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USS Iwo Jima: 'तैरता हुआ किला', जिसके जरिए अमेरिका लाए गए निकोलस मादुरो; खासियतें ऐसी जानकर रह जाएंगे दंग
Sun, 04 Jan 2026 04:56 PM IST
राहुल कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकास
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकास
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 04 Jan 2026 04:56 PM IST
सार
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए अमेरिका की तरफ से ऑपरेशन ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ चलाया गया था। अमेरिका के इस ऑपरेशन में 150 विमान शामिल हुए थे। इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी आत्मसमर्पण कर दिया। इस ऑपरेशन में युद्धपोत यूएसएस ईवो जिमा की भी बड़ी भूमिका रही। आइए जानते हैं....
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यूएसएस इवो जिमा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके पद से बेदखल कर दिया है। अमेरिका सेना राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को बंधक बनाकर न्यूयॉर्क लाए हैं। अब वे अमेरिकी हिरासत में हैं। उन पर नार्को-टेररिज्म, ड्रग तस्करी और अवैध हथियार रखने के आरोप हैं।
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राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को शनिवार तड़के काराकास के फोर्ट ट्यूना मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में बंधक बनाया था। मादुरो को पहले एक अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ले जाया गया और फिर उन्हें यूएसएस इवो जिमा युद्धक पोत पर ले जाया गया। इसके बाद मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया गया। मादुरो को ब्रुकलिन में मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर रखा गया है।
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यूएसएस इवो जिमा
इस पूरे ऑपरेशन में एक युद्धक पोत यूएसएस इवो जिमा की भी अहम भूमिका रही है। इवो जिमा (LHD-7) एक बड़ा अमेरिकी नौसेना का जहाज है जो एक मिनी एयरक्राफ्ट कैरियर की तरह काम करता है। यह 840 फीट लंबा है और इसका फ्लाइट डेक 140 फीट चौड़ा है। यह जहाज मरीन, हेलीकॉप्टर, जेट और नावों को साथ लेकर चलता है, जिससे यह सैनिकों और वाहनों को सीधे किनारे पर उतार सकता है।
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यूएसएस इवो जिमा की खासियतें
यह जहाज समुद्र और जमीन दोनों पर हमलों के लिए डिजाइन किया गया है। पोत पर तैनात सैनिकों को समुद्र से जमीन पर तेजी से ले जाया जा सकता है। इस पर स्थायी रूप से मरीन सैनिक तैनात रहते हैं और यह वर्टिकल एनवेलपमेंट रणनीति का समर्थन करता है, जिसके तहत हेलीकॉप्टर और विमान से सैनिकों को दुश्मन के इलाके में उतारा जाता है। यूएसएस इवो जिमा खुद को और अपने क्रू को बचाने के लिए भारी हथियारों से लैस है। इसमें मिसाइल लॉन्चर, रडार-गाइडेड बंदूकें, मशीन गन और दूसरे हथियार हैं। यह समुद्र में तैरता हुआ किला है।
यूएसएस इवो जिमा पर कुल 1208 नौसैनिक और लगभग 1894 मरीन सैनिक तैनात रहते हैं। यह जहाज़ एक साथ बड़ी संख्या में सैनिकों और सैन्य साजो-सामान को ले जाने में सक्षम है। इस पर 20 से 30 हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं, जिनमें सीएच-53 और एमवी-22 जैसे भारी और बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर शामिल होते हैं। इसके अलावा, इस पर 6 एवी-8B या अत्याधुनिक एफ-35B फाइटर जेट भी तैनात किए जा सकते हैं। समुद्र से सीधे सैन्य वाहनों और उपकरणों को उतारने-चढ़ाने के लिए इसमें लैंडिंग क्राफ्ट एयर कुशन की सुविधा भी मौजूद है।
तैरता अस्पताल
इस जहाज के खास फीचर्स इसे बेहद प्रभावशाली बनाते हैं। इसका विशाल फ्लाइट डेक लगातार हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों के संचालन को संभव बनाता है, जबकि वेल डॉक के जरिये समुद्र के रास्ते जहाजों और सैन्य साधनों को लोड किया जा सकता है। आपात हालात और युद्ध के दौरान घायलों के इलाज के लिए इसमें आधुनिक मेडिकल सुविधाएं भी हैं, जो किसी चलते-फिरते अस्पताल की तरह काम करती हैं।
इसे कब बनाया गया था?
इवो जिमा सीरीज का यह जहाज 2001 में कमीशन किया गया था और अभी भी एक्टिव सर्विस में है। यह तीसरा जहाज है जिसका यह नाम है। इसके पिछले वर्जन वियतनाम और दूसरे अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन्स में सर्विस दे चुके हैं। इस जहाज का नाम इवो जिमा पर हुए द्वितीय विश्व युद्ध के प्रसिद्ध युद्ध से लिया गया है, जो अमेरिकी सैन्य इतिहास में बहुत अहम माना जाता है। इसमें मरीन कमांडो, हथियार, वाहन और मेडिकल सुविधा मौजूद रहती है, इस पर हेलिकॉप्टर और एफ-35बी जैसे लड़ाकू विमान उतर और उड़ान भर सकते हैं।
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'बी-1 बॉम्बर समेत ये विमान ऑपरेशन में शामिल'
जनरल केन के मुताबिक, इस ऑपरेशन में एफ-22, एफ-35, एफ-18, ईए-18, ई-2, बी-1 बॉम्बर, सहायक विमान और कई ड्रोन शामिल थे। ये सभी विमान पश्चिमी गोलार्ध में अलग-अलग जगहों से उड़ान भरकर आपस में तालमेल के साथ आगे बढ़े।
कैसे चलाया गया ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व?
उन्होंने बताया कि अमेरिकी बल रात 1:01 बजे (ईस्टर्न टाइम) मादुरो के ठिकाने पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया गया ताकि जमीनी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इस दौरान हेलिकॉप्टरों पर गोलीबारी भी हुई, लेकिन अमेरिकी बलों ने पूरी ताकत से जवाब दिया। एक विमान को नुकसान पहुंचा, हालांकि सभी अमेरिकी विमान सुरक्षित लौट आए।
'पकड़े जाने से पहले मादुरो ने किया था आत्मसमर्पण'
जनरल केन ने कहा कि ऑपरेशन में 'पूरी तरह से सरप्राइज' बनाए रखा गया और वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणालियों को पहले ही निष्क्रिय कर दिया गया था। बाद में मादुरो और उनकी पत्नी ने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद उन्हें न्याय विभाग की हिरासत में लिया गया और 03:29 बजे दोनों को यूएसएस इवो जिमा पर ले जाया गया। जनरल केन ने यह भी कहा कि भविष्य में अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिका इस तरह के मिशन के लिए फिर तैयार रहेगा।
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