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Johns Hopkins University: सीतारमण ने कहा- भारत ने वैश्विक मानक स्थापित किए हैं, आर्थिक पुनरुत्थान सतत पथ पर

Fri, 14 Oct 2022 05:34 AM IST
देव कश्यप एएनआई, वाशिंगटन।
एएनआई, वाशिंगटन। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 14 Oct 2022 05:34 AM IST
सार

वैश्विक अनिश्चितता की स्थिति में भारत की आर्थिक संभावनाओं पर एक सवाल का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि भारत अब वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है और दुनिया भर के देश इस उपलब्धि के पैमाने को पहचानते हैं। उन्होंने यह टिप्पणी वाशिंगटन में जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में "प्रौद्योगिकी, वित्त और शासन: मल्टीप्लायर्स इफेक्ट" विषय पर एक कार्यक्रम के बाद की।

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FM Nirmala Sitharaman says India has set global benchmarks, its economic revival on sustained path
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय में। - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वाशिंगटन में अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच गुरुवार को जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय पहुंची। यहां उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल मोर्चे पर वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है और देश के लोगों में विश्वास की भावना है कि यह भू-राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं का सामना करने और आगे भी प्रदर्शन करने में सक्षम होगा।

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प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से भारत में गुड गवर्नेंस लाया जा रहा है: सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय में बोलते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से भारत में सुशासन (गुड गवर्नेंस) लाया जा रहा है और एक निश्चित परिवर्तन हुआ है। इस क्षेत्र में पिछले दो वर्षों में लोगों की स्वीकृति और अनुकूलन का स्तर अविश्वसनीय है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब वैश्विक बेंचमार्क वे थे जिन्हें भारत देखता था... लेकिन अब डिजिटल मोर्चे पर, यह भुगतान हो, पहचान हो, स्वास्थ्य या शिक्षा हो, भारत ने वास्तव में बेंचमार्क स्थापित किया है। 

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वैश्विक अनिश्चितता की स्थिति में भारत की आर्थिक संभावनाओं पर एक सवाल का जवाब देते हुए सीतारमण ने कहा कि भारत अब वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है और दुनिया भर के देश इस उपलब्धि के पैमाने को पहचानते हैं। उन्होंने यह टिप्पणी वाशिंगटन में जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में "प्रौद्योगिकी, वित्त और शासन: मल्टीप्लायर्स इफेक्ट" विषय पर एक कार्यक्रम के बाद की।

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 उन्होंने कहा कि ऐसे कई देश हैं जो मानते हैं कि उपलब्धि का यह पैमाना पूर्ण रूप से निर्विवाद प्रमाण है कि यह वर्षों से अचूक है।  वित्त मंत्री ने समझाया कि भारतीय अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर अच्छा कारोबार कर रही है क्योंकि पिछले दो वर्षों में जो कुछ हुआ है, उसमें विश्वास सुखद रूप से महसूस किया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का पुनरुत्थान सतत पथ पर  है और संभावित वैश्विक मंदी का सामना करने के लिए यह लचीला बना रहेगा।

उन्होंने कहा कि "वैश्विक मंदी के कारण अगर हमारी मांग गिरती है, तो निर्यात को नुकसान होगा और मजबूत डॉलर के कारण मेरे भारतीय रुपये को नुकसान होगा। इन सभी स्थितियों पर ध्यान दिया जा रहा है। भारत में विश्वास की भावना है, हम इस दौर से जल्द गुजरेंगे और आगे भी अच्छा प्रदर्शन करने में हम सक्षम होंगे।

मोदी सरकार के दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत में प्रौद्योगिकी के उपयोग से सुशासन (गुड गवर्नेंस) हासिल किया जा रहा है और अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण की क्षमता को बढ़ाने के कारण निश्चित तौर पर एक परिवर्तन हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में भारत में एक खास बदलाव आया है और लोगों ने बड़ी आसानी से इस बदलाव को अपना लिया है। उन्होंने बताया कि मुद्रा योजना के तहत दिए गए सभी ऋणों का 45 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं को दिया गया है। क्योंकि हम लॉकडाउन के दौरान तकनीकी रूप से पहले से ही अच्छी तरह के नेटवर्क से लैस थे ... हम लक्षित राहत, सहायता देने में सक्षम थे, उन वर्गों पर पैसा खर्च नहीं किया, जिन्हें इसकी आवश्यकता नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय विवेक के साथ उन लोगों के लिए वास्तविक समय में सहायता को संभव बनाया गया।


दूसरे देशों को दे सकते हैं भारत की स्वदेशी 5जी तकनीक : सीतारमण
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि भारत ने स्वदेशी 5जी तकनीक विकसित की है। यदि अन्य देश चाहें तो इसे हम साझा करने के लिए तैयार हैं। इसका अभी सभी भारतीय नागरिकों तक पहुंचना बाकी है। उन्होंने कहा कि हमारी 5जी तकनीक कहीं बाहर से नहीं लाई गई है, बल्कि इसे स्वदेश में ही विकसित किया गया है। यह हमारा उत्पाद है। उन्होंने 5जी के बारे में बोलते हुए कहा कि हमारा 5G पूरी तरह से स्वदेशी है और यह खुद को साबित करता है। कोरिया जैसे देशों से कुछ महत्वपूर्ण पार्ट्स जरूर मंगाए गए हैं, लेकिन निश्चित रूप से इसे विकसित करने में किसी और देश से मदद नहीं ली गई है।

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