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Israel: इस्राइली हमले में पांच पत्रकारों की मौत, गाजा सिटी में अस्पताल के बाहर खड़े वाहन पर किया गया हमला
Thu, 26 Dec 2024 03:43 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 26 Dec 2024 03:43 PM IST
सार
Israel Strike in Gaza: गाजा सिटी में एक अस्पताल के बाहर खड़े एक प्रेस वाहन पर हुए हमले में पांच पत्रकारों की मौत हो गई है। अस्पताल के अनुसार, इस्राइल की तरफ से प्रेस वाहन को निशाना बनाया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
इस्राइल की तरफ से गाजा सिटी में किए गए एक हमले में पांच पत्रकारों की मौत का दावा किया जा रहा है। सीएनएन के मुताबिक, गाजा सिटी के एक अस्पताल ने दावा किया है कि अल-अवदा अस्पताल के बाहर खड़े एक प्रेस वाहन पर हुए हमले में सभी पत्रकारों की मौत हुई है। जानकारी के मुताबिक, अल कुद्स टुडे टीवी के वाहन में हमले के वक्त पांचों पत्रकार सो रहे थे।
अल कुद्स टुडे टीवी ने हमले की निंदा की
वहीं मौके पर एक पत्रकार ने बताया कि, अयमान अल-जादी, फैसल अबू अल-क्यूमसान, मोहम्मद अल-लादा, इब्राहिम अल-शेख अली और फादी हसौउना नाम के पत्रकार हमले के वक्त प्रेस वाहन में सो रहे थे। इस हमले के बाद सामने आए तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि एक वाहन आग की लपटों में घिरा हुआ है। जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में टीवी और प्रेस लिखा हुआ है। अल कुद्स टुडे टीवी ने इस्राइल के इस हमले की निंदा की और कहा कि पांच लोग अपने पत्रकारिता धर्म और मानवीय कर्म को निभाते हुए मारे गए हैं।
सात अक्तूबर से अब तक 141 पत्रकारों की मौत
एक बयान में, इस्राइली सेना ने कहा कि उसने नुसेरत के क्षेत्र में 'इस्लामिक जिहाद आतंकवादी सेल' नाम के एक संगठन पर हमला किया। हालांकि, इसने अपने आरोपों के लिए कोई सबूत नहीं दिया। वहीं अमेरिका में मौजूद गैर-लाभकारी समूह, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) ने कहा है कि पिछले साल सात अक्तूबर से गाजा, इस्राइल, वेस्ट बैंक और लेबनान में कम से कम 141 पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे गए हैं, सीपीजे की तरफ से 1992 में आंकड़ा एकत्र करना शुरू करने के बाद से यह पत्रकारों के लिए सबसे घातक समयावधि है।
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कुछ दिन पहले अल जजीरा के पत्रकार की हुई थी मौत
सीएनन ने बताया, इन सभी 141 पत्रकारों में से 133 फलस्तीनी थे, जो इस संघर्ष को कवर करने की कोशिश करते मारे गए। इस महीने की शुरुआत में, गाजा में हवाई हमले में अल जज़ीरा के एक फोटो पत्रकार की मौत हो गई थी। घायलों का इलाज करने वाले अल-अवदा अस्पताल के अनुसार, गाजा के नुसेरत कैंप क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा सेवा के एक कार्यालय को निशाना बनाकर किए गए हमले में अहमद अल-लौह और चार अन्य लोग मारे गए।
इस्राइली सेना कहा- अल-लौह एक 'आतंकवादी' था
अल जजीरा ने इस हमले की निंदा की और कहा कि अल-लौह की 'क्रूरतापूर्वक हत्या' की गई, जब वह एक परिवार को बचाने के लिए सिविल डिफेंस के प्रयास को कवर कर रहा था, जो पहले हुए बम विस्फोट में घायल हो गया था। जबकि इस्राइली सेना ने कहा कि उसने सिविल डिफेंस कार्यालयों को 'सटीक हमले' में निशाना बनाया और कहा कि इस साइट का इस्तेमाल हमास की तरफ से 'कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर' के रूप में किया जा रहा था। इसने आगे कहा कि अल-लौह एक 'आतंकवादी' था, जो पहले इस्लामिक जिहाद के साथ काम कर चुका था। आईडीएफ ने अपने आरोपों के लिए कोई सबूत साझा नहीं किया।
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अल कुद्स टुडे टीवी ने हमले की निंदा की
वहीं मौके पर एक पत्रकार ने बताया कि, अयमान अल-जादी, फैसल अबू अल-क्यूमसान, मोहम्मद अल-लादा, इब्राहिम अल-शेख अली और फादी हसौउना नाम के पत्रकार हमले के वक्त प्रेस वाहन में सो रहे थे। इस हमले के बाद सामने आए तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि एक वाहन आग की लपटों में घिरा हुआ है। जिस पर बड़े-बड़े अक्षरों में टीवी और प्रेस लिखा हुआ है। अल कुद्स टुडे टीवी ने इस्राइल के इस हमले की निंदा की और कहा कि पांच लोग अपने पत्रकारिता धर्म और मानवीय कर्म को निभाते हुए मारे गए हैं।
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सात अक्तूबर से अब तक 141 पत्रकारों की मौत
एक बयान में, इस्राइली सेना ने कहा कि उसने नुसेरत के क्षेत्र में 'इस्लामिक जिहाद आतंकवादी सेल' नाम के एक संगठन पर हमला किया। हालांकि, इसने अपने आरोपों के लिए कोई सबूत नहीं दिया। वहीं अमेरिका में मौजूद गैर-लाभकारी समूह, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (सीपीजे) ने कहा है कि पिछले साल सात अक्तूबर से गाजा, इस्राइल, वेस्ट बैंक और लेबनान में कम से कम 141 पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे गए हैं, सीपीजे की तरफ से 1992 में आंकड़ा एकत्र करना शुरू करने के बाद से यह पत्रकारों के लिए सबसे घातक समयावधि है।
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कुछ दिन पहले अल जजीरा के पत्रकार की हुई थी मौत
सीएनन ने बताया, इन सभी 141 पत्रकारों में से 133 फलस्तीनी थे, जो इस संघर्ष को कवर करने की कोशिश करते मारे गए। इस महीने की शुरुआत में, गाजा में हवाई हमले में अल जज़ीरा के एक फोटो पत्रकार की मौत हो गई थी। घायलों का इलाज करने वाले अल-अवदा अस्पताल के अनुसार, गाजा के नुसेरत कैंप क्षेत्र में नागरिक सुरक्षा सेवा के एक कार्यालय को निशाना बनाकर किए गए हमले में अहमद अल-लौह और चार अन्य लोग मारे गए।
इस्राइली सेना कहा- अल-लौह एक 'आतंकवादी' था
अल जजीरा ने इस हमले की निंदा की और कहा कि अल-लौह की 'क्रूरतापूर्वक हत्या' की गई, जब वह एक परिवार को बचाने के लिए सिविल डिफेंस के प्रयास को कवर कर रहा था, जो पहले हुए बम विस्फोट में घायल हो गया था। जबकि इस्राइली सेना ने कहा कि उसने सिविल डिफेंस कार्यालयों को 'सटीक हमले' में निशाना बनाया और कहा कि इस साइट का इस्तेमाल हमास की तरफ से 'कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर' के रूप में किया जा रहा था। इसने आगे कहा कि अल-लौह एक 'आतंकवादी' था, जो पहले इस्लामिक जिहाद के साथ काम कर चुका था। आईडीएफ ने अपने आरोपों के लिए कोई सबूत साझा नहीं किया।