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कोरोना का असर : जापान का मशहूर फ्लॉवर फेस्टिवल रद्द, ट्यूलिप के आठ लाख फूल काटे गए
Sat, 10 Oct 2020 01:03 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, साइतामा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, साइतामा
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 10 Oct 2020 01:03 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
कोरोना का कहर इस बार जापान के फ्लॉवर फेस्टिवल यानि कि फूलों के त्यौहार पर भी पड़ा है। कोरोना की वजह से जापान के साइतामा प्रांत में खिलने वाले फूलों को देखने के लिए ज्यादा लोग नहीं आ रहे हैं। यहां के पार्क सूने पड़े हैं, जो लोग आस-पास रहते हैं वहीं इन पार्क में मनोरंजन के लिए आ रहे हैं।
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साइतामा प्रांत की आबादी 73 लाख है और शरद ऋतु के शुरू होते ही यहां कई सैलानी घुमने आते हैं। यहां स्पाइडर लिली नाम का एक फूल खिलता है, जो आकर्षण का केंद्र माना जाता है। लेकिन अब इन स्पाइडर लिली पर कोरोना वायरस की तलवार लटक रही है।
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प्रशासन का कहना है कि अगर इन फूलों को देखने के लिए ज्यादा लोग आने लगे तो स्पाइडर लिली के 50 लाख फूल काटे जा सकते हैं। गोनेंडो पार्क की देखभाल करने वाले हिरोतो का कहना है कि इस बार कोरोना की वजह हर साल से जोश के साथ मनाए जाने वाले फ्लॉवर फेस्टिवल को इस बार रद्द कर दिया गया है।
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हिरोतो ने बताया कि यह फेस्टिवल अक्तूबर महीेने में शुरू होता है और दो हफ्ते तक चलता है। उन्होंने बताया कि हर साल यहां करीब 20 लाख लोग सैर करने आते हैं लेकिन इस बार प्रांत का ज्यादातर पार्क सुनसान है। हिरोतो ने बताया कि इस समय इन पार्कों में लाल, पीले और गुलाबी समेत कई रंगों के फूल खिले हैं।
इसके अलावा जापान के चिबा प्रांत ट्यूलिप के फूल बहुत ज्यादा मात्रा में होते हैं। जब दुनिया में कोरोना फैल रहा था, तब यहां बहुत बड़ी संख्या में ट्यूलिप के फूल पैदा हुए थे। सकुरा और याम शहर के पार्कों में 100 से ज्यादा तरह के ट्यूलिप के आठ लाख फूल खिले थे।
हालांकि संक्रमण को देखते हुए सभी फूल काट दिए गए, ताकि उन्हें देखने के लिए भीड़ ना उमड़ें और संक्रमण फैलने का डर ज्यादा ना फैले। जापान में अब तक 87 हजार से ज्यादा कोरोना के केस सामने आ चुके हैं।