दुखद: पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव डोनाल्ड रम्सफेल्ड का निधन, इराक पर कराया हमला, तालिबानियों को चटाई थी धूल
अमेरिका के दो बार रक्षा सचिव रहे डोनाल्ड रम्सफेल्ड का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। डोनाल्ड रम्सफेल्ड को इराक और अफगानिस्तान युद्ध के लिए जाना जाता था।
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अमेरिका के दो बार रक्षा सचिव रहे डोनाल्ड रम्सफेल्ड का 88 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। डोनाल्ड रम्सफेल्ड को इराक और अफगानिस्तान युद्ध के लिए जाना जाता था। रम्सफेल्ड का निधन मंगलवार को उनके परिजनों के बीच न्यू मैक्सिको में हुआ था।
डोनाल्ड रम्सफेल्ड दो बार पेंटागन प्रमुख बनने वाले इकलौते इंसान हैं। पहली बार जब 1975 में वो पेंटागन गए थे, तो सबसे कम उम्र के प्रमुख बने थे। दूसरी बार जब 2001 में रक्षा सचिव बने, तब वह सबसे ज्यादा उम्र के प्रमुख थे। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के शासन में पेंटागन संभालने वाले डोनाल्ड रम्सफेल्ड को राजनीतिक रूप से चतुर माना जाता था।
राष्ट्रपति बनने का सपना रह गया अधूरा
वर्ष 1988 में डोनाल्ड रम्सफेल्ड ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति उम्मीदवारी की रेस में हिस्सा लिया था। हालांकि बाद में वह इस रेस में पिछड़ गए थे और इस तरह उनके राष्ट्रपति बनने का सपना पूरा नहीं हो सका।
इराक युद्ध बन गया पहचान
पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव डोनाल्ड रम्सफेल्ड ने अपने करियर में कई उपलब्धियां हासिल की थीं, लेकिन उनकी विरासत का सबसे विवादित अध्याय इराक युद्ध में हुई गलतियां माना जाता है। दरअसल, वर्ष 2002 में रम्सफेल्ड का ध्यान इराक पर गया। उस वक्त रम्सफेल्ड और उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने दावा किया कि इराक के शासक सद्दाम हुसैन ने 'वेपन ऑफ मास डिस्ट्रक्शन' छुपा रखे हैं। सद्दाम का लिंक अल-कायदा से भी जोड़ा गया। इसके बाद अमेरिका ने मार्च, 2003 में इराक में सेना भेज दी। सद्दाम का शासन जल्दी खत्म हो गया, लेकिन वहां किसी भी तरह के कोई हथियार नहीं मिले। जल्द ही इराक में विद्रोह शुरू हो गया था और अमेरिकी सेना उसमें फंस गई।
बुश ने दो बार नहीं स्वीकार किया इस्तीफा, बाद में पद से हटाया
इसके बाद डोनाल्ड रम्सफेल्ड ने 2004 में बुश को दो बार इस्तीफे की पेशकश की थी। वर्ष 2006 नवंबर में युद्ध-विरोधी माहौल के बीच डेमोक्रेट्स का कांग्रेस में बहुमत हो गया था और तब बुश को दिसंबर में रम्सफेल्ड को हटाना पड़ा।
अफगानिस्तान में तालिबान को चटाई थी धूल
अल-कायदा ने 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर बड़ा आतंकी हमला किया था। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में दो एयरक्राफ्ट क्रैश कर दिए गए थे। दो एयरक्राफ्ट्स अन्य जगहों पर क्रैश हुए थे। ये आतंकी हमले ओसामा बिन लादेन ने कराए थे। उस वक्त रम्सफेल्ड पेंटागन के प्रमुख थे। उन्होंने अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना भेजकर तालिबान को हटा दिया।अफगानिस्तान में अल-कायदा के बेस को खत्म करने और तालिबान का शासन समाप्त के लिए अमेरिका और दुनियाभर में डोनाल्ड रम्सफेल्ड की वाहवाही हुई थी।