{"_id":"634b4d3cd0c70b51bc7f94e7","slug":"fugitive-ramachandran-viswanathan-gave-an-anti-india-advertisement-an-attempt-to-malign-image-of-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"Anti India Ad : भगोड़े रामचंद्रन विश्वनाथन ने दिया भारत विरोधी विज्ञापन, देश की छवि बिगाड़ने का प्रयास","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Anti India Ad : भगोड़े रामचंद्रन विश्वनाथन ने दिया भारत विरोधी विज्ञापन, देश की छवि बिगाड़ने का प्रयास
Sun, 16 Oct 2022 05:45 AM IST
योगेश साहू
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 16 Oct 2022 05:45 AM IST
सार
विश्वनाथन 2005 में हुए 10 हजार करोड़ के देवास-एंट्रिक्स घोटाले में शामिल देवास कंपनी का सीईओ था। उसकी कंपनी की नीलामी के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने इसी वर्ष जून में अर्जी दी थी। ईडी ने ही उसे भगोड़ा घोषित किया था।
विज्ञापन
भगोड़ा रामचंद्रन विश्वनाथन
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमेरिकी मीडिया का इस्तेमाल करके अब भारत में हजारों करोड़ का घोटाला कर भागे आरोपी देश की छवि बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। ताजा मामले में मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी कर अमेरिका भागे रामचंद्रन विश्वनाथन और भारत के खिलाफ सक्रिय संगठन ‘फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम’ ने वॉल स्ट्रीट जनरल में भारत विरोधी विज्ञापन दिया। इसमें देश में निवेश की परिस्थितियों और सरकार को लेकर नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की वाशिंगटन में मौजूदगी के बीच की गई।
विज्ञापन
देश के आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने इसे पाखंड का नया स्तर बताया है। 13 अक्तूबर को प्रकाशित विज्ञापन में वित्त मंत्री व 10 अन्य लोगों पर अमेरिका में मैग्निट्स्की कानून के तहत प्रतिबंध व अन्य कार्रवाई की मांग की गई। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता कंचन गुप्ता ने कहा कि यह अमेरिका की समस्या है, लेकिन मीडिया का इस तरह दुरुपयोग बेहद शर्मनाक है।
विज्ञापन
कौन है फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम
- विश्वनाथन 2005 में हुए 10 हजार करोड़ के देवास-एंट्रिक्स घोटाले में शामिल देवास कंपनी का सीईओ था। उसकी कंपनी की नीलामी के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने इसी वर्ष जून में अर्जी दी थी। ईडी ने ही उसे भगोड़ा घोषित किया था।
- यह विज्ञापन पहले भी फ्रंटियर्स ऑफ फ्रीडम की ओर से जारी हुए। इसका पदाधिकारी जॉर्ज लैंड्रिर्थ सोशल मीडिया पर विज्ञापन पोस्ट करते मिला। इसी संगठन के जरिए विश्वनाथन ने अगस्त में याचिका दायर कर कहा था कि मोदी सरकार उसे गिरफ्तार करने के लिए म्यूचुअल लीगल असिस्टेंट समझौते का सहारा ले सकती है।
विज्ञापन