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Jaishankar-Wang YI Meet: बाली में मिले भारत-चीन के विदेश मंत्री, लद्दाख गतिरोध और विद्यार्थियों की वापसी पर हुई बात
Thu, 07 Jul 2022 11:30 AM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बाली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बाली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 07 Jul 2022 11:30 AM IST
सार
जयशंकर व यी की यह मुलाकात जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बाली में आयोजित बैठक के मौके पर हुई।
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Jaishankar holds discussion with Chinese counterpart Wang Yi in Bali
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत और चीन के बीच कई मसलों पर जारी गतिरोध के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने इंडोनेशिया के बाली में आज चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। जयशंकर ने उनके साथ बातचीत में सीमा के हालात, चीन में भारतीय विद्यार्थियों और उड़ानों पर पाबंदियों को लेकर बातचीत की।
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जयशंकर व यी की यह मुलाकात जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बाली में आयोजित बैठक के मौके पर हुई। जयशंकर ने ट्वीट कर बताया, 'बाली में आज मैंने दिन की शुरुआत चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलकात के साथ की। करीब एक घंटे चर्चा चली। इसमें सीमा के हालात समेत सभी लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। मैंने अन्य मसलों के अलावा विद्यार्थियों और उड़ानों के मसले को भी उठाया। अंतरराष्ट्रीय हालात और जी-20 बैठक पर उसके प्रभाव की भी चर्चा की।' इस साल मई में भारत और चीन ने सीमा पर तनाव को लेकर बातचीत की थी। उन्होंने जल्द से जल्द वरिष्ठ कमांडरों की बैठक के अगले दौर को आयोजित करने का फैसला किया।
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सैन्य कमांडरों की अगली बैठक जल्द
इधर, दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि जयशंकर ने चीन विदेश मंत्री यी से चर्चा में कहा कि भारत और चीन के संबंध आपसी सम्मान, परस्पर संवेदनशीलता और एक दूसरे के हितों को ध्यान में रखने पर बेहतर ढंग से आगे बढ़ सकते हैं। जयशंकर और वांग ने जल्द ही वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की अगली बैठक होने की उम्मीद जताई।
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सैन्य व राजनयिक संपर्क सतत बनाए रखने पर सहमति
जयशंकर और वांग यी ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि सैन्य तथा राजनयिक अधिकारियों के बीच नियमित रूप से बातचीत जारी रहनी चाहिए। जयशंकर ने पिछली वार्ता में हुए द्विपक्षीय समझौतों और उस दौरान बनी सहमति पर आगे बढ़ने के महत्व को दोहराया। विदेश मंत्री ने पूर्वी लद्दाख के क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी की रफ्तार बनाए रखने पर एक बार फिर जोर दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) से जुड़े सभी अहम मुद्दों के जल्द समाधान का आह्वान किया।
अप्रैल-मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध शुरू होने के बाद जयशंकर और वांग के बीच यह चौथी बैठक है। विदेश मंत्री जयशंकर जी-20 विदेश मंत्रियों की बाली में आयोजित बैठक में भाग लेने इंडोनेशिया में हैं।
EAM called for early resolution of all outstanding issues along LAC in Eastern Ladakh & reiterated need to sustain the momentum to complete disengagement from all remaining areas...He stressed the need for expediting the process & facilitating return of students on an early date pic.twitter.com/ljoRaON2sz
— ANI (@ANI) July 7, 2022
पूर्ण सैन्य वापसी पर गतिरोध कायम
बता दें, 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद पैदा हुए गतिरोध को हल करने के लिए कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ता हो चुकी है, लेकिन कुछेक सीमा पाइंट्स से ही सेना की वापसी हो सकी है। पूर्ण सैन्य वापसी पर गतिरोध कायम है। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि जहां तक पूर्वी लद्दाख में मौजूदा स्थिति का सवाल है, हमने राजनयिक और सैन्य दोनों माध्यमों से चीनी पक्ष के साथ निरंतर संवाद कायम रखा है। पूर्वी लद्दाख में 2020 में शुरू हुई चीनी आक्रामकता को लेकर रक्षा मंत्रालय ने अपनी समीक्षा में कहा था कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर एक से अधिक क्षेत्रों में यथास्थिति को बदलने के लिए चीनियों द्वारा की गई एकतरफा और उत्तेजक कार्रवाई का माकूल जवाब दिया गया है।
अमेरिकी जनरल के बयान पर चीन ने कही थी यह बात
हाल ही में भारत यात्रा पर आए अमेरिकी जनरल ने पूर्वी लद्दाख में चीनी गतिविधियों को 'आंख खोलने वाली' बताया था। इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन और भारत के पास सीमा विवाद को हल करने की पूर्ण इच्छाशक्ति और क्षमता है। दोनों देशा बातचीत से इसे हल करेंगे। अमेरिका आग में घी न डाले।