Gaza Ceasefire: बाइडन-ट्रंप के बीच श्रेय लेने की होड़; एक बोले- कूटनीतिक असर, दूसरे का दावा- जीत से आई शांति
इस्राइल सरकार और हमास ने गाजा में युद्धविराम समझौते और बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई है। इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप दोनों के बीच श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है।
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इस्राइल हमासे के बीच हुए युद्ध विराम समझौते पर राष्ट्रपति जो बाइडन और डोनाल्ड ट्रंप दोनों श्रेय ले रहे हैं। मामले में व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप के मध्य पूर्व दूत ने महीनों तक चली वार्ता में हिस्सा लिया। ट्रंप ने यह दावा किया कि वह इस समझौते के पीछे की प्रेरक शक्ति थे और उन्होंने कहा कि यह महाकाव्य युद्ध विराम समझौता उनकी प्रशासन की ऐतिहासिक जीत का परिणाम है। साथ ही उनका मानना था कि इस समझौते से दुनिया को यह संदेश मिला कि उनका प्रशासन शांति की तलाश करेगा और अमेरिकियों और उनके सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
दूसरी ओर ट्रंप के बाद जो बाइड ने इस समझौते को लेकर दावा किया कि यह समझौता उनकी योजना के तहत हुआ था और इसमें अमेरिकी कूटनीति का बड़ा योगदान था। उन्होंने कहा कि उनके प्रशासन ने इस समझौते पर बातचीत की, लेकिन ट्रम्प की टीम को इस सौदे को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है।
साथ ही इस मामले में विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते में बाइडन और ट्रंप दोनों का योगदान है। वे कहते हैं कि अगर दोनों प्रशासन का दबाव न होता तो यह समझौता संभव नहीं हो पाता। इसके अलावा यह भी कहा गया कि समझौते में ट्रंप की टीम को शामिल करना यह दिखाता है कि जब अमेरिकी विदेश नीति द्विदलीय होती है तो यह ज्यादा प्रभावी होती है।
बता दें कि इस्राइल और हमास के बीच युद्ध विराम समझौते को लेकर अधिकारियों का दावा है कि ये समझौता अमेरिकी, कतर और मिस्र के साथ इजरायल की टीम के सहयोग से हुआ और इसमें सभी पक्षों का सहयोग अहम था। इस समझौते के लागू होने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है, और बंधकों के पहले समूह को रविवार को रिहा किया जा सकता है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव का बयान
वहीं इस मामले में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करिन जीन पियरे ने कहा कि 15 महीने की लंबी लड़ाई के बाद इस्राइल और हमास ने एक युद्ध विराम और बंधक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते से गाजा में हो रही लड़ाई रुकेगी और फलस्तीनी नागरिकों को जरूरी मानवीय सहायता मिलेगी। इसके अलावा, बंधकों को, जिनमें अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं, उनके परिवारों से मिलाया जाएगा जो 15 महीने से ज्यादा समय तक कैद में थे और भारी पीड़ा झेल रहे थे।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बिडेन ने इस समझौते तक पहुँचने के लिए इजराइल, कतर और मिस्र के नेताओं से बातचीत की। बिडेन ने अपनी टीम को निर्देश दिया कि वे आने वाली सरकार के साथ मिलकर काम करें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी एकजुट होकर इस समझौते को लागू करें।
साथ ही करिन जीन पियरे ने कहा कि इस समझौते के पीछे इजराइल का दबाव और अमेरिका का समर्थन शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि अब अमेरिका और इजराइल मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी बंधक सुरक्षित घर वापस लौटें।
इस्राइल सरकार और हमास ने गाजा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर सहमति जताई है। यह समझौता युद्ध को रोकने और बंधकों व फलस्तीनी बंदियों की चरणबद्ध रिहाई का मार्ग प्रशस्त करेगा। सीएनएन ने एक सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी।
कैदियों कि रिहाई
इस समझौते के तहत हमास और उससे जुड़े संगठन सात अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर हमलों के बंधक बनाए गए लोगों को रिहा करेंगे। इसके बाद इस्राइल सैकड़ों फलस्तीनी बंदियों को रिहा करेगा। यह समझौता गाजा के लोगों के लिए एक साल से अधिक समय में पहली बार संघर्ष से राहत देगा और इस्राइल के हमलों के हमलों की शुरुआत के बाद से यह दूसरी बार होगा जब गाजा में युद्धविराम होगा। इस समझौते के तहत फलस्तीनी नागरिकों को गाजा के उत्तरी हिस्से में लौटने की अनुमति मिलेगी और गाजा में मानवीय मदद पहुंचाई जाएगी, जहां के निवासी लंबे समय से भुखमरी जैसी स्थिति का सामना कर रहे हैं।