फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   France elections: Violence broke out in country after Le Pen's National Rally Party won

फ्रांस: ली पेन की पार्टी के जीतने पर भड़की हिंसा, शरणार्थियों के विरोध के लिए जानी जाती है नेशनल रैली पार्टी

Tue, 02 Jul 2024 06:23 AM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 02 Jul 2024 06:23 AM IST
सार

ले पेन की जीत पर 28 वर्षीय जॉर्डन बर्डेला देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। नेशनल रैली पार्टी को मजबूत राजनीतिक दल बनाने में उनकी अहम भूमिका है। 
 

विज्ञापन
France elections: Violence broke out in country after Le Pen's National Rally Party won
इमैनुएल मैक्रों - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

शरणार्थियों व अवैध प्रवासियों के खिलाफ कड़ा रुख रखने वाली दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन की नेशनल रैली पार्टी को फ्रांस के संसदीय चुनाव के पहले चरण में जीत मिलने के बाद वामपंथी दलों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पहले चरण के चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद पेन की पार्टी को सत्ता में आने से रोकने के लिए वामदलों के हजारों समर्थक, प्रवासी प्लेस डे ला रिपब्लिक पर जमा हुए और प्रदर्शन किया। रविवार को दूसरे दौर का मतदान होना है।

विज्ञापन


वाम दलों का कहना है कि वे पेन की पार्टी को रोकने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। पहले दौर के मतदान में पेन की पार्टी व सहयोगियों को 33 % वोट मिले हैं। जबकि, वामपंथी न्यू पॉपुलर फ्रंट गठबंधन को 28 % और राष्ट्रपति मैक्रों के एनसेंबल गठबंधन को 21 फीसदी वोट मिले हैं, जो तीसरे स्थान पर है।
विज्ञापन


फ्रांस के सबसे कम उम्र के पीएम बन सकते हैं 28 साल के बार्डेला
ले पेन की जीत पर 28 वर्षीय जॉर्डन बर्डेला देश के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। नेशनल रैली पार्टी को मजबूत राजनीतिक दल बनाने में उनकी अहम भूमिका है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एग्जिट पोल में किसी को भी बहुमत नहीं 
सीएनएन रिपोर्ट के मुताबिक एग्जिट पोल में अगले रविवार को दूसरे दौर के मतदान के बाद 577 सीटों वाली नेशनल असेंबली में आरएन 230 से 280 सीटें जीत सकती है, जो कि पूर्ण बहुमत के लिए जरूरी 289 सीटों से कम है।वहीं वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट (एनएफपी) को 125 से 165 सीटों का अनुमान, जबकि मैंक्रों के एन्सेम्बल और उसके सहयोगी 70 से 100 सीटें जीत सकते हैं। 

छह जून को हुआ था यूरोपीय संसद के लिए चुनाव
इस महीने की शुरुआत में छह जून को यूरोपीय संसद के लिए चुनाव हुए थे। इस दौरान फ्रांस में सबसे चौंकाने वाली राजनीतिक परिस्थितियां थीं। यहां फ्रांस की धुर दक्षिणपंथी नेता मरीन ला पेन की नेशनल रैली ने मैक्रों की पार्टी को जबरदस्त झटका दिया था। इसके बाद ही राष्ट्रपति ने अंतिम नतीजे आने से पहले ही अचानक राष्ट्रीय चुनावों की घोषणा कर सबको हैरान कर दिया था। उन्होंने कहा था, 'मैंने फैसला किया है कि आप वोट के जरिए अपना संसदीय भविष्य चुने। इसलिए मैं नेशनल असेंबली भंग कर रहा हूं। धुर दक्षिणपंथी पार्टियां हर तरफ आगे बढ़ रही हैं। यह ऐसे हालात हैं, जिन्हे मैं स्वीकार नहीं कर सकता।'

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed