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सना तुम पर नाज है: पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार प्रशासनिक सेवा में हिंदू लड़की, पहले प्रयास में सीएसएस परीक्षा की पास
Tue, 21 Sep 2021 08:41 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 21 Sep 2021 08:41 AM IST
सार
भारत से अलग होने के बाद से पाकिस्तान में कोई भी हिंदू लड़की प्रशासनिक सेवाओं में नहीं रही है। सना इस परीक्षा को पास करने से पहले सर्जन थीं।
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सना रामचंद गुलवानी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान के शिकारपुर की रहने वाली सना रामचंद गुलवानी पर आज हर किसी को नाज है। वह पहली हिंदू लड़की होंगी जो पाकिस्तान में प्रशासनिक सेवाएं देंगी। 27 वर्षीय सना ने अपने पहले ही प्रयास में पाकिस्तान की सबसे कठिन माने जाने वाली परीक्षा सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेस (सीएसएस) को पास किया है। पाकिस्तान की सीएसएस परीक्षा एक तरह से भारत में होने वाले सिविल सर्विसेस एग्जाम की तरह ही है, जिसके बाद अभ्यर्थी चयनित होकर प्रशासनिक सेवाओं में जाता है।
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मई में पास की परीक्षा, सितंबर में मिली नियुक्ति
सना ने यह परीक्षा मई में ही पास कर ली थी। हालांकि, उनकी नियुक्ति पर सितंबर में मुहर लगी। भारत से अलग होने के बाद से पाकिस्तान में अब तक कोई हिंदू लड़की प्रशासनिक सेवाओं में नहीं रही है। बता दें, इससे पहले सना सर्जन के रूप में पाकिस्तान में काम कर रही हैं। पांच साल पहले उन्होंने बेनजीर भुट्टो मेडिकल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ मेडिसिन की डिग्री ली थी। सना ने सिंध प्रांत की ग्रामीण सीट से इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। यह सीट पाकिस्तान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेस के अंतर्गत आती है।
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पैरेंट्स मेडिकल में भेजना चाहते थे
मेडिकल से अपनी पढ़ाई करने वाली सना गुलवानी ने बताया कि उनके माता-पिता कभी नहीं चाहते थे कि मैं प्रशासनिक सेवा में जाऊं। उनका मन था कि मैं मेडिकल क्षेत्र में सेवाएं दूं। इसलिए मैंने पहले पैरेंट्स के टारगेट को पूरा किया। इसके बाद मैं अपने टारगेट में जुट गई।
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बता दें, पाकिस्तान का सीएसएस परीक्षा इतनी कठिन है कि इस साल इसमें दो प्रतिशत से कम लोग ही पास हो पाए हैं। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा को महज 1.96 लोग ही पास कर सके।