चौथी औद्योगिक क्रांति भारत के लिए बड़ा अवसर, नीतियों में सुधार जरूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) सम्मेलन के दौरान मंगलवार को औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने कहा कि चौथी औद्योगिक क्रांति भारत के लिए बड़ा अवसर है। इसके लिए औद्योगिक क्षेत्र को नई तकनीक अपनाने के साथ नीतियों में तेजी से बदलाव और सुधार लाना होगा।
डीआईपीपी सचिव ने कहा कि सुधार की इन कोशिशों को केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा आगे बढ़ाया जाना चाहिए और जरूरी नीतियों को जल्द लागू किया जना चाहिए। उन्होंने कहा कि छोटे और मझोले उद्योगों को अगली तकनीक में छलांग लगाने के लिए असीम संभावनाएं हैं और इसका उन्हें वृहद स्तर पर लाभ भी मिलेगा। चौथी औद्योगिक क्रांति में भारत का स्वरूप विषय पर वैश्विक परामर्शदाता फर्म डेलॉयट और भारतीय उद्योग परिसंघ के साथ चर्चा करते हुए डीआईपीपी सचिव ने अपनी रूपरेखा बताई।
चर्चा के दौरान डेलॉयट ग्लोबल के सीईओ पुनीत रंजन ने कहा कि भारत के पास काफी संभावनाएं हैं और उसके उद्योग इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि डेलॉयट समाज के प्रति काम करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है और भारत इस नवोन्मेष का काफी बड़ा हिस्सा है, जिससे एक करोड़ से भी ज्यादा लोग लाभान्वित हो सकते हैं। रंजन अगले महीने भारत दौरे पर भी आ सकते हैं।
दुनिया में छाने को तैयार भारतीय विमानन उद्योग
वैश्विक स्तर के मुकाबले तेजी से बढ़ता भारतीय विमानन उद्योग अब दुनिया के आसमान पर छाने को तैयार है। डब्ल्यूईएफ सम्मेलन में स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंधन निदेशक अजय सिंह ने यह उम्मीद जताते हुए कहा कि नया एविएशन पावर बन रहा भारतीय विमानन क्षेत्र वैश्विक स्तर पर बड़ा खिलाड़ी बनने को तैयार है। सालाना 20 फीसदी वृद्घि के साथ भारतीय क्षेत्र दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता विमानन उद्योग है। इस तेज वृद्धि के बावजूद अभी 3 से 3.5 फीसदी जनसंख्या ही हवाई सफर का इस्तेमाल करती है।
इससे यह साफ तौर पर स्पष्ट है कि भारतीय बाजार में आगे असीम संभावनाएं हैं। हालांकि, निश्चित तौर पर इस राह में आधारभूत ढांचे की चुनौतियां भी हैं, लेकिन सरकार नए हवाईअड्डे बनाने की पुरजोर कोशिशें कर रही है। इसके अलावा उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों को भी हवाई मार्ग से जोड़ा रहा है जो पिछले 75 वर्षों में नहीं हो सका था। इससे महज तीन-चार वर्षों के भीतर करीब 75 हवाईअड्डों को जोड़ा जा चुका है और जल्द ही 70-75 और हवाईअड्डे जुड़ जाएंगे। हमारी सबसे बड़ी चुनौती परिचालन खर्च काफी ज्यादा होना है। वैश्विक स्तर के मुकाबले देश में एटीएफ और हवाईअड्डे की लागत बहुत ज्यादा है। इन सबके बावजूद हमारे पास काफी बड़ा उपभोक्ता बाजार है जो देश को एविएशन पॉवर बनाने की क्षमता रखता है।
बैंकिंग तंत्र का सख्त नियमन जरूरी
बैंक ऑफ अमेरिका के प्रमुख ब्रायन टी. मोयनीहान ने बैंकिंग तंत्र के सख्त नियमन का बचाव करते हुए कहा कि बिना कड़े नियम बनाए लोगों से पैसे लेना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ अमेरिका जैसा बड़ा फर्म होने के बावजूद अमेरिकी बैंकिंग तंत्र काफी असमेकित है। गूगल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रूथ पोरैट ने कहा कि वर्तमान समय में डाटा नया ईंधन है। यह काफी अच्छा और असीमित है। इसकी सबसे खास बात यह है कि ये हम सभी के द्वारा उत्पन्न किया जाता है। लिहाजा इसका संरक्षण और इस्तेमाल नई दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।