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NATO Membership: फिनलैंड करेगा नाटो की सदस्यता के लिए आवेदन, रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच सरकार का बड़ा एलान
Sun, 15 May 2022 04:16 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेलसिंकी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, हेलसिंकी
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 15 May 2022 04:16 PM IST
सार
रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रहे युद्ध के बीच फिनलैंड की सरकार ने नाटो की सदस्यता के लिए आवेदन करने का फैसला किया है।
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फिनलैंड का ध्वज
- फोटो : पिक्साबे
विस्तार
रूस और यूक्रेन के बीच लंब समय से चल रही लड़ाई के बीच फिनलैंड की सरकार ने रविवार को बड़ा एलान किया। इस देश ने नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) की सदस्यता के लिए आवेदन करने का फैसला किया है। इससे पहले यूरोप के दो देश फिनलैंड और स्वीडन सैन्य संगठन नाटो के सदस्य बनने की इच्छा जाहिर की थी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। फिनलैंड के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने गुरुवार को कहा था कि उनके देश को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से उत्पन्न खतरे के कारण बिना देरी नाटो सैन्य गठबंधन में शामिल होने के लिए आवेदन करना चाहिए।
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उधर, क्रेमलिन ने इसे लेकर नाखुशी जाहिर की थी। उसने कहा था कि फिनलैंड के इस कदम से यूरोप में स्थिरता और सुरक्षा नहीं आएगी। यह कदम निश्चित रूप से एक खतरा है। रूस ने चेतावनी देते हुए कहा था कि नाटो में शामिल होने के लिए फिनलैंड का बयान एक शत्रुतापूर्ण कदम है। क्रेमलिन ने कहा था कि वह जवाब देगा, लेकिन यह बताने से इनकार कर दिया कि यह कैसे होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि नाटो सैन्य संपत्ति को 1,300 किमी फिनलैंड-रूसी सीमा की ओर कैसे ले जाता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि रूस को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उत्पन्न होने वाले खतरों को रोकने के लिए जवाबी कदम उठाना होगा। हेलसिंकी को इस तरह के कदम की जिम्मेदारी और परिणामों के बारे में पता होना चाहिए।
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2014 में रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद से फिनलैंड उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के साथ सहयोग के लिए धीरे- धीरे तैयार हुआ है, लेकिन 24 फरवरी के बाद रूस से आक्रमण से यूक्रेन में हजारों लोग मारे गए, शहर तबाह हो गए और लाखों लोगों को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसने फिनलैंड को नाटो में शामिल होने पर सोचने के लिए मजबूर होना पड़ा। इससे पहले इस नॉर्डिक देश ने अपने पूर्वी पड़ोसी रूस के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए नाटो में शामिल होने से परहेज किया था।
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