलाफ नई कार्रवाई का केंद्र है। यह दौरा पत्रकारों को लगभग दो साल के युद्ध से तबाह इस क्षेत्र और वहां हजारों फिलिस्तीनियों की मौत की स्थिति देखने का दुर्लभ मौका देता है।
इस दौरान सेना का एक वाहन खाली और क्षतिग्रस्त इलाके की सड़कों से गुजरा और वीडियो कैमरे की मदद से सैनिक ने पास के एक ध्वस्त भवन में खड़े लोगों को देखा। थोड़ी आगे जाकर वाहन एक खाली अस्पताल के पास रुका, जिसे पहले जॉर्डन सरकार संभालती थी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सैनिकों ने हाल ही में अस्पताल के पास हमास द्वारा इस्तेमाल किया गया एक सुरंग भी खोजा।
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इस्राइली सेना ने पत्रकारों को दिखाया कि उनकी सैन्य कार्रवाई जानबूझकर नागरिकों को कम नुकसान पहुंचाने के लिए की जा रही है, जबकि उनका दावा है कि यह हमास जैसी सशस्त्र समूह को खत्म करने के लिए जरूरी है, जो अभी भी हमले करने में सक्षम है और 48 बंधकों को अपने कब्जे में रखता है। पिछले दो वर्षों से इस्राइल ने अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को गाजा में प्रवेश करने से रोक रखा था, सिवाय कुछ दुर्लभ और सीमित दौरों के जैसे कि यह दौरा जिसमें सेना द्वारा निगरानी की जाती है।